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सोशल ऑडिट जनसुनवाई में मीडिया के सामने आई सच्चाई, सचिव बन गया सरपंच और विकास की लाखों राशि का किया बन्दरवाट, रीवा मप्र के त्योंथर ब्लॉक में अमाव पंचायत में आयोजित हुआ सूचना के अधिकार कानून पर जन जागरूकता कार्यक्रम,

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ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का दौर जारी जारी है। इस बीच दिनांक 26 सितंबर 2020 को सोशल एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी, सैकड़ों ग्रामीणों और  मीडिया कर्मियों की उपस्थिति में रीवा मध्य प्रदेश के त्योंथर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत अमाव में आरटीआई जन जागरण सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

      इस बीच काफी ग्रामीण जन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे जिसमे मुख्य रूप से चिल्ला निवासी सामाजिक कार्यकर्ता ददन प्रसाद तिवारी, मधुर मिश्रा, मंदाकिनी मिश्रा, असलेश मिश्रा उर्फ आसे, श्यामलाल केवट, ललिता केवट, सुरेश कोल, मुन्नालाल माझी, कैलाश दुबे आदि सैकड़ों ग्रामीण सम्मिलित थे।

   खाद्यान पात्रता पर्ची और सम्बल योजना की अंत्येष्टि सहायता न मिलने की हुई शिकायतें

   इस बीच उपस्थित ग्रामीणों ने पंचायत पर आरोप लगाया की सरपंच अनिता सेन सचिव राज प्रकाश यादव और सीईओ की तिकड़ी मिलकर जनहितैषी कार्यों को आने वाली राशि का सिर्फ अपने निजी हित के कार्यों में दुरुपयोग कर रहे हैं और शिकायतों के बाद भी प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस बीच उपस्थित बुजुर्ग और महिलाओं ने बताया कि उन्हें राशन पात्रता का कार्ड बनने के बाद भी पात्रता पर्ची जारी नहीं की गई है जिसकी वजह से उनको खाद्यान्न नहीं मिल रहा है जबकि कोरोनावायरस संक्रमण काल में सरकार ने ज्यादातर गरीबों और कार्ड धारकों को खाद्यान्न देना मैंडेटरी कर दिया है। इस बीच उपस्थित बुजुर्ग राम प्रसाद मिश्रा द्वारा बताया गया उनके एकमात्र लड़के की मृत्यु कुछ वर्ष पहले हो गई थी लेकिन अंत्येष्टि सहायता के नाम पर मात्र उनको 5 हज़ार रुपये की राशि दी गई थी जबकि पंचायत दर्पण से प्राप्त रसीद में 10 हज़ार रुपये की राशि की एंट्री दिखाई गई है। इसी प्रकार बुजुर्गों द्वारा यह भी कहा गया की संबल योजना अंतर्गत सरकार द्वारा दी जाने वाली मृत्यु उपरांत 2 लाख रुपये की सहायता राशि भी उन्हें आज 2 वर्ष बाद भी प्राप्त नहीं हुई है। इसके लिए पीड़ितों ने सीधे सरपंच सचिव और रोजगार सहायक पर मनमानी के आरोप लगाए।

   कटे हाथ के गूंगे दिव्यांग ने दिखाई पीड़ा परिवार ने कहा नहीं मिल रही कोई सहायता

    इस बीच एक कटे हाथ के गूंगे दिव्यांग व्यक्ति ने भी अपनी पीड़ा दिखाई और उसकी पत्नी द्वारा बताया गया कि उसके परिवार को न तो कोई खाद्यान्न मिल रहा है और न ही कोई विकलांग पेंशन ही मिल रही है जबकि महिला द्वारा बताया गया कि उसने कई बार पंचायत सरपंच सचिव और रोजगार सहायक के समक्ष जाकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

   प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पटवारी द्वारा की जा रही मनमानी

   इस बीच अमाव ग्राम पंचायत के कई किसानों ने बताया कि वहां के हल्का पटवारी के द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सही तरीके से फीडिंग नहीं की जा रही है जिससे दर्जनों किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं। एक किसान ने बताया कि उनका आईएफएससी कोड गलत फीड होने की वजह से राशि उनके खाते में नहीं आ पा रही है जबकि इसकी शिकायत कई बार पीड़ित द्वारा पटवारी आरआई और तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत की गई है।

   एसडीएम संजीव पांडेय से बात कर एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने कार्यवाही की मांग की

