कोयलांचल में कै.श्रीमंत राजमाता सिंधिया को पुष्प अर्पित कर किया याद, सैकड़ों लोग रहे मौजूद
अखिलेश कुमार शर्मा (7999140850 )
शहडोल।कै.श्रीमंत राजमाता सिंधिया की जयंती पर बुढार कालेज चौराहे के निकट राजमाता सिंधिया की जयंती मनाई गई। सिंधिया समर्थक व भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ता राकेश मिश्रा व नसीर राजा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं सहित भाजपा जिला अध्यक्ष कमल प्रताप सिंह, जैतपुर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता व विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष बुढ़ार श्रीमती शालिनी सरावगी, सभापति दीपेन्द्र सिंह दीपू, रविकांत चौरसिया, बुढार नगर परिषद उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र ताम्रकार, सभापति बाबूलाल गुप्ता,वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह अन्नू, सांसद प्रतिनिधि अर्जुन सोनी, भाजपा नेता व पूर्व पार्षद योगेन्द्र सिंह पूर्व मण्डल अध्यक्ष दीपक शर्मा, रमाशंकर कुशवाहा, मण्डल महामंत्री शरद तिवारी, धनंजय मिश्रा मौजूद रहे। इस मौके पर भाजपा नेताओं नें कहा कि भारतीय जनता पार्टी की संस्थापक सदस्यों में प्रमुख राजमाता सिंधिया के कार्यों के लिये भाजपा सदैव याद करेगा। जनसंघ से लेकर 2001 तक राजमाता सिंधिया जी का अनुकरणीय योगदान रहा है। राजमाता अपनें जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य के लिये तमाम ऐसे कार्य किये हैं जो अनुकरणीय हैं। राष्ट्रसेवा के भाव से हमेशा आमजन के लिये तत्परता से मौजूद रहनें वाली राजमाता अपनें कार्य के लिये सदैव जानी जायेंगी। भाजपा जिला अध्यक्ष कमल प्रताप सिंह नें कहा कि देशभक्ति से ओतप्रोत होकर उन्होनें जनसंघ को चुना था राजमाता का देश प्रेम के तमाम उदाहरण है जो सदैव याद किये जायेंगे। विधायक मनीषा सिंह नें कहा कि राजघरानें की महारानी होते हुये भी उन्होनें समान्य जीवन जीते हुये वह सदैव देश की उन्नति प्रगति के साथ जनसंघ व भाजपा की समर्पित कार्यकर्ता थी। विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल गुप्ता नें कहा कि एक आदर्श संगठन के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राजघरानें से होनें के बाद भी उन्होनें सादगी का जीवन जीते हुये प्रदेश में गैर कांग्रेसी सरकार बनानें में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं उनके पोते ज्योतिरादित्य सिंधिया नें कांग्रेस की सरकार को उखाड़कर रख दिया और भाजपा की सरकार बनानें में अहम भूमिका निभाई। राजमाता नें कभी भी पदमोह नहीं किया और त्याग और तपस्या की प्रतिभूति के रुप में उनका जीवन रहा है। उनके अनुकरणीय कार्यों को सदैव याद किया जायेगा। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी सरावगी नें कहा कि राजमाता सिंधिया का ऐसा व्यक्तित्व रहा है कि वह महिला के रुप में दृढ़ निश्चय के साथ जीवन जिया, उन्होनें देश के विकास के लिये तमाम कार्य किये।
गौरतलब है कि विजया राजे सिंधिया का जन्म 12 अक्टूबर 1919 में हुआ था सागर जिले में 12 अक्टूबर 1919 में राणा परिवार में जन्मी विजयाराजे के पिता महेन्द्र सिंह ठाकुर जालौन जिले के डिप्टी कलेक्टर हुआ करते थे। उनकी मां विंदेश्वरी देवी उन्हें बचपन से ही लेखा दिव्येश्वरी बुलाती थी। हिन्दू पंचांग के मुताबिक विजयाराजे का जन्म करवाचौथ को मनाया जाता है।
वह जनसंघ और फिर भाजपा में काफी सक्रिय रहीं।
उनकी बेटियां वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं, जबकि पोते ज्योतिरादित्य सिंधिया नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। इस मौके पर सफल मंच संचालन मण्डल महामंत्री श्रीकृष्ण गुप्ता द्वारा किया गया और आभार प्रगट किया गया।



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