नेटवर्कर शिक्षक भोला कहते हैं नो प्रॉब्लम अधिकारी मेरा कुछ नहीं कर सकते
स्कूल के बच्चों को छोड़ शिक्षक भोला नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर कर रहे लाखों का फर्जीवाड़ा
अखिलेश कुमार शर्मा मो.-7999140850
शहडोल। एक तरफ जहां कमिश्नर संभाग श्री राजीव शर्मा ने कहा कि आप ऐसे शिक्षक हैं, जो ना अपनी गरिमा समझते है, ना ही अपना महत्व समझते हैं, ना ही ताकत को समझते हैं।उन्होंने कहा कि आपके हाथों में भारत का भविष्य है, आप शिक्षक 24 घंटे कल का समाज बना रहे हैं।कमिश्नर ने कहा कि शिक्षक अगर कर्मठ होगा तो विद्यार्थी भी कर्मठ होंगे, शिक्षक अपनी गरिमा को पहचानने तथा अपना महत्व समझते हुए बच्चों को कर्मठ एवं अनुशासित बनाएं।वहीं दूसरी तरफ एक मामला ऐसा भी जिले में सामने आया है।
मामला कुछ इस प्रकार
जिले के बुढ़ार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धनगांव का है जहां पर भोला सिंह उईके शिक्षक जोकि कई वर्षों से शासकीय प्राथमिक पाठशाला पाड़खेर संकुल बिरहुली विकास खंड बुढ़ार में वर्ग 3 में सहायक अध्यापक के पद पर पदस्थ है जिनके द्वारा अपने ही गांव में फर्जी नेटवर्क मार्केटिंग का हवाला देते हुए वहां के गरीब मजदूरों के साथ लाखों की ठगी कर रहे हैं। कहने को तो भोला सिंह शिक्षक है ।किंतु इनके द्वारा सिर्फ और सिर्फ नेटवर्क मार्केटिंग और दुनिया भर के तरह-तरह की फर्जी कंपनियों का प्रचार इनके द्वारा किया जाता है जिनका नाम बता कर इनके द्वारा ग्रामीण लोगों से लाखों रुपए फर्जी तरीके से आहरण कर रहे हैं।गांव एवं गांव के बाहर ऐसे कई लोगों के साथ लाखों की ठगी की गई।वर्ष 2015 से 2017 तक साई प्रकाश प्रा0लि0 कंपनी जिसके संस्थापक पुष्पेन्द्र सिंह बघेल मानपुर निवासी थे। उनके ग्रुप मे ज्वाईन करके यही आर0डी0/ एफ0डी0 का काम इन्होने (भोला सिंह उइके) सहायक अध्यापक शासकीय प्राथमिक पाठशाला पाड़खेर ने किया। वर्ष 2017 से 2018 तक टयूलिप मेगा मार्ट जिसकी हेड आफिस गाॅंधी नगर गुजरात में थी। उस कम्पनी के साथ मिलकर लाखों रूपये की ठगी भोला सिंह उइके के द्वारा की गई ट्यूलिप मेगा मार्ट के संस्थापक मिस्टर जैन थे जो कम्पनी बंद करके बीच मे विदेश भाग गए थे। इस कम्पनी में एक साधारण शर्ट ,पैंट, बैग का कपड़ा देकर 3000/- रूपये लिए जाते थे, और लोगों को ग्रुप से जोड़ने का कार्य किया जाता था। भोला सिंह उइके ने लगभग 160 से 165 लोगों को अपने नीचे अपनी ही आई0डी0 से ज्वाईन कराया था। जो नही करना चाहते थे उन्हे बार-बार बड़े बड़े मिथ्या प्रलोभन देकर लालच में ज्वाईन करवाया जाता था जो मजदूर 8 से 10 घण्टे मजदूरी कर रहा है उसे क्या पता कि महीने का 3000/- रूपये उसका मिथ्या प्रलोभन मे जा रहा है। वह मजदूर बेचारा अपने घर के निजी आवश्यकताओं से पैसे काट कर या बचाकर 3000/- रूपये भोला सिंह उइके को देता था। जिसमे कुछ नाम जैसे प्रीतम सिंह,माधव सिंह आदि थे। वर्ष 2018 से अब तक भोला सिंह उइके आर0सी0एम0 जो कि राजस्थान भीलवाड़ा की