MP//Rewa// RES अधीक्षण यंत्री RS धुर्वे को सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने जारी किया 25 हज़ार रुपये जुर्माने का कारण बताओ नोटिस// सूचना आयुक्त राहुल सिंह की फिर एक बड़ी कार्यवाही// RTI एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी की याचिका पर हुई बड़ी कार्यवाही// संभागीय स्तर के बड़े अधिकारी को जारी हुआ कारण बताओ सूचना पत्र// इसके पहले डिप्टी कमिश्नर केपी पांडेय पर भी लग चुका है 25 हज़ार रुपये का जुर्माना।।
मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने एक बार फिर बड़ी कार्यवाही की है। रीवा संभाग के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधीक्षण यंत्री आर एस धुर्वे को सूचना के अधिकार कानून के उल्लंघन पर 25 हज़ार रुपये जुर्माने का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह मामला 20 दिसंबर 2021 को सूचना भवन अरेरा हिल्स में सुनवाई के दौरान प्रकाश में आया था जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के द्वारा लगाई गई एक आरटीआई में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रीवा के लोक सूचना अधिकारी एवं अधीक्षण यंत्री आर एस धुर्वे के द्वारा 55 मुख्यमंत्री सड़कों के विषय में चाही गई जानकारी के तारतम्य में आरटीआई को कार्यपालन यंत्री संभाग क्रमांक 1 एवं कार्यपालन यंत्री संभाग क्रमांक 2 को अंतरित कर दिया गया था परंतु जहां संभाग क्रमांक 1 से जानकारी आवेदक को उपलब्ध करवाई गई वहीं संभाग क्रमांक 2 के कार्यपालन यंत्री एवं डीम्ड पीआईओ के द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई जिसके बाद आवेदक ने मामले की प्रथम अपील की एवं प्रथम अपील की सुनवाई में स्वयं अधीक्षण यंत्री आर एस धुर्वे ने आदेश दिया कि आवेदक को जानकारी उपलब्ध करवाई जाए परंतु उसके बावजूद भी स्वयं उन्हीं के प्रभार में रहे ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक 2 के कार्यालय से एक बार पुनः जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई जिसके बाद आवेदक के द्वारा मामले की द्वितीय एवं अंतिम अपील मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग में की गई जिसकी सुनवाई 20 दिसंबर 2021 को नियत की गई। सुनवाई के दौरान अधीक्षण यंत्री श्री धुर्वे के द्वारा बताया गया कि उन्होंने जानकारी देने के लिए आदेशित किया था लेकिन सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने पूछा कि जब आप स्वयं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक 1 एवं 2 में कार्यपालन यंत्री के प्रभार में थे और साथ में अधीक्षण यंत्री के भी प्रभार में थे तो यह जानकारी आप की पहुंच में होनी चाहिए थी लेकिन जिस प्रकार आप ने धारा 6(3) का गलत उपयोग करते हुए मात्र पोस्टमैन की तरह पत्र को इधर से उधर अंतरित किया है ऐसे में साफ जाहिर है कि आपकी मंशा जानकारी उपलब्ध करवाने की नहीं थी इसलिए क्यों न आपके ऊपर 25 हज़ार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया जाए। इस प्रकार जुर्माना अधिरोपित करने की सूचना के साथ आयोग ने अगली सुनवाई 24 जनवरी 2022 को नियत की है।
*इस मामले में क्या कहना है एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी का*
मामले में जब एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हालांकि मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह के द्वारा निरंतर बड़े स्तर पर कार्यवाही की जा रही है और किसी भी मामले में यदि आरटीआई कानून का उल्लंघन हुआ है तो जुर्माने एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है लेकिन इसके बावजूद भी रीवा संभाग में लोक सूचना अधिकारियों के द्वारा आरटीआई कानून को हल्के में लिया जा रहा है और आवेदकों को निरंतर परेशान किया जा रहा है। श्री द्विवेदी ने मांग की है कि आयोग जहां जुर्माने की कार्यवाहीयां करें वहां 15 दिवस के भीतर जुर्माने की राशि संबंधित अधिकारियों से वसूले जाने के यत्न करे जिससे पी आई ओ को हाईकोर्ट जाकर स्टे लगाने का समय ही न मिल पाए। क्योंकि आज सबसे बड़ा फैशन यह चल पड़ा है कि जैसे ही आयोग लोक सूचना अधिकारियों के ऊपर जुर्माने की कार्यवाही करता है वैसे ही पीआईओ हाईकोर्ट जाकर रिट पिटिशन दायर कर देते हैं और स्थगन आदेश लेकर आ जाते हैं जिससे आयोग के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है और अधिकारी आरटीआई कानून को हल्के में ले रहे हैं।



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