क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर सुर्खियों मे फिर आया ब्यौहारी

शहडोल। जिले का ब्यौहारी क्षेत्र हमेशा की तरह फिर एक बार सुर्खियों मे आ गया है लेकिन इस बार अलग जिले को लेकर नहीं ,इस बार हो रहे क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर है, ब्यौहारी में स्वर्गीय पंडित राम सिपाही शुक्ल की स्मृति में अखिल भारतीय क्रिकेट टूर्नामेंट हो रहा है जो प्रारंभ होने से पहले ही विवादों से घिरता नजर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक कल से शुरू होने जा रहे क्रिकेट टूर्नामेंट में पहले तो निरीक्षण करने गए अधिकारी को लेके यह टूर्नामेंट सुर्खियों में आया और अब आमंत्रण पत्र जैसे ही सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो टूर्नामेंट पूरी तरह सुर्खियों में आ गया है क्योंकि इस टूर्नामेंट में जिले के मुखिया को ही आयोजन समिति में रखा गया है जबकि किसी भी निजी कार्य मे उच्च अधिकारियों को आयोजन समिति में रखना गलत है कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। मजेदार बात यह है कि इस टूर्नामेंट को लेके ऐसा लग रहा है कि नेता और प्रशासन मिल के टूर्नामेंट का आयोजन करा रहे है क्योंकि आमंत्रण पत्र में आयोजन समिति के संरक्षक के रूप में सर्व प्रथम जिले के कलेक्टर डॉ सतेंद्र सिंह को रखा गया फिर वही एसडीएम ब्यौहारी पीके पांडेय को भी इस आयोजन समिति मे संरक्षक रखा गया है।
नेता जी भूल गए गाइड लाइन
नेता जी भले ही जिले के व ब्यौहारी के विकास के लिए हमेशा तत्पर है लेकिन वह इस आयोजन को कराने में जीएडी की गाइड लाइन को भूल गए और अपने से ही जिले के संवेदनशील कलेक्टर को और अपने क्षेत्र के एसडीएम को अपने आयोजन समिति का संरक्षक बना दिया। जानकारों की माने तो जीएडी की गाइड लाइन के अनुसार कोई भी राजपत्रित अधिकारी किसी भी निजी कार्यक्रम का आयोजन समिति का संरक्षक, अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी नहीं हो सकता है।
बच्चो को होगी परेशानी
ब्यौहारी स्टेडियम में हो रहे टूर्नामेंट
से प्रतिदिन खेलने वाले बच्चो को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि ब्यौहारी का एकलौता स्टेडियम नेता जी ने अपने कब्जे मे ले लिए है। नेता जी एक दिन ही नहीं पूरे आठ दिन के लिए इसे अपने कब्जे में रखे है। प्रतिदिन खेलने वाले बच्चे आठ दिन के लिए कहा जाएंगे खेलने, यह तो नेता जी ही बता सकते है क्योंकि नेता जी की तो जन्मस्थली भी है।
कलेक्टर ने किया कटाक्ष
ब्यौहारी में हो रहे टूर्नामेंट को लेकर जब जिले के लोकप्रिय कलेक्टर से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि स्वतंत्र देश में स्वतंत्र लोग है जिसको जो लिखना था लिख दिया है लेकिन मै कोई संरक्षक नहीं हूं और न ही मैं किसी भी निजी कार्यक्रम का कभी संरक्षक रहा हूं। आगे उन्होंने बताया कि जब जानकारी मेरे को लगी तो मैंने अपने एस डी एम साहब को भी फटकार लगाई है।

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