MP//Rewa: सड़क के बाद अब बिजली पानी की समस्या, कैसे पूर्ण होगा नेवरिया में मतदान// गांव का एकमात्र 100 केवी का ट्रांसफार्मर महीने से जला, लोग तरस रहे बूंद बूंद पानी को// स्कूली बच्चों का जीवन भी अब बरसात में संकट में// 01 जुलाई 2022 को होने वाला मतदान भी प्रश्न के दायरे में//

रीवा मध्य प्रदेश का एक बहुचर्चित ग्राम नेवरिया जहां अभी पिछले दिनों सड़क समस्या को लेकर मतदान केंद्र अलग किए जाने की मांग उठी थी वहीं अब पता चल रहा है कि पिछले महीने भर से जले हुए ट्रांसफार्मर के चलते आगामी 1 जुलाई 2022 को होने वाले मतदान पर भी संकट उत्पन्न हो गया है।
*गांव में एकमात्र 100 केवी का है सार्वजनिक ट्रांसफॉर्मर, वह भी जला*
मामला रीवा जिले के गंगेव जनपद अंतर्गत एवं कटरा विद्युत वितरण केंद्र के ग्राम नेवरिया का है जो कि सेदहा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि वहां पिछले 1 माह से अधिक समय से गांव का एक मात्र 100 केवीए का ट्रांसफार्मर जला हुआ है इसके विषय में ग्रामीणों ने काफी प्रयास किए और बिजली विभाग से गुहार भी लगाई लेकिन आज दिनांक तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। ट्रांसफार्मर न बदलने के पीछे कोई पुख्ता कारण नहीं दिया गया है लेकिन पूंछने पर उपभोक्ताओं के द्वारा बताया गया कि बिजली बिल बकाया भी एक कारण हो सकता है। लेकिन जानकारी लेने पर पता चला कि गांव के 90 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं ने बिजली का बिल भर दिया है लेकिन फिर भी बिजली विभाग के द्वारा ट्रांसफॉर्मर नही बदला जा रहा है।
*मतदान पर भी उत्पन्न हो सकता है संकट*
गंगेव जनपद के पंचायती क्षेत्रों में 1 जुलाई 2022 को मतदान होने वाला है और नेवरिया स्कूल को 1000 से अधिक मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र बनाया गया है। और अब सड़क के बाद बिजली पानी की समस्या को लेकर नेवरिया के ग्रामीण मुखर हुए हैं। इससे यह अंदाजा तो भलीभांति लगाया जा सकता है कि विकास के तराजू में सेदहा पंचायत का नेवरिया ग्राम कितना अधिक पिछड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि 100 केवी का जला हुआ ट्रांसफॉर्मर 1 जुलाई के पूर्व नही बदला गया तो मतदाताओं को बिजली के साथ साथ पानी की भी समस्या हो जाएगी।
*इन ग्रामीणों ने तत्काल ट्रांसफॉर्मर बदलने की उठाई माग*
ग्राम नेवरिया से चंद्रमणि त्रिपाठी, मुनीश्वर त्रिपाठी, शिवेंद्र त्रिपाठी, विजय त्रिपाठी, जयप्रकाश त्रिपाठी, मनेंद्र त्रिपाठी, इंद्रलाल त्रिपाठी, इंद्रमणि त्रिपाठी, पुष्पराज त्रिपाठी, रामनिवास त्रिपाठी, श्रीकांत त्रिपाठी आदि ने बताया कि पिछले महीने भर से ट्रांसफॉर्मर जला हुआ है जिसकी वजह से ग्रामीणों ने पूरी गर्मी दूर कई किलोमीटर से पानी ढोया है। बिजली न होने से पानी की भी दिक्कत बनी हुई है। बिजली विभाग मनमानी करने पर उतारू है। गांव के 90 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं ने बिजली बिल जमा किया है इसलिए वह बिजली के हकदार हैं लेकिन विभाग ट्रांसफॉर्मर नही लगा रहा है। ग्रामीणों ने कहा है कि अब यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह मतदाताओं की बिजली पानी की सुविधा हेतु 100 केवी का जला हुआ ट्रांसफॉर्मर लगवाए।
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