भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

अवैध उत्खनन पर कार्यवाही आम जन की अथाह शक्ति का प्रतीक

283
Above News

अवैध रेत उत्खनन की बड़ी कार्यवाही किस प्रकार हुई
किस प्रकार से पहुंचा था यह मामला सरकार तक
शहडोल :- यह बात अभी तक एक पहेली बनी हुई है कि रेत के अवैध उत्खनन पर इस धमाकेदार कार्यवाही की रूपरेखा आखिर कहां से बननी प्रारंभ हुई ,जिला प्रशासन को आखिरकार किसका फोन आया था वह फोन किसके कारण से हुआ था ?
अचानक आखिर ऐसा क्या‌ हो गया जिसके कारण पूरा जिला प्रशासन ही हिल‌ गया क्योंकि रेत उत्खनन के पीछे काफी जानी मानी हस्तियों का हाँथ था एवं पूर्व में जिला प्रशासन ने भी सारी जानकारी होने के उपरांत भी आखिर चुप्पी क्यों साध रखी थी ?
यह बात तो सभी को भली-भांति सभी को मालुम पड ही चुकी थी कि वंशिका कंपनी के द्वारा ही अवैध उत्खनन किया जा रहा था और यह कंपनी कोई छोटी मोटी कंपनी तो नहीं थी जिसके सामने सब स्वयं को लाचार और विवश पा रहे थे ।
क्या है प्रश्न का उत्तर :- कुछ दिन शांत रहने के बाद आखिरकार प्रमुख शिकायतकर्ता डा प्रणय तिवारी ने स्पष्टीकरण भी जारी कर दिया है एवं माइनिंग विभाग शहडोल से यह भी कहा है कि जब तक की गई संपूर्ण कार्यवाही ,दर्ज एफ आई आर ,जल, जंगल, जमीन के नुक्सान की भरपाई इत्यादि की लिखित प्रति जब तक जिला खनिज प्रशासन उपलब्ध नहीं करवा देता तब तक की गई शिकायत को विलोपित नहीं करवाया जाएगा ।
14 अक्टूबर 2020 को डा प्रणय तिवारी द्वारा पहली शिकायत दर्ज करवाई गई थी जिसमें ब्योहारी और जयसिंहनगर क्षेत्र में वंशिका कंपनी द्वारा किए जा रहे अवैध उत्खनन एवं जल, जंगल, जमीन को हो रही भारी विकट नुक्सान के बारे में लेख किया गया था ।
संचालक भौमिक एवं खनिकर्म की रिपोर्ट यह शिकायत 14/10/2020को L1 अधिकारी प्रमुख खनिज अधिकारी समयलाल गुप्ता के पास आई जिस पर आवेदक से शिकायत को बंद करने को कहा गया था , परंतु विभाग की इस बात से यह बात और भी ज्यादा बिगड़ गई एवं पुनः यही शिकायत अधिकारी खनिज अधिकारी फरहत जहां के पास दिनांक 24/10/2020 को पहुंची परंतु वहां से भी निराकरण नहीं हुआ ,रेत के अवैध उत्खनन के इसी मामले लगातार वाद विवाद का दौर चलता रहा एवं यह L3 अधिकारी 6/11/2020 को जिले के कलेक्टर डा सतेन्द्र सिंह जी के पास ट्रांसफर हुई ,परंतु कार्यवाही का कुछ अता पता ही नहीं चला , कुछ दिन और रुकने के बाद यह शिकायत L4 अधिकारी संचालक संचालनालय भौमिक तथा खनिकर्म विनीत आस्टिन के पास दिनांक 27/11/2020 को पहुंची दिनांक 5/12/2020 को एक निराकरण दिया जाता है कि ग्राम रसपुर एवं बोड्डिहा में 07 रेत के अवैध भण्डारण रसपुर प्रवाहित नदी क्षेत्र में 9000 घनमीटर का अवैध उत्खनन अवैध रेत उत्खननकर्ता रवि सिंह के विरुद्ध एफ आई आर ,बोड्डिहा तहसील ब्योहारी के खसरा क्रमांक 105/2 में अवैध