आरक्षक ने लगाई फांसी , जैतपुर थाना में था पदस्थ,मौके पर आला अधिकारी पहुंचे
सॉरी मैं न तो अच्छा पति बन सका,न ही पिता??
जमुना मिश्रा (6260843976)
शहडोल । जिले के जैतपुर थाने में पदस्थ आरक्षक ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया ।आरक्षक जिस कमरे में रहता था उस कमरे में लगे सीलिंग फैन में गमछे से फांसी लगाई है । जानकारी के मुताबिक मृतक आरक्षक घनश्याम चढ़ार, सागर जिले का रहने वाला है ।उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष की थी। जैतपुर थाने में वह पिछले 2 सालों से पदस्थ था। आरक्षक थाने में ऑफिस के काम काज देखा करता था । गुरुवार की सुबह खाना बनाने वाला व्यक्ति आरक्षक घनश्याम के घर पहुंचा तो उसका दरवाजा खुला हुआ था दरवाजा खोलते ही आरक्षक का शव फांसी के फंदे में लटका देख कर वह तत्काल थाने पहुंच और इसकी खबर थाना प्रभारी सुदीप सोनी को दी। थाना प्रभारी खाना ने सूचना मिलते ही अपने दल बल के साथ तहसील कार्यालय के पीछे घनश्याम के घर पहुंचे, जहां आरक्षक फांसी के फंदे पर लटका हुआ था । मामले की विवेचना शुरू कर दी गयी है। सूत्रों के मुताबिक आरक्षक के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें आरक्षक ने लिखा है कि मैं ना तो अच्छा पति और ना अच्छा पिता बन पाया और बच्चे के लिए उसने सॉरी का शब्द उपयोग किया है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों की पहुंचने का इंतजार अभी मौके पर किया जा रहा है






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