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श्रेयांश और प्रियांश को मिलेगा न्याय आज 26 जुलाई को आएगा कोर्ट का फैसला

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मासूमों की हत्या के मामले में फैसला आज 26जुलाई, जिले के लोगों को फांसी से कम कुछ मंजूर नहीं 6 वर्ष के जुड़वा भाइयों की निर्मम हत्या का मामला एडी की स्पेशल कोर्ट का फैसला आज,न्याय ऐसा मिले जो बने नजीर मासूमों के हत्यारों को फांसी से कमकुछ नहीं स्वीकार ,श्रेयांश और प्रियांश को मिलेगा न्याय आज 26 जुलाई को आएगा कोर्ट का फैसला। एक स्कूल बस में सवार तेल कारोबारी बृजेश रावत के 6 साल के दो जुड़वा भाइयों प्रियांश और वों श्रेयांश को 2 बाइक सवारों ने गन प्वाइंट पर उस वक्त अगवा कर लिया था, जब वह स्कूल बस से घर लौट रहे थे। अपहरणकर्ताओं ने पहले 2 करोड़ और फिर 20 लाख की फिरोती मांगी थी। फिरौती मिलने के बाद भी आरोपियों ने बेकसूर बच्चों की हत्या कर शव यूपी के बांदा जिले के औगासी घाट में यमुना नदी में फेंक दिए थे।

अखिलेश कुमार शर्मा स्थानीय संपादक बेबाक शक्ति समाचार मो.नं.(7999140850 )

भोपाल /शहडोल/सतना।चित्रकूट के बहुचर्चित सगे जुड़वा भाई श्रेयांश और प्रियांश की स्कूल बस से अगवा करके बेरहमी से निर्मम हत्या करने के मामले में आखिर कार अब फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है।26 जुलाई को कोर्ट फैसला सुनाएगी। जेल में बंद आरोपियों में एक आरोपी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। बाकी हत्या आरोपियों की सजा का फैसला 26 जुलाई को होगा। विगत 12 फरवरी 2019 को सदुरु सेवा संघ ट्रस्ट के अंदर से चलती बस से असलहे की नोंक पर तेल व्यापारी बृजेश रावत के दो मासूम जुड़वां बेटे श्रेयांश और प्रियांश का अपहरण किया गया था और निर्ममतापूर्वक हत्या करके दोनों के शव नदी में फेंक दिए गए थे ।

अब आने वाले फैसले को लेकर के चित्रकूट के लोगों में भारी उत्सुकता देखने को मिल रही है। यहां ठेले वाले हो ऑटोवाले हो माली हो मंदिर के पुजारी हो साधु-संतों स्थानीय लोग हो बच्चे हो सभी को इस न्याय का बेसब्री से इंतजार है। रामघाट में मंदिर के सामने माला बनाने वाले और फूल बेचने वाले माली राजेश सैनी का कहना है कि आज तक हमने ऐसी कृतम घटना कभी नहीं देखी है और ना सुनी है जिस तरह से उन मासूम बच्चों को दरिंदों ने तड़पा तड़पा कर मारा है।  मैं भगवान से यही कामना करता हूं कि उनको न्याय मिले और इन सभी हत्यारों को सूली पर लटका दिया जाए।


रामधाम निवासी युवक बालेंद्र ओझा का कहना है कि चित्रकूट के इतिहास में एक काला अक्षर लिखा गया था, जिस दिन इन बच्चों का अपहरण करके इनकी निर्मम हत्या की गई थी। ऐसे लोगो को फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए।

न्याय व्यवस्था पर भरोसा मत गजेंद्र नाथ शिव मंदिर के पुजारी विपिन तिवारी का कहना है कि भोलेनाथ से यही कामना करते हैं कि जिस तरह से उन दो मासूम बच्चों को तड़पा तड़पा कर इन राक्षसों ने मारा है भगवान भोलेनाथ इन लोगों को भी ऐसी सजा दें जिससे दोबारा कोई  ऐसे मासूमों के साथ ऐसी घटना दोहराने की सोचे भी नहीं हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है जो भी फैसला आएगा वह एक नजीर होगा।

वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी श्याम पटेल का कहना है कि हमने अपनी याददाश्त में ऐसी घिनौनी करतूत कभी नहीं देखी जब बच्चों को स्कूल से उठा लिया जाए और उन की निर्मम हत्या कर दी जाए माता-पिता बच्चों को सबसे सुरक्षित स्कूल में ही मानते हैं अगर स्कूल में ऐसी घटनाएं होंगी तो ऐसे में प्रत्येक मां बाप के जेहन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भाव रहेगा जिससे बच्चों के भविष्य में प्रभाव पड़ेगा न्याय प्रणाली पर हमारा भरोसा है हम यह कामतानाथ से कामना करेंगे कि ऐसा फैसला आए जिससे देश ही नहीं पूरे विश्व में कभी भी कोई मासूमों के साथ शिक्षा लेने के दौरान ऐसी घिनौनी वारदात को अंजाम न दें।
 चित्रकूट मंदाकिनी में नाव चलाने वाले केवट बबली निषाद का कहना है कि इस घटना ने बच्चों के जहन में इतना भर भर दिया है कि आज भी बच्चे रात रात को जाग कर पूछते हैं पापा श्रेयांश-प्रयांश को जिसने मारा है? उनका क्या हुआ क्या अभी जिंदा है? क्या हम लोगों को भी मार डालेंगे। हमारी कामना है कि मंदाकिनी मैया उनको ऐसी सजा दें जिससे बच्चों के जहन से उन राक्षसों का भय जा सके।

20 लाख की फिरौती के बाद भी कर दी थी हत्या
उल्लेखनीय है, वर्ष 2019 की 12 फरवरी को चित्रकूट के नयागांव थाना अंतर्गत एक स्कूल बस में सवार तेल कारोबारी बृजेश रावत के 6 साल के दो जुड़वा भाइयों प्रियांश और वों श्रेयांश को 2 बाइक सवारों ने गन प्वाइंट पर उस वक्त अगवा कर लिया था, जब वह स्कूल बस से घर लौट रहे थे। अपहरणकर्ताओं ने पहले 2 करोड़ और फिर 20 लाख की फिरोती मांगी थी। फिरौती मिलने के बाद भी आरोपियों ने बेकसूर बच्चों की हत्या कर शव यूपी के बांदा जिले के औगासी घाट में यमुना नदी में फेंक दिए थे।


26 माह बाद बंधी न्याय की उम्मीद

इस लोमहर्षक वारदात के 6 आरोपियों को गिरफ्तारकरते हुए पुलिस ने एडी कोर्ट के विशेष न्यायाधीशप्रदीप सिंह कुशवाह की अदालत में वर्ष 2019 की29 अप्रैल को लगभग 6000 पेज की चार्जशीटपेश की थी। विधि विशेषज्ञों के एक अनुमान केअनुसार फैसला 100 पेज से ज्यादा के पृष्ठों परसंभावित है। फैसला चार्जशीट दाखिल होने केलगभग 26 माह बाद आ रहा है। विधि मामलोंके विशेषज्ञों के मुताबिक विलंब कोरोना संकटके कारण हुआ। अतिरिक्त अभियोजन अधिकारी(एडीपीओ) धर्मेन्द्र प्रताप सिंह और फरियादीबृजेश रावत के अधिवक्ता रामरूप पटेल नेदोहराया कि कोर्ट में अपराध सिद्ध होने पर इसक्रूरतम कृत्य के आरोपियों को अदालत से फांसीकी सजा की मांग की जाएगी।

ये हैं आरोपीजिन

5 आरोपियों के खिलाफ फैसला संभावित है,उन आरोपियों में पदमकांत शुक्ला पिता रामकरणनिवासी जानकीकुंड ( रघुवीर मंदिर के पास), राजूद्विवेदी पिता राकेश द्विवेदी निवासी भभुआ (बांदा– यूपी), आलोक उर्फ लकी तोमर पिता सत्येन्द्र– सिंह निवासी तेंदुरा (बांदा-यूपी), विक्रम जीत पिता- प्रहलाद सिंह निवासी जमुई (बिहार) और अपूर्वहै उर्फ पिंटा यादव पिता रामनरेश निवासी मौदहाa (हमीरपुर) शामिल हैं। सभी आरोपी आईपीसी कीमें धारा 341, 364,364 ए, 344,347,328,5 368, 302, 201, 102, 120 aft, 25-27आर्स एक्ट और 11-13 एडी एक्ट के आरोपी हैं।

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