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रेत खदानों में दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी भालूमाड़ा के बाद सीतापुर में हुई मजदूर की मौत

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सीतापुर खदान में लोडिंग में लगे वाहन में पर्चियों का मायाजाल,प्रवेश पर्ची सीतापुर की टीपी कट रही बकहि कि कागजों में चल रही सीतापुर खदान

अनूपपुर। प्राप्त जानकारी के अनुसार अनूपपुर सीतापुर खदान में रेत परिवहन में लगे वाहन क्रमांक mp ga 2532 में मजदूर मृतक गोलू सिंह निवासी मेडियारास ड्राइवर गोलू के साथ गाड़ी मालिक ददन कोल निवासी मेडियारास,के वाहन से रात भर रेत का परिवहन किये हैं। व सातवी ट्रिप मारने रेत लोड करने सीतापुर खदान में पुल के पास गाड़ी खड़ी करके रेत लोड कर रहे थे। सीतापुर खदान में रेत निकासी की पर्ची क्रमांक 1836 दिनांक 14 /3/2021 वाहन से मिली है। जिसमे सीतापुर से लोकल परिवहन की पर्ची जिसमे 9:32 मिनट में खदान में प्रवेश की स्वीकृति व 3200/- रुपये नगद प्राप्ति के साथ m 3/5 क्यूबिक मीटर रेत लोड करने की पावती रसीद तो है। पर पर्ची में दर्शित एक कालम टी पी व डब्ल्यू टीपी में यह निर्देशित नही है कि यह वाहन टीपी में लोड हो रहा था या विदाउट टीपी में बहरहाल 9:32 मिनट में खदान में प्रवेश पर्ची की माइनिंग टीपी नही कटी हुई है। सूत्रों की माने तो वाहन क्रमांक एम पी 65 ga 2532 रातभर रेत की 6 ट्रिप ट्रांसपोर्टिंग किया है। मुख्य बात इन 6 ट्रिप में एक भी ट्रिप की टीपी पर्ची सीतापुर खदान की नही है। और सातवी ट्रिप की रेत लोड करने वाहन सोन नदी सीतापुर खदान में पुलिया के पास रेत लोड करने वाहन खड़ा था। जहां मजदूर को अचानक चक्कर मारा और आनन फानन में उसी ट्रिपर वाहन में लोडकर मजदूर को जिला चिकित्सालय ले आया गया। जहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की बहरहाल मौत किस कारण से हुई यह तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा। घटना की जानकारी मिलते ही सीतापुर खदान में लोडिंग में लगे सारे वाहन चंपत हो गए। साथ मे रहे मजदूरों व ड्राइवर के बताए अनुसार मजदूर गोलू सिंह निवासी मेडियारास को चक्कर मारा बेहोश हुआ और मौत हो गयी। मृतक के शरीर मे चोट के कोई भी निशान नही है। बहरहाल मौत किस कारण हुई यह स्पष्ट नही है खबर लिखे जाने तक मौत का कारण अज्ञात है। अनूपपुर जिले में रेत खदान में हुई मौत का यह दूसरा मामला है पहली घटना भालूमाड़ा पसान खदान में हुई है। जिस मामले में अभी तक मर्ग जांच लंबित है। पुलिस को अभी तक यह सुराग नही मिले हैं कि खदान कौन संचालित करवा रहा था। गाड़ी मालिक अजय चतुर्वेदी ने रेत उठाने के नाम पर किसको भुगतान दिया और क्यों दिया। खदान यदि अवैध थी तो कौन वसूली कर रहा था। यह जांच के बिंदु आज भी लंबित हैं।
बहरहाल आज हुई सीतापुर खदान घटना में वाहन क्रमांक mp 65 ga 2532 की एक भी ट्रिप की रॉयल्टी टीपी पर्ची सीतापुर खदान की नही है।

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