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चितरंगी पुलिस की सक्रियता पे उठाये सवाल,रेहदा निवासी श्री प्राणाधार जायसवाल की नही हो रही सुनवाई

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सिगरौली:-(सुधीर सिंह की रिपोर्ट)मामला चितरंगी थाना अंतर्गत रेहदा का है, फरियादी प्राणाधार जायसवाल पिता सरजू जायसवाल उम्र 65 वर्ष है फरियादी और उनके बेटे राजकुमार जायसवाल को आये दिन दी जा रही है जान से मारने की धमकी ,दरसल मामला जमीन विवाद का है जहां प्राणाधार जायसवाल सन 1998 से जमीन के काबिज अर्थात मध्यप्रदेश शासन की जमीन के कब्जे दार हैं विपक्ष चंद्रकली जायसवाल , अरविंद जायसवाल ,चमेलिया, शिवदास जायसवाल ,राजेश जायसवाल,सुनीता जायसवाल द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और आये दिन मारपीट की जाती है ,फरियादी का कहना कि आशा चंद्रकली जायसवाल व उनके साथियों द्वारा मेरी बच्ची रानी जायसवाल खेत पे जाके दादी के साथ पढ़ रही थी तो उनके द्वारा पहुंच कर मेरी बच्ची को पत्थर और हाँथ से मारने लगे

गिराकर,जिसकी सूचना फरियादी द्वारा निवासी थाने में जाकर दर्ज कराई तो आरोपियों के विरुध्द प्राथमिक धारा कायम कर छोड़ दिये,अभी तक उनके विरुध्द चितरंगी पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई ,आये दिन फरियादी राजकुमार जायसवाल, प्राणाधार जायसवाल को जान से मारने की धमकी व झूठे 376 के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है ,इस पूरे कृत्य की शिकायत फरियादी द्वारा जिला कलेक्टर महोदय सिंगरौली को और पुलिस अधीक्षक महोदय को लिखित दी गई है ,लेकिन फरियादी को संतुष्ट जनक कार्यवाही का आस्वासन भी कहीं से नही मिला फरियादी हर वक्त अपने जान को हथेली पे लेके जी रहा है उनका कहना है कि हमे कभी भी जान से मार देंगे उनके द्वारा हमारे खिलाफ साजिश रची जा रही ।क्या इस सब कृत्य के बाद भी प्रशासन अपनी चुप्पी साध के बैठेगा क्या न्याय मांगना गलत है। फरियादी की झोपड़ी भी आशा चंद्रकली जायसवाल व उनके साथियों द्वारा उजाड़ कर सामान दिन दहाड़े उठा ले गए जिसकी शिकायत फरियादी द्वारा थाने में भी की गई है लेकिन पुलिस प्रशासन कि चुप्पी साधने के मतलब कहीं उनका संरक्षण भी तो नही कर रही पुलिस आखिर अपनी गुहार किसके पास लगाए ,फ़रियादि का कहना है कि मैं मीडिया में इस बात को लाकर ए बताना चाहता हूँ कि अगर आये दिन अगर मुझे या मेरे परिवार के किसी सदस्य के साथ कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से पुलिस प्रशासन की होगी ,क्योंकि उनके द्वारा उन्हें संरक्षण मिल रहा है ।

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