शहडोल को सैनिक स्कूल देने का सपना अधूरा छोड़ गए सीडीएस जनरल बिपिन रावत जीजा जी -कुंवर यशवर्धन सिंह बघेल
सीडीएस जनरल बिपिन रावत और पत्नी मधुलिका रावत की मौत के बाद मध्य प्रदेश के शहडोल में शोक छा गया
आप सब को मेरा 🙏🏻शत शत🙏🏻 नमन🙏🇮🇳🇮🇳भारत देश के वीर योद्धा को मैं विनम्र
श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ 💐💐🙏🙏जय हिंद🙏🙏
अखिलेश कुमार शर्मा ………….
शहडोल।तमिलनाडु के कुन्नूर के पास भारतीय वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया. इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत सवार थे।बताया जा रहा है कि सीडीएस बिपिन रावत अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ वेलिंगटन में डिफेंस स्टाफ कॉलेज जा रहे थे।हेलिकॉप्टर में 14 लोग सवार थे. सूत्रों के मुताबिक 13 शव बरामद कर लिए गए हैं।शहडोल को सैनिक स्कूल देने का सपना अधूरा छोड़ गए सीडीएस जनरल बिपिन रावत।
तमिलनाडु में कुन्नूर के जंगलों में बुधवार दोपहर 12:20 बजे सेना का एमआइ-17व्ही5 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत की मौत हो गई है।सीडीएस जनरल बिपिन रावत जनवरी में अपनी ससुराल शहडोल के सोहागपुर आने वाले थे लेकिन अब वे सभी को रोता छोड़ गए।सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत की मौत के बाद शहडोल में शोक छा गया है।
शहडोल में शोक की लहर ,जनवरी में शहडोल आने का था वादा जनरल बिपिन रावत के छोटे साले कुंवर यशवर्धन सिंह ने बताया कि बीते दशहरे में उनकी मुलाकात जीजा बिपिन रावत और दीदी मधुलिका से हुई थी। वे बेहद खुश थे। जब उनसे मैंने शहडोल आने का आग्रह किया तो उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं जनवरी में शहडोल आउंगा। वे लगभग एक दशक से अपने ससुराल शहडोल नहीं आए थे।हादसे की जानकारी लगते ही मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में भी दुख की लहर दौड़ गई, क्योंकि बिपिन रावत का ससुराल शहडोल के सोहगपुर में है। शहडोल में लोग टीवी के सामने डटे रहे। राज घराने से ताल्लुक रखने वाली मधुलिका सिंह के पिता मृगेंद्र सिंह सोहागपुर क्षेत्र के इलाकेदार थे। घटना के बाद सेना के अधिकारियों ने स्वजनों को शहडोल से दिल्ली बुला लिया है। वहीं उनकी मां को लेने सेना की गाड़ी शहडोल भेजी गई है।
शहडोल को सैनिक स्कूल देने का था सपना
सीडीएस बिपिन रावत के छोटे साले हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि अभी दशहरा के समय उनकी दीदी और जीजा बिपिन रावत से मुलाकात हुई थी। वो जनवरी में शहडोल आने वाले थे और उन्होंने कहा था कि वो शहडोल को एक सैनिक स्कूल देना चाहते हैं।हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद भी जिंदा थे CDS रावत, बताया था खुद का नाम, घटनास्थल पहुंचे वायुसेनाध्यक्ष चौधरी हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद भी जिंदा थे CDS रावत, बताया था खुद का नाम, घटनास्थल पहुंचे वायुसेनाध्यक्ष चौधरी।जानकारी के अनुसार मंगलवार काे मधुलिका ने घर में भाई से बात की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया था कि वे दाे दिन बाहर रहेंगी। सेना की जानकारी गोपनीय होने के कारण उन्होंने यह नहीं बताया था कि वे कहां जाएंगी। रावत की दाे बेटियां हैं। बड़ी बेटी कृतिका रावत की शादी मुंबई में हुई है। वहीं, छोटी बेटी तारिणी रावत अभी पढ़ रही हैं।
