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MP//REWA//Breaking – जनपद पंचायत हनुमना की सहगन कला पंचायत में हुई सोशल ऑडिट और जनसुनवाई

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जनपद पंचायत हनुमना अन्तर्गत सहगन कला ग्राम पंचायत में 04 सितंबर 2020 को एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी, मीडिया और पंचायत की सैकड़ों  जनता की उपस्थिति में सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा गया। 

   सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के दौरान भारी संख्या में आमजन उपस्थित होकर पंचायत दर्पण और नरेगा की वेबसाइट से प्राप्त आरटीआई की धारा 4 के तहत साझा की गई पुख्ता प्रामाणिक जानकारी के आधार पर वर्क वेरिफिकेशन किया जिसमें पुल निर्माण, नाली निर्माण, पीसीसी सड़क, सुदूर सड़क निर्माण, शान्तिधाम निर्माण, बाउंड्री वाल निर्माण, आवास योजना, टॉयलेट निर्माण, मृतक सहायता आदि योजनाओं में भारी फर्जीवाड़ा देखने को मिला। 

  क्या है सोशल ऑडिट और जनसुनवाई, कैसे होती है?

   बता दें कि आरटीआई की धारा 4 अर्थात वेबसाइट पर प्राप्त जानकारी और अन्य धाराओं 6(1)/6(3)/7(1)/2(जे) के तहत जो जानकारी प्राप्त की जाती है उसके आधार पर संबधित सीईओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देकर जनता सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का कार्यक्रम रखती है जिसके बाद पंचायत अथवा किसी विभाग में हुई अनियमितता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष और कलेक्टर सीईओ को लिखा जाता है। 

   जानकारी के बाबजूद भी नही उपस्थित हुए हनुमना सीईओ मूंगाराम मेहरा

   दिनांक 03 सितंबर 2020 को विधिवत लिखित तौर पर हनुमना जनपद सीईओ मूंगाराम मेहरा सहित हनुमना तहसीलदार और एसडीएम सहित थाना प्रभारी को सूचित किया गया था लेकिन फ़ोन पर सूचित करने के बाबजूद भी कोई भी अधिकारी मौके पर नही आये। बता दें कि सूचना के अधिकार कानून के उल्लंघन और कराधान घोटाले पर संलिप्तता के चलते मूंगाराम मेहरा पर अभी अभी 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया है।

   पीएसीओ रामलोलर मिश्रा आकर लौटा

   सीईओ जनपद हनुमना मूंगाराम मेहरा स्वयं न उपस्थित होकर अपने पीएसीओ रामलोलर मिश्रा को जनसुनवाई और सोशल ऑडिट में भेजा लेकिन रामलोलर मिश्रा रास्ते से ही लौट गया और पत्रकारों द्वारा पूँछे जाने पर कहा कि हमे सीईओ मूंगाराम मेहरा ने वापस बुला लिया है इसलिए वापस जा रहा हूँ।

   सोशल ऑडिट में मिला भारी भ्रष्टाचार, सीईओ जिला और कलेक्टर को हुई शिकायत

   सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के दौराम लगभग सभी पंचायती कार्यों में भारी भ्रष्टाचार दिखा। आकलन के अनुसार लगभग 50 लाख का भ्रष्टाचार दृष्टिगोचर हुआ जिसकी विधिवत जांच कर रिकवरी और दोषी सरपंच मानवती पण्डेय, सचिव एवं रोजगार सहायक सत्येंद्र पण्डेय, पीएसीओ, उपयंत्री, सहायक यंत्री और जनपद सीईओ पर दंडात्मक कार्यवाही की माग की गई है। 

   यदि भ्रष्टाचार पर कार्यवाही और रिकवरी नही हुई तो होगा आंदोलन – एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी

   इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी ने सगहन कला से कमलेश्वर प्रसाद मिश्र और अन्य सैकड़ों ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस बीच सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के दौरान उपस्थित लोगो में कमलेश्वर मिश्रा उर्फ लाला भैया, रमाकान्त मिश्रा, कान्ती प्रसाद मिश्रा, विनय उपाध्यक्ष,  जग्गी कोल, मथुरा कोल, वंश तिवारी, जयलाल साकेत, प्रभाकान्त पान्डेय, राजकुमार कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा, मथुरा कोल , मुखिया कोल, असिगर दादा, कृष्णकुमार मिश्रा, जैतुनिया आदिवासी, आशू भाई , साधूलाल कोल , मोती कोल, ललकू आदिवासी, कुइसी, तीरथ कोल, सुरेश कोल, सुरेश तिवारी, प्रदीप तिवारी, राजाराम कुशवाहा, गुलसेर अंसारी, रेन बहादुर, शिवम सिंह, धुनिया कोल, अजय कुशवाहा, प्रभात कुशवाहा, प्रदीप कुशवाहा, मंत्री कुशवाहा, जग्यनारायण कुशवाहा आदि लोग उपस्थित रहे।

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