कहीं महिला तो कहीं घर में लगी आग से बचा परिवार न्याय पाने भटक रहा दर-दर
अपराधियों भू माफियाओं के सामने लाचार बेबस पुलिस…..?
तो क्या थानों में नहीं दर्ज होता भूमाफिया-अपराधियों पर मामला…?
जब से पुलिस अधीक्षक ने पदभार ग्रहण किया है तब से जिले में अपराधियों भू माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर कई बड़ी कार्यवाही की है एवं निरंतर कार्यवाहीया होते ही जा रही है वही शहडोल जिल के थानों की अगर बात करें तो थानों में बैठे थाना प्रभारियों की दबंगई भी देखने को मिल रही है जहां थाना क्षेत्र अंतर्गत की जनता न्याय पाने के लिए थाने से लेकर पुलिस कप्तान तक पहुंच रही है लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा आखिर क्यों क्या है कारण जहां एक और पुलिस कप्तान अभियान चलाकर कार्यवाहीया करते दिख रहे हैं वहीं थानों में बैठे थाना प्रभारी भू मफिया एवं अपराधियों को संरक्षण देने में जुटे हैं ऐसे में पुलिस कप्तान अवधेश कुमार गोस्वामी की मंशा पर थाना प्रभारी पानी फेर रहे है ।संवेदनशील पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार गोस्वामी जी आप की जनता कर रही न्याय की गुहार महिला राधिका केवट के सम्मान की रक्षा करेगा कौन आखिर भू माफिया शिक्षक रामनिवास पर कब होगा मामला दर्ज ……?
शहडोल।यह पुलिस का कैसा रूप एक पुलिस अभियान चलाकर अपराधियों भू माफियाओं पर कर रही कार्यवाही । तो कहीं अपराधियों भू माफियाओं को संरक्षण दे रही पुलिस ।थाने में बैठे पुलिस साहब के कारनामों पर कौन देगा ध्यान ।अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या थानों में बैठे थाना प्रभारी पुलिस कप्तान के कड़े आदेश निर्देश नहीं मानते या फिर न्याय की गुहार लगाने वाली जनता की आवाज पुलिस कप्तान तक नहीं पहुंच पा रही आखिर ऐसा क्यों हो रहा है की थाना क्षेत्र की जनता पुलिस कप्तान के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंच रही है क्या थाना से उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और थाने से अगर न्याय नहीं मिल रहा तो क्यों नहीं मिल रहा है यह सबसे बड़ा प्रश्न चिन्ह है पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के लिए ……..?
बुढार थाने का मामला
रूंगटा निवासी राधिका केवट ने पहले बुढार थाना व धनपुरी अनुविभाग मे की शिकायत जब थाने व अनुविभाग से न्याय नही मिला तो राधिका केवट न्याय की गुहार लगाने पहुची जिले के संवेदन सील पुलिस कप्तान अवधेश कुमार गोस्वामी के पास दिया शिकायत पत्र । रूंगटा निवासी राधिका केवट ने अपने शिकायत पत्र मे लिखा की भूमाफिया शिक्षक राम निवास शर्मा और रामगोपाल शर्मा दोनो छाँटा के निवासी हैं दबंग व्यक्तियों द्वारा राधिका केवट से ग्राम बिरूहली प.ह. बिरूहली की आराजी खसरा क्रमांक 795/3,795/2 एवं 792/2कुल रकबा 0.91डिसमिल,आराजी के विकय का अनुबंध 5,00000/-(पाँच लाख रूपय) में,दिनांक 11.08.2020 को निष्पादित कराया था। उक्त अनुबंधित राशि के 3,00000/-(तीन लाख रूपये) यूनियन बैक बुढार के चेक कमांक 030772 के माध्यम से प्राप्त कर लिये थे,शेष 2,00000/-(दो लाख रूपये )भी एक सप्ताह पश्चात चेक क्रमांक 030774 यूनियन बैक बुढार के माध्यम से प्राप्त कर लिये थे। व्यक्तियो द्वारा अनुबंधित आराजी का सम्पूर्णप्रतिफल प्राप्त करने के पश्चात अनुबंधित आराजी 0.91डिसमिल मे से केवल 0.62डिसमिल आराजी का ही विक्रय पंजीयन कराये शेष 0. 29डिसमिल का पंजीयन कराने में आना कानी कर रहे है।