कुपोषित बच्चो को एनआरसी में भर्ती कर उनका उपचार किया जाए: जिपं सीईओ श्री विश्वकर्मापरियोजना अधिकारी डिंडौरी, करंजिया, समनापुर एवं अमरपुर का कटेगा वेतनमहिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक संपन्न हुई

डिंडौरी |जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि पोषण अभियान के अंतर्गत जिले में चिन्हित किये गए अति गंभीर कुपोषित और गंभीर मध्यम कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में अनिवार्य रूप से भर्ती कर उनका उपचार किया जाए। इन बच्चों का नियमित रूप से फाॅलोअप करें, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार आ सके। जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री विष्वकर्मा शुक्रवार को कलेक्ट्रेक्ट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं एवं कार्याे की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमति मंजूलता सिंह, जिला महिला सषक्तिकरण अधिकारी श्री श्याम सिंगौर सहित समस्त परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाईजर मौजूद थे।
जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने कहा कि आंगनबाडी केन्द्रों में नियमित रूप से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। कुपोषित बच्चों को अनिवार्य रूप से पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती करें। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि माह सितम्बर में 870, अक्टूबर में 321 एवं नवम्बर में 199 कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया है। सभी कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती कर उनका उपचार किया जायेगा। जिले के 1910 आंगनबाडी केन्द्रों में स्व-सहायता समूहों के द्वारा बच्चों को पोषण आहार का वितरण किया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने परियोजना डिंडौरी के अंतर्गत तीन आंगनबाडी केन्द्रों में माह दिसम्बर में पोषण आहार वितरण करने में लापरवाही बरतने पर परियोजना अधिकारी डिंडौरी का दो दिवस एवं सेक्टर सुपरवाईजर का सात दिवस का वेतन काटने के निर्देष दिए हैं। इसी प्रकार से पोषण आहार वितरण में लापरवाही बरतने पर परियोजना अधिकारी कंरजिया का भी दो दिवस का वेतन काटा जायेगा। परियोजना अधिकारी समनापुर के द्वारा बिना जानकारी और बिना तैयारी के मीटिंग में आने पर उन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है।
जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने कहा कि आंगनबाडी केन्द्रो में दवाईयों का वितरण नियमित रूप से होना चाहिए। सभी परियोजना अधिकारी एवं सेक्टर सुपरवाईजर यह सुनिष्चित करें कि उनके कार्यक्षेत्र में आने वाले आंगनबाडी केन्द्रो में दवाईयों का समुचित प्रबंध है। उन्होंने कहा कि जिन आंगनबाडी केन्द्रों में दवाईयों की आवष्यकता है, तो डिमांड पत्र भेजा जाए। बैठक में दवाईयों के संबंध में भी विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सभी परियोजना अधिकारी एवं सेक्टर सुपरवाईजर अपने-अपने क्षेत्रों के आंगनबाडी केन्द्रों का भ्रमण कर निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। आंगनबाडी केन्द्रों में दवाईयां, पोषण आहार, दूध इत्यादि की आवष्यकता होने पर आपूर्ति किया जाए। इन कार्याें को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई।
जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा की। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के डाटा प्रस्तुतिकरण में लापरवाही बरतने पर जिला महिला सषक्तिकरण अधिकारी को नोटिस जारी कर एक दिवस का वेतन काटने के निर्देष दिए। धीमी प्रगति होने पर परियोजना अधिकारी अमरपुर का भी एक दिवस का वेतन काटा जायेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर काम करने वाले सुपरवाईजरों को प्रसंषा पत्र जारी करने के निर्देष दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जिले में 7 हजार 146 गर्भवती महिलाओं में से 438 हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया है। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है, जिससे उनका सुरक्षित प्रसव हो सके। आयोजित बैठक में लाडली लक्ष्मी योजना के प्रगति की समीक्षा की गई।
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