उत्खनन पाया गया पोकलेन मशीन भी जब्त की गई ,परंतु मामला तो संपूर्ण ब्योहारी और जयसिंहनगर का था इसलिए शिकायत कर्ता ने प्रकरण को विलोपित नहीं करवाया इसलिए शिकायतकर्ता पर अच्छा खासा दबाव भी बनाया गया परंतु पूर्ण संतुष्टि ना होने के कारण शिकायत को अभी तक बंद नहीं करवाया जा सका है । गृह मंत्रालय से पत्राचार:- दिनांक 12/07/2021 को कुछ फाइलें अटैच करते हुए वंशिका कंपनी के अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध पुनः एक शिकायत गृह मंत्रालय भारत सरकार (MINHA/E/2021/09002)से की गई जो निरीक्षण हेतु खनिज विभाग म प्र शासन को भेजा गया इसे भी बंद करवाने का दबाव शिकायतकर्ता पर बनवाया गया था परंतु वह प्रयास असफल ही रह गया इस शिकायत के निराकरण अधिकारी संदीप अस्थाना डायरेक्टर सी एम हेल्पलाइन थे ,इस शिकायत में एन जी टी के नियमों के उल्लंघन ,प्रकृति एवं पर्यावरण पहुंच रहे नुक्सान , नदियों पर मंडराते खतरे इत्यादि के बारे में समूचे शहडोल जिले में वंशिका कंपनी के विरुद्ध अवैध उत्खनन के बारे में लिखा गया था एवं यह भी बतलाया गया था कि उत्खनन का विरोध करने वाले पर उल्टे ही एफ आई आर कर दी जाती है । 06/09/2021 को सख्त कार्यवाही हुई का निराकरण प्राप्त होता है परंतु शिकायत कर्ता को जिला प्रशासन की लिखित प्रतिलिपि चाहिए । पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने लिया था संज्ञान:- इसके पूर्व 15/07/2021 को डा प्रणय तिवारी द्वारा केंद्र से पुनः एक शिकायत की जाती है( MOEAF/E/2021/0110 ) जिसे पर्यावरण एवं मंत्रालय सख्त कदम उठाते हुए म प्र राज्य सरकार को देने हेतु विवश हो जाता है एवं यह मामला पहुंचता है दिनांक 28/07/2021 को प्रमुख सचिव फारेस्ट म प्र शासन एवं वन, पर्यावरण , जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भोपाल के क्षेत्रीय अधिकारी के पास जिसकी एक कापी पी सी सी एफ और एफ सी ए सहित शिकायत कर्ता को भी उपलब्ध करवाई जाती है ।
पी .सी. सी .एफ. म .प्र . से करीब 5 से 6 बार बात भी होती है जिसमें उन्होंने कार्यवाही का आश्वासन देते हुए भ्रष्ट सिस्टम के बारे में भी बतलाया था ।कृत कार्यवाही के सम्पूर्ण दस्तावेज की आवश्यकताअभी तक शिकायत को बंद नहीं करवाया जा सका है कारण यह है कि जितने भी कानूनी कदम उठाए गए हैं और जितनी कार्यवाहियां की गई हैं किनके विरुद्ध की गई है ,जितने भी विभाग अवैध रेत उत्खनन से खतरे में आये जैसे पर्यावरण,जंगल, जलवायु,राजस्व इनके अनुसार उचित धाराओं एवं क्षतिपूर्ति व किन किन लोगो के कारण अब तक यह प्रकृति विनाशी खेल चलता रहा इन समस्त मामलों के उचित निराकरण की प्रमाणित प्रतियां ये सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाये जाए तभी संतोषप्रद निराकरण कहलाया जाएगा ।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper