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शहडोल को रेलवे का मंडल बनाया जाए और DRM कार्यालय स्थापित हो: मनीष श्रीवास्तव

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[शहडोल रेलवे का जंक्शन भी बन सकता है ]
शहडोल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष-मनीष श्रीवास्तव ने रेलवे बोर्ड और केंद्र सरकार से मांग की है कि, बिलासपुर रेलवे जोन के अंतर्गत शहडोल को रेलवे का नया डिविजन बनाया जाना चाहिए और डीआरएम ऑफिस शहडोल में स्थापित हो क्योंकि शहडोल जो कि मध्यप्रदेश का एक संभाग है और देश का एकमात्र आदिवासी संभाग भी है साथ ही शहडोल को रेलवे की तरफ से CIC क्षेत्र (कोल इंसेंटिव कोरिडोर एरिया ) के रूप में देखा और जाना जाता है क्योंकि शहडोल रेलवे का सबडिवीजन है और अंबिकापुर अनूपपुर शहडोल और उमरिया क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कोयला माल गाड़ियों के द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता है।

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि CIC आधारित रेलवे डिवीजन कार्यालय भविष्य में रेलवे के लिए उपयोगी हो सकता है, इतने बड़े माल परिचालन क्षेत्र के लिए अलग से डीआरएम कार्यालय होना चाहिए और नया रेलवे डिवीजन शहडोल बनने से बिलासपुर जोन और बिलासपुर डिविजन पर प्रशासनिक दबाव कम होगा, वैसे भी शहडोल रेलवे का सब डिवीजन पहले से ही है।और इस क्षेत्र से टिकट और रीजर्वेशन से लगभग 200 करोड़ का बिजनेस होता है।
शहडोल क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लगभग 60 से अधिक कोयला मालगाड़ियां लोड होकर लगभग 2.50 लाख टन कोयला जो कि लगभग 200 करोड़ का होता है प्रतिदिन देश के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में जाती हैं।लेकिन इसका कोई भी लाभ केंद्र सरकार ने शहडोल को नहीं दिया और यहां के सांसद और विधायकगण व मध्यप्रदेश सरकार ने भी कभी इस ओर बिल्कुल प्रयास नहीं किया।

मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि शहडोल रेलवे डिविजन बनने से पूर्व प्रस्तावित शहडोल-ब्योहारी रेलवे लाइन जो की सिंगरौली होते हुए हावड़ा को जोड़ती है एवं शहडोल से सीधे जबलपुर,शहडोल से सीधे मंडला, बालाघाट होते हुए गोंदिया नागपुर तक नई रेलवे लाइन बनाई जा सकती है और SECR का शहडोल नया जंक्शन बन सकता है।
शहडोल रेलवे के पास लगभग 100 एकड़ भूमि उपलब्ध है यह निश्चित रूप से डिवीजन कार्यालय बनाने के लिए सकारात्मक माना जा सकता है, इसके अंतर्गत डीआरएम कार्यालय भवन, कंट्रोल ऑफिस, ट्रेन ऑपरेशन सेंटर, लोको कोच मेंटेनेंस सुविधाएं व अन्य संबंधित सुविधाएं व प्रशासनिक परिसर बनाए जा सकते हैं।

मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि शहडोल की स्थिति भी रेलवे मंडल के लिए रणनीतिक है क्योंकि यह कोयला क्षेत्र माल परिवहन और मध्य भारत के रेल नेटवर्क के बीच एक महत्वपूर्ण स्थान है इसलिए शहडोल को रेलवे का डिवीजन (DRM कार्यालय) बनाए जाने में कोई असुविधा नहीं है। शहडोल को रेलवे का डिवीजन बनाते समय अंबिकापुर,अनूपपुर,शहडोल, उमरिया के साथ-साथ ब्योहारी और सिंगरौली रेलवे क्षेत्रों को भी इस डिवीजन में शामिल किया जा सकता है।
लेकिन इन सबके साथ-साथ रेल मंत्रालय स्थानीय सांसद, विधायक गण, मंत्री, मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग और तकनीकी सर्वे व केंद्र सरकार की मंजूरी सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी होगी। तब ही शहडोल रेलवे का नया डिवीज़न कार्यालय (DRM ऑफिस) बन सकेगा।।

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