कम्पनी है, इस कम्पनी के उपर पिछले कुछ वर्षों पहले आरोप खाद्य विभाग द्वारा यह कहकर लगाया गया कि यह कम्पनी गरीब एवं बी0पी0एल0 कार्ड वाले लोगों को जो गेंहू दिया जाता है उस गेंहू को यह सरकारी सोसाइटियों से बोरे-बोरे भर कई क्विंटल/टन खरीद लिया जाता था और उसे पिसवाकर यह आर0सी0एम0 का ब्रांड छापकर माकेर्ट मे बेचता था जिसके कारण कई समय तक कम्पनी बंद रही फिर कम्पनी चालू हुई है 2018 के पहले का यह वाक्या है। उक्त कम्पनी मे भोला सिंह उइके ने कई लोगों को ज्वाईन कराया जिस स्कूल में जिस समय शासन ने पढ़ाने का निधार्रित समय लिखा है 10ः00 बजे सुबह से सायं 04ः00 बजे तक उस समय यह लोगो को आर0सी0एम0 का पेन बेचना नाॅन प्रोडेक्ट तेल को अमृत तेल कहकर बेंचना एवं लोगों केा बार-बार इसे खरीदने के लिए मजबूर करना भोला सिंह उइके ने किया।
शिक्षक या झोलाछाप डॉक्टर…
लगभग 15 वर्षों से झोला छाप डाॅक्टर बनकर लोगो की जिंदगी के साथ भोला सिंह उइके खेल रहे हैं जिसमें ये किसी मेडिकल की पर्ची उठाकर उसी पर्ची मे दवा लिखकर उसी दुकान भेज देते हैं। आजकल 5000/- से 10,000/- रूपये का रजिस्ट्रेशन बडे-बडे़ शहरों से जैसे जबलपुर ,भोपाल, इंदौर का रजिस्ट्रेशन बनवाना कोई बड़ी बात नही है, लेकिन इनको बाॅटल चढ़ाने ,इन्जेक्शन लगाने और दवाई लिखने का अधिकार यदि रजिस्ट्रेशन दे देती है तो मुझे यह कहने में कोई हिचक नही होगी कि हमारे देश का कोई भी युवक बेराजगार नही है। वे सभी एक डाॅक्टर ही हैं।
स्कूल से रहते नदारद कैसे मिलेगी शिक्षा…
शासन के द्वारा दी जा रही बच्चों को अच्छी शिक्षा देने एवं उनके पोषण आहार के लिए भोजन की व्यवस्था एवं उस पोषक आहार की एक्सेपाईरी डेट चेक करने का और महत्वपूणर् पाॅंचवीं तक के बच्चों को उनके ज्ञान शैली एवं ब्रेन विकास का कार्य भी प्राथमिक शाला के शिक्षको द्वारा किया जाता है। जिसमें दोपहर 02ः00 बजे कभी स्कूल बंद मिलती है। और कभी स्कूल लेट आने पर इन्हे कोई दिक्कत नही होती है। कौन पढ़ रहा है और कौन नही इन्हें कोई मतलब नही है। इन्हे सिर्फ तो इससे मतलब है कि इनके बच्चे संभाग मे अच्छे अंग्रेजी माध्यम स्कूलों मे प्राईवेट रूप से पढ़ रहे हैं। ऐसे शिक्षक ही आने वाले कल के भविष्य को खत्म कर सकते हैं। दिनांक 01.अगस्त.2022 केा जारी दैनिक भास्कर समाचार पत्र मे पेज क्रमांक 9 में एक शिक्षक द्वारा बच्चे से गिनती न बनने पर और मारे जाने पर बच्चों को उस शिक्षक को निलंबित किया गया है। अब देखना यह हैं की भोला सिंह उईके के विरूद्ध क्या कायर्वाही किया जाता है।
इनका कहना है
अगर शिक्षक के द्वारा इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं तो गलत है आपने बताया है मैं बुढार बीईओ से बात करता हूं जांच करवाता हूं आप निश्चिंत रहिए कार्यवाही जरूर होगी-मदन त्रिपाठी डीपीसी शहडोल
मुझे जानकारी नहीं है आपने बताया है विषय गंभीर है मैं इसकी जांच करवाता हूं-डी.के. निगम बीईओ बुठार





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