  इस बीच किसानों की समस्या को सुनने के बाद आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने त्योंथर एसडीएम संजीव पांडेय से उनके दूरभाष मोबाइल पर बात की और सोशल ऑडिट जनसुनवाई कार्यक्रम में किसानों की समस्या को अवगत कराया और बताया कि वहां का पटवारी मनमानी कर रहा है जिसकी वजह से किसानों की सम्मान निधि की राशि उनके खातों में नहीं आ पा रही है और गलत फीडिंग अथवा फीडिंग बिल्कुल न होने की वजह से किसान परेशान हैं। इस पर एसडीएम संजय पांडेय के द्वारा कहा गया कि किसान लिस्ट बना लें और जिन जिन की समस्याएं हैं उनको 2 दिन के अंदर निराकरण करवा दिया जाएगा।

   सोशल ऑडिट और जनसुनवाई में सचिव की मनमानी और भ्रष्टाचार रहा मुख्य विषय

   रीवा जिले के त्योंथर ब्लॉक की अमाव पंचायत में आयोजित आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा 4 के तहत सोशल ऑडिट जनसुनवाई एवं जन जागरण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों ने अमाव पंचायत के सचिव और रोजगार सहायक की मनमानी को लेकर शिकायतें की और बताया कि सरपंच अनपढ़ महिला होने की वजह से वहां का सचिव और रोजगार सहायक फर्जी तरीके से राशि आहरण कर अपने निजी और स्वार्थपूर्ण कार्यों के लिए उपयोग कर रहे हैं और कई बार सरपंच को पता भी नहीं चल पाता है। ग्रामीणों ने इस पर उच्चाधिकारियों से कार्यवाही की मांग की है और कहा है यदि 7 दिवस के भीतर कार्यवाही नहीं होती है तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर आंदोलन किया जाएगा।

  सरपंच पति ने भी बताई अपनी पीड़ा, कहा सचिव फर्जी तरीके से करता है राशि आहरण और खोल लिया है कंपनी

    ग्राम पंचायत अमाव के सरपंच पति मोतीलाल सेन द्वारा बताया गया की उसकी पत्नी अनपढ़ है और वह भी ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है जिसकी वजह से सचिव राजप्रकाश यादव द्वारा पूरी कागजी कार्यवाही की जाकर उसके हस्ताक्षर अंगूठा ले लिया जाता है जिसका कि न तो सरपंच अनिता सेन को पता चलता और न ही सरपंच पति मोतीलाल सेन को। इस पर सरपंच पति सेन द्वारा कहा गया कि सचिव यादव ने उसके नाम पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी भी खोल दिया है जिसके माध्यम से राशि का आहरण किया जाता है लेकिन सरपंच पति के द्वारा बताया गया कि आज तक उसको इस कंपनी से कोई भी लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। सरपंच पति ने मीडिया के समक्ष अपनी वीडियो इंटरव्यू में बताया कि सचिव ने गुमराह कर कहा था कि कंपनी खोलो और पंचायत के कार्य के पैसे आने लगेंगे।

   भारत की ढाई लाख से अधिक पंचायतें और 6 लाख से अधिक गांव में ग्राम स्वराज्य लाना हमारा उद्देश्य – एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी

    इस बीच त्योंथर जनपद की ग्राम पंचायत अमाव में ग्रामीणों द्वारा आयोजित की गई सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के कार्यक्रम में आमंत्रित किए गए आरटीआई एक्टिविस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी मीडिया से रूबरू होते समय बताया कि उनका उद्देश्य भारत के पिछड़े ग्रामों में वास्तविक ग्राम स्वराज लाना और मूलभूत मानवाधिकार से जुड़ी हुई योजनाओं, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास स्थापित करवाना है। एक्टिविस्ट ने बताया भारत में ढाई लाख से अधिक ग्राम पंचायतें है और 6 लाख से अधिक ग्राम हैं लेकिन सरकार मात्र कारपोरेट की हो चुकी है और कारपोरेट से प्राप्त चंदे के दम पर पार्टियां अपनी राजनीतिक रोटी सेक रही है और किसानों, ग्रामीणों, और गरीबों को मात्र अपना वोट बैंक का मोहरा बना रही है। एक्टिविस्ट ने कहा कि उनका उद्देश्य जनता को उनके अधिकारों के बारे में सचेत करना है हर गांव में जाकर आरटीआई सूचना के अधिकार के विषय में जनजागरण फैलाना है और साथ में जनता अपने अधिकारों के लिए अधिक से अधिक मुखर हो इस बात पर जोर देना है। कोरोनावायरस समय में एक्टिविस्ट ने जनता से मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए अपील की है।

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