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बंशिका ग्रुप के 8 गुर्रो को बुढार पुलिस ने पकड़ा भेजा जेल

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जिले के लोकप्रिय पुलिस अधीक्षक सतेन्द्र कुमार शुक्ल एवं थाना प्रभारी बुढार महेन्द्र सिंह चौहान की संवेदनशीलता भले ही सत्तासीनो को नागवार गुजरे पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी बुढार महेन्द्र सिंह चौहान के रहते जनता का अहित नही होगा प्रमाणित हो गया। बंशिका ग्रुप के गुर्रो पर मामला दर्ज हुआ और बुढार पुलिस ने बंशिका रेत ठेकेदार के गुर्रों को जेल भेजा |कहते हैं कि चोर के जी थोर के जब तक मानसून सत्र में लगे प्रतिबंध के बावजूद खनन और परिवहन चालू था दबे पाँव जारी उत्खनन में करोडों रूपये का कारोबार कर डाला अक्टूबर आते ही नदियों से रेत तस्कर साहूकारी के लिए कायदे कानून की लिखा पढी और कलम की जगह बेसबाल, लाठी, डंडे ही लेकर कूद पड़े। ऐसे साहूकार विराटनगरी को कभी कभार ही देखने को मिलते हैं। जो साहूकारी मे 50 खदान ले ली पर कायदे कानून गिरवी रख लिए दिन रात खनन और परिवहन। तो शनिवार रविवार को जो हुआ वो तो होना ही था।

शहडोल । आज भी सरकार किसी भी दल की हो बिना जनमत संग्रह से नही बनती, जनता के लिए जनता के द्वारा चुना गया प्रतिनिधि जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंच निराकरण की दहलीज तक पहुंचाने का काम करता है तभी घंटों धूप, पानी, ठंड में मतदान को जनता बूथ पर लाइन में खडी रहती है तो स्वाभाविक रूप से जन सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों के साथ सरकार की भी है के किसी भी हाल में आदिवासी अंचल मे जनता का अहित नही होना चाहिए। वही इसके उलट रेत कारोबारी वंशिका ग्रुप के कर्ताधर्ता मानसून सत्र में लगे प्रतिबंध के बावजूद खनन और परिवहन कर ना जाने कितने जलीय जीव जंतुओं की हत्या कर डाली नदी का सीना छलनी करने के साथ नदियों का मूल स्वरूप बिगाड़ने का काम किया बिना भंडारण क्षमता खनिज विभाग को बतलाएं हजारों बडे ट्रक गोविंदगढ़, रीवा, सतना, छतरपुर एवं यूपी भेजे गए यहाँ 400% महंगी रेत बेची जा रही थी और अब लोगों (जनता) को सरे रह रास्ता रोककर पीटा जा रहा महज इसलिए की ये गुर्गे किसी भी हाल में आदिवासी बाहुल्य इलाके में अपनी धमक दिखाकर बाहुबली का तमगा हांसिल कर ले। इन सबके पीछे तथाकथित विपक्षी दल का विधायक भाजपा शासित प्रदेश में रेत खदान का ठेका लेकर नेतृत्वविहीन इलाके में चाँदी काट रहा था अब ज्यादा बोलने विरोध करने वालों की जुबान….

जिसकी थाना बुढार मे बीते रविवार वंशिका कॉन्ट्रक्शन ग्रुप के 8 कर्मचारियो पर मामला दर्ज किया गया, कर्मचारियों की गुंडागर्दी सीसीटीव्ही पर बेनकाब हुई जिसमे रास्ता रोककर पिता पुत्र के साथ लाठी डंडे बेसबॉल से मारपीट की मामले में बुढार थाना पुलिस ने निष्पक्ष जांच और वायरल वीडियो की बाकायदा तफ्तीश के बाद सरजू पिता जनार्दन बरगाही दोनों की शिकायत पर वंशिका ग्रुप रेत ठेकेदारों के 8 लोगो के विरूद्ध 147, 148, 341, 294, 323, 506 के तहत मामला दर्ज किया तो उधर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे मुरारी एण्ड कंपनी की एक ना चली अब खबरनबीश के माध्यम से थाना प्रभारी बुढार को चेताया भी जा रहा है जिसका वायरल विडियों देखने से स्पष्ट हो जाता है कि शुरूआती दिनों में लगे प्रतिबंध के बावजूद खनन और परिवहन को कायदे कानून की लगातार धज्जियां उड़ाई जाती रही उसी समय रोक दिया होता तो स्वाभाविक रूप से स्थिति नियंत्रण में रहती आज जिले मे भय का माहौल निर्मित हो रहा है जबकि आदिवासी बाहुल्य यह अंचल शांत प्रिय है सरे राह डंडे बेसबाल चौक चौराहों पर लेकर मार पीट पुलिस तंत्र को ही कटघरे में खड़ा कर दिया था लेकिन गुंडो पर दर्ज मामला सारी जनचर्चाओ पर विराम लग गया। वही बुढार पुलिस ने बंशिका रेत ठेकेदार के 8गुर्रो को पकड कर जेल भेज दिया |

गौरतलब हो कि इस मामले में खनिज विभाग, प्रदूषण एवं पर्यावरण विभाग से मिली छूट का नतीजा है वरना बोड्डिहा, रसपुर, लोढ़ी, भटगवां, बटली, कसेड, बटुरा की रेत खनन और परिवहन का करोडों रूपये राजस्व की चोरी और साठगांठ की प्रकाशित खबरों पर एक्शन ना लेना इन वंशिका ग्रुप के लोगों का हौंसला दोगुना कर दिया जिसकी परिणति बेसबाल, लाठी के बाद तमंचे और तलवारें खींची गई की खबरें सामने आ जाएंगी इस बात से इनकार नही किया जा सकता। जबकि कॉरपोरेशन, खनिकर्म भोपाल एवं खनिज विभाग शहडोल मे जमा दस्तावेजों की माने तो लिखे कायदे कानून के परिपालन में ही वंशिका ग्रुप कंपनी की रेत खदान निरस्त हो सकती है। जैसे चूंदी नदी मे फंसी पोकलेन मशीन का मालिक कौन है, भंडारण क्षमता पत्रक बिना जमा कर खनन और परिवहन कैसे बेबाक शक्ति समाचार के पास ऐसे तमाम पहलू पर जीपीएस रीडिंग विडियो फुटेज और दस्तावेज उपलब्ध हैं और कुछ दस्तावेजों को खनिज विभाग के अधिकारियों सहित कर्मचारियों ने नमक का हक अदा करते हुए दबा दिया। बहरहाल जिले में दहशतगर्दों के इस तांडव पर नकेल कसने के लिए बुढार पुलिस के द्वारा किए गए प्रयास की सराहना जिले में की जा रही है।

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