मुख्यमंत्री जी आपके राज में धनपुरी नगरपालिका को लूट रहे भ्रष्टाचारी
👉 IAS हो या कोई और आधिकारी मैनेजमेंट के दम पर प्रभारी सब पे भारी।
👉 मुख्यमंत्री जी जनता पूछ रही है कि वो कौन है, जो नहीं चाहता कि सामने आए सच।
👉 मुख्यमंत्री जी आपकी साख पर बट्टा लगा रहें हैं जिम्मेदार।
शहडोल ।जहां क्षेत्र का पढ़ा लिखा एवं योग्य युवा टकटकी लगाए महीनों से इस इंतजार में बैठा है कि जिले की नवगठित नगर परिषद बकहो में विभिन्न स्थाई, अस्थाई व डेली वेजेस पदों में भर्तियों (नियुक्तियों) के लिए विभिन्न समाचार पत्रों में आज नहीं तो कल विज्ञापन प्रकाशित होंगे और तब क्षेत्र का वो पढ़ा लिखा एवं योग्य युवा अपनी योग्यता अनुसार आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा।
लेकिन जहां एक ओर उसका इंतजार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा, वहीं दूसरी ओर पिछले दरवाजे से नियुक्तियां हो जाने की ख़बर उसे झकझोर कर रख देती है।
भाजपा नेता शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने संभाग आयुक्त शहडोल को पत्र लिखकर आरोप लगाते हुए ये कहा है कि जिम्मेदार लोगों का ये कृत्य सरकार की मंशा के ठीक विपरीत है। ये सरकार की साख पर बट्टा लगाने का प्रयास है। पत्र में उन्होने कहा है की नवगठित नगर परिषद बकहो में जिम्मेदार लोगों द्वारा अपने चहेतों को भर्ती कराने का ये पूरा खेल व्यापक पैमाने पर खेला गया, और क्षेत्र का बरोजगार युवा मुंह ताकते बैठा रह गया। ठीक इसी प्रकार नगरपालिका परिषद धनपुरी में दशकों से डेरा जमाए हुए प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी रविकरण त्रिपाठी द्वारा भी वर्षों से अपने चहेतों एवं कृपा पात्र लोगों को अस्थाई एवं डेली वेजेस कर्मचारियों के रूप में नियुक्त कराने का खेल खेला जा रहा है। और यही कारण है कि आज तक अस्थाई एवं डेली वेजेस कर्मचारियों की भर्ती के लिए विज्ञापन जिले के प्रमुख समाचार पत्रों में शायद ही कभी प्रकाशित हुए हों। नगरपालिका धनपुरी में पदस्थ ऐसे कर्मचारियों व कृपा पात्रों की भी कोई कमी नहीं है जो घर बैठे वर्षों से अपना वेतन तो पा रहें हैं पर शायद ही उन्होने कभी कार्यालय में क़दम रखा हो। इस बात की जांच बड़ी आसानी से ही नगरपालिका धनपुरी के विगत 6 माह के CCTV फुटेज से ही की जा सकती है।
उन्होंने पत्र लिखकर मांग की है की नगर परिषद बकहो में गठन के बाद से की गई सभी स्थाई, अस्थाई व डेली वेजेस कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराई जाए जिससे सच समाने आ सके। साथ ही नगरपालिका परिषद धनपुरी में भी विगत 5 वर्षों में कि गई सभी स्थाई, अस्थाई व डेली वेजेस कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की मांग भी की है।
पर जांच तो दूर की बात है, हुआ ठीक इसके विपरीत और अब ताजा घटनक्रम के बाद नगर पालिका धनपुरी को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं का मामला अब और तूल पकड़ सकता है।
मामले को गंभीरता से ले रहे जिले के निष्पक्ष एवं ईमानदार अधिकारी एवं नगर पालिका धनपुरी के वर्तमान प्रशासक अनुविभागीय अधिकारी (SDM) शेर सिंह मीणा को नगर पालिका धनपुरी के प्रशासक की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि मीणा की साफ सुथरी एवं ईमानदार कार्यशैली भ्रष्टाचारियों की राह में रोड़े खडे कर रही थी।
भाजपा नेता शैलेंद्र श्रीवास्तव ने विगत 23 जून को ही संभाग आयुक्त महोदय शहडोल को पत्र लिखकर नगर पालिका परिषद धनपुरी एवं नवगठित नगर परिषद बकहो में नियुक्ति प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की जांच एस.डी.एम. शेर सिंह मीणा जैसे निष्पक्ष एवं ईमानदार अधिकारी को सौंपे जाने की मांग की थी। परंतु निष्पक्ष एवं इमानदार छवि के आई.ए.एस. अधिकारी शेर सिंह मीणा को अचानक प्रशासक के पद से मुक्त किया जाना साफ तौर पर बताता है कि IAS हो या कोई और आधिकारी मैनेजमेंट के दम पर प्रभारी सब पे भारी।
सूत्रों की माने तो IAS शेर सिंह मीणा के प्रशासक नियुक्त होने के बाद से ही नगर पालिका धनपुरी में कार्यरत प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी डरे सहमे हुए थे, कि कहीं उनके रहते भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की कलई ना खुल जाए। बहरहाल लाज़मी है कि इस मामले को यह सवाल तो पूछा जाएगा ही कि आखिर कौन है जो नहीं चाहता कि सामने आए नगरपालिका धनपुरी के भ्रष्टाचार का पूरा सच ?






Subscribe to my channel
Comments are closed.