अनारकली से बिछड़ने से नाराज सलीम ने घरों में घुस कर की तोड़फोड़
पुलिस व वन विभाग की संयुक्त टीम ने आधी रात जंगल की तरफ खदेड़ा
उमरिया।मानपुर विधानसभा मुखयालय अंतर्गत बांधवगढ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में इन दिनों पालतू अनारकली व जंगली सलीम की कहानी क्षेत्र में सुर्खियां बटोर रही है दरअसल यह कहानी दो हांथीयों के बीच की है एक पालतू तो दूसरा जंगली हांथीयों के बीच उमडा प्यार वन विभाग का सिर दर्द बन चुका है जिसका खामियाजा गांव की जनता को भुगतना पड़ रहा है मिली जानकारी अनुसार बांधवगढ टाइगर रिजर्व के कल्लवाह बीट कोरजोंन में जंगल की गस्ती पर तैनात पालतू हथनी अनारकली को रखा गया है जहां जंगली हांथीयों के ग्रुप का एक विशालकाय हांथी अनारकली के प्यार के चक्कर मे पड कर अपना झुंड छोंड़ कर अनारकली के आस पास भटकता रहता है जिसका नाम सलीम रखा गया है बताया जाता है कि हथनी अनारकली के सांथ एक अन्य हांथी को भी कैम्प पर रखा गया है लेकिन वह हांथी बूढ़ा हो जाने के कारण जंगली हांथी मौके की तलाश में रहता है और मौका पाते ही अनारकली को अपने सांथ धक्का मार मार कर जंगल की तरफ ले जाता है यही सिलसिला अभी कुछ दिनों पहले से निरंतर चलता आ रहा था कि इसी दरमियान बांधवगढ में हांथी महोत्सव का बृहद कार्यक्रम रखा गया था और बांधवगढ में अपनी निरंतर सेवा दे रहे सभी पालतू हांथीयों की खातिरदारी करने के लिए एक जगह रमा केम्प पर एकत्रित किया गया था जिनकी करीब हप्ते भर खातिरदारी किया गया और एक ही जगह सभी हांथीयों को रखा गया था
वहीं दूसरी तरफ जंगली हांथी सलीम अपनी अनारकली का कई दिंनो तक इंतजार किया और इधर उधर ढूंढते हुए गढ़पुरी गांव के कोलुहाबाह के करीब पहुंच गया जहां सनिवार व रविवार की दरमयानी रात अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कोलुहाबाह गांव में घुस गया इतना ही नही घरों को तोड़फोड़ करते हुए घर के अंदर जा घुसा और किसानों के घर मे रखा अनाज खा गया वहीं गांव में हांथी के द्वारा घुस कर उत्पात मचाने से रामप्रसाद यादव,सुसीला सिंह,सकुन्तला बैगा,ददुआ बैगा और सोनेलाल बैगा के घर बुरी तरह छतिग्रस्त हो गए हैं वहीं आधी रात गांव में हांथी द्वारा मचाया जा रहा तांडव को देख गांव में भगदड़ मच गई और लोगों द्वारा आनन फानन में वन विभाग को सूचना दी गई वही पुलिश प्रशासन को भी सूचना दी गई घटना की जानकारी लगते ही पुलिश प्रशासन व वन विभाग की टीम मौके पर जा पहुंची और रात नौ बजे से दो बजे रात तक भारी मसाक्त के बाद उक्त जंगली हांथी को घर से बाहर निकाल कर जंगल की तरफ खदेड़ा गया वहीं कोलुहाबाह निवासी कई किसानों सहित आदिवासियों के घर को हांथी द्वारा छतिग्रस्त किया गया सांथ ही घर की बाड़ी में लगाये गए भुट्टा व केला के पेढ़ देखते ही देखते नष्ट कर दिया गया गनीमत रही कि किसी के जान माल का नुकसान नही हो पाया




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