कुंवर मृगेंद्र सिंह ने सौंपी थी जिम्मेदारी
देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के निधन की खबर सुनते ही समूचे शहडोल जिले में शोक की लहर दौड़ गई। सोहागपुर गढ़ी में स्वजनों के साथ परिचित एकत्रित होने लगे। जनरल बिपिन रावत की शादी 1986 में शहडोल सोहागपुर के इलाकेदार मृगेंद्र सिंह की मंझली बेटी मधुलिका सिंह से हुई थी। यह शादी सोहागपुर में रहने वाले राजपुरोहित सुनील द्विवेदी ने करवाई थी।
खैरहा गढ़ी के रघुनंदन सिंह ने बताया कि जनरल बिपिन रावत का रिश्ता शहडोल से जोड़ने में मुख्य भूमिका उनके पिता और खैरहा के रियासतदार स्व कुंवर मानधाता सिंह ने निभाई थी। रघुनंदन सिंह सिंह ने बताया कि उनकी बुआ प्रतिभा सिंह की शादी उत्तराखंड के बंजारा स्टेट में हुई थी।
वह देहरादून में रहती थीं। बुआ प्रतिभा सिंह के ससुराल पक्ष की तरफ से ही जनरल बिपिन रावत का रिश्ता था। यहीं से सबसे पहले उनके पिता स्व कुंवर मानधाता सिंह का परिचय जनरल बिपिन रावत से हुआ था।खैरहा के रघुनंदन सिंह ने बताया कि उनके पिता कुंवर मानधाता सिंह और कुंवर मृगेंद्र सिंह परिवार के रिश्ते में भाई-भाई लगते थे। दोनों के बीच संबंध इतने मधुर थे कि ये आपस में सगे भाइयों की तरह रहते थे। अपनी बेटी मधुलिका सिंह के लिए रिश्ता देखने की जिम्मेदारी कुंवर मृगेेंद्र सिंह ने खैरहा के कुंवर मानधाता सिंह को सौंपी थी। जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए कुंवर मानधाता लगातार मधुलिका के लिए लड़के देख रहे थे तभी उनकी बहन प्रतिभा सिंह ने अपने ससुराल पक्ष के रिश्तेदार बिपिन रावत के बारे में जानकारी दी। तब बिपिन रावत सेना में कैप्टन हुआ करते थे।
इनका कहना है
यशवर्धन सिंह ने बताया कि जीजा जी का सपना था कि वे शहडोल को एक सैनिक स्कूल की सौगात दें, यदि वे जनवरी में शहडोल आते तो निश्चित ही यह सौगात शहडोल को मिलती। उन्होंने बताया कि शहडोल से सीधी उनसे बात नहीं हो पाती थी। उनसे बात करने के लिए हमें उनके एडीसी से बात करना होता था। उनके सभी दौरे इतने गोपनीय होते थे कि उनके आने के बाद ही हम लोगों को इसकी जानकारी मिलती थी।
कुंवर यशवर्धन सिंह बघेल शहडोल
जनरल बिपिन रावत का निधन सिर्फ हमारे लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। जनरल बिपिन रावत का रिश्ता शहडोल से जोड़ने में मेरे पिता स्व. कुंवर मानधाता सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई थी। हमारी बुआ के ससुराल पक्ष की रिश्तेदारी रावत परिवार से थी। उन्होंने ही यह रिश्ता कुंवर मृगेंद्र सिंह को बताया था। उनका पूरा परिवार बहुत ही साधारण व्यवहार करने वाला परिवार था।
रघुनंदन सिंह पिता स्व.कुंवर मानधाता सिंह खैरहा
भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत उनकी पत्नी श्रीमती मधुलिका सिंह और सशस्त्र बलों के 11 अन्य शहीद हुए जवानों की दुखद मृत्यु पर कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य ने जिला प्रशासन की तरफ से शोक संवेदना व्यक्त की।















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