राधिका केवट बार बार आना जाना नही कर सकती है अपने पुत्र जय प्रकाश के साथ दिनांक 20.08.2021 को रामनिवास शर्मा शिक्षक से शेष अनुबंधित आराजी 0.29 डिसमिल के विकय पंजीयन के लिए कही तो रामनिवास शर्मा भूमाफिया शिक्षक राधिका केवट को गाली गलौच करते हुए खेती करने से मना करने लगे और हटा दिये और बोले जो करना हो कर लो जमीन नही दूंगा, और अब दोबारा आओगे तो जमीन मे गडवा दूंगा कही पता नही चलेगा, रामिनवास शर्मा भूमाफिया शिक्षक राधिक केवट के पति से एक कागज पर दस्तखत ले लिये, दस्तखत लेने के लिए गांव के 5-6 लोगो को लेकर जिसमें बबलू यादव,राजेश,मनोज,पप्पू सिह,गुडडू, आदि को लेकर आये थे, मेरे पति पढे लिखे नही है केवल दस्तखत करना जानते है,कागज मे क्या लिखे थे,इसके बारे मे मेरे पति नही जानते और कहते है कि,हम पैसा लौटा दिये है,अब जमीन नही देगें।राधिका केवट ने शेष अनुबंधित आराजी 0.29 डिसमिल का पंजीयन नही कराने व गाली गलौच करने व जान से मारने की धमकी देने व राशि हडप कर जाने के कारण दोषी भूमाफिया शिक्षक राम निवास शर्मा और रामगोपाल शर्मा दोनो छाँटा के निवासी हैं के विरूद्ध दण्डात्मक कानूनी कार्यवाही करने की पुलिस कप्तान अवधेेेश कुुुुमार गोस्वामी से न्याय की गुहार लगाई।
गोहपारू थाने का मामला
बहोरी केवट पिता रामसहाय केवट उम्र 37 साल निवासी नवा टोला थाना गोहपारू का रहने वाला पहुंचा पुलिस कप्तान के पास पीड़ित बहोरी केवट ने बताया कि में अपनी निज निवास घर मे परिवारसहित सो रहा था, दिनांक 18/2/22 की रात करीब 1.40 बजे रामखेलावन केवट आया और दरवाजा की सकल को बजाया और बोला भाई घर से बाहर निकल, इस पर मेरी पत्नी के व्दारा कहा गया कि रामखेलावन केवट विवाद करने के लिए आया है एक बार विवाद कर चुका है मै देखती हूँ ऐसा कहते हुये आवेदक की पत्नी सुशीला केवट दरवाजाखोलने के लिए आयी जिस पर बाहर से साकल बन्द थी। उसी वक्त पेट्रोल की गंध आया जिस पर मेरी पत्नी ने कहा कि पेट्रोल कहां महक रहा है जिस पर मैंने ने कहा कि घर के नजदीक सडक है आने जाने वाले के गाडी की महक होगी। इसी बीच अचानक मेरा घर आग की लपेट में आ गया देखते देखते आग बेकाबू हो गई। तो हम लोग की बचाओ बचाओ की गोहार सुन कर आस पड़ोस के लोग एकत्र होकर दिलीप केवट के व्दारा दरवाजा की साकल खोला गया जिस पर मैं और मेरा परिवार अपनी जान बचाने के लिए घर के बाहर निकले।
यदि मौके से लोग नही आते तो निश्चित रूप से रामखेलावन केवट के द्वारा मेरे परिवार सहित मुझे जिंदा जला देता ।मेरे द्वारा घटना की रिपोर्ट थाना गोहपारू मे की गई जहां पर पदस्थ पुलिस वाले के व्दारा बताया गया कि अग्नि काण्ड की रिपोर्ट दर्ज नही होती है न ही कोई अपराध ही बनता है ऐसा कह कर मुझे थाने से वापस कर दिया गया यह कहा गया कि जिनके व्दारा आग बुझाया गया व साकल खोली गई आदि को लेकर आना जिस पर मैं पुनः थाना गोहपारू गया जहा पर मेरी रिपोर्ट आरक्षक खुमान सिंह के व्दारा लेख कर व जांच करने का आश्वासन दिया गया किन्तु एक लम्बा समय बीत जाने के बाद आज दिनांक तक थाना गोहपारू की पुलिस के व्दारा कोई कारगर कार्यवाही नही की गई जिसके कारण विवशतः पुलिस कप्तान के समक्ष रिपोर्ट करना पड़ रहा है। आग लगाने से मेरा करीब 50 हजार रूपये का नुकसान हुआ है। बहोरी केवट एवं रामखेलावन केवट के मध्य जमीन का विवाद काफी समय से चल रहा है जिस कारण से रामखेलावन केवट के द्वारा मेरे से व परिवारजन से रंजिश रखता है। और उसी रंजिश के चलते वह मुझे मेरे परिवार सहित खतम कर मेरी पैतृक भूमि को हडप करना चाहता है।यदि आरोपी के उक्त कृत्य पर रोक नही लगाई जाती है तो वह किसी पल भी मेरे साथ एवं मेरे परिवार जनों के साथ कोई अप्रिय बारदात कारित कर सकता है। जिले के संवेदनशील पुलिस कप्तान से मेरी मांग है कि मेरी रिपोर्ट दर्ज की जाए तथा रामखेलावन केवट के खिलाफ सख्त कानूनी कड़ी कार्यवाही की जाए।





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