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MP//Rewa: सेदहा पंचायत रोजगार सहायक दिलीप गुप्ता को बर्खास्त करने की माग तेज // धारा 40 और 92 का प्रस्ताव कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा सीईओ जिला पंचायत रीवा की तरफ भेजा गया // सीईओ रीवा स्वप्निल वानखेडे के द्वारा गठित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के जांच दल को अभिलेख उपलब्ध न करवाने पर भेजा गया प्रस्ताव //

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मध्य प्रदेश रीवा के गंगेव जनपद की बहुचर्चित सेदहा ग्राम पंचायत में व्यापक भ्रष्टाचार और अनियमितता को लेकर कार्यवाहियों का दौर जारी है। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी, अनिल सिंह उपकारी, सुरेश उपाध्याय, प्रदीप उपाध्याय आदि के द्वारा संयुक्त रूप से पूर्व में की गई शिकायत पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा क्रमांक 1 संभाग रीवा के कार्यपालन यंत्री आर एस धुर्वे, एसडीओ जीतेंद्र अहिरवार एवं एसआर प्रजापति के संयुक्त जांच दल ने पिछले दिनों जांच की। जांच में व्यापक भ्रष्टाचार और अनियमितता सामने आई थी जिस पर स्वयं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री आर एस धुर्वे ने मीडिया के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना स्टेटमेंट दिया था। इसके बावजूद ग्राम पंचायत के पूर्व सचिव एवं वर्तमान ग्राम रोजगार सहायक दिलीप कुमार गुप्ता को दर्जनों पत्राचार किए गए और व्यक्तिगत एवं मौखिक तौर पर सूचना दी गई लेकिन उनके द्वारा न तो जांच टीम के साथ सहयोग किया गया और न ही किसी भी प्रकार से ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों के अभिलेख उपलब्ध करवाए गए ल। इसके बाद ईई आर एस धुर्वे के द्वारा मामले पर संज्ञान लेते हुए धारा 40 और 92 की कार्यवाही हेतु प्रस्ताव सीईओ जिला पंचायत रीवा को 23 सितंबर 2022 को भेज दिया गया है।

  *सेदहा सरपंच पूनम सिंह ने ग्राम रोजगार सहायक को बर्खास्त करने की उठाई मांग*

  गौरतलब है की ग्राम रोजगार सहायक एवं पूर्व सचिव दिलीप कुमार गुप्ता के द्वारा न तो पंचायती कार्य में किसी प्रकार से सहयोग दिया जा रहा है एवं लगातार अनुशासनहीनता की जा रही है जिसके चलते वर्तमान ग्राम पंचायत सेदहा की सरपंच पूनम सिंह के द्वारा जिला पंचायत सीईओ स्वप्निल वानखेड़े को अपनी तरफ से लेख करते हुए इन्हें बर्खास्त करने, पद से पृथक करने एवं पूर्णकालिक सचिव एवं रोजगार सहायक की नियुक्ति करने की मांग की गई है।

   *सेदहा ग्राम पंचायत में करोड़ों के कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार*

  गौरतलब है कि सेदहा ग्राम पंचायत में पिछले 8 वर्ष में मनरेगा पंच परमेश्वर एवं अन्य मदों का मिलाकर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार परिलक्षित हुआ है। इसके पूर्व भी कमिश्नर रीवा संभाग के द्वारा पंचायत के भीतर 15 लाख रुपये के शांतिधाम निर्माण में हुई धांधली को लेकर जांचे चल रही है और जांच में जो बात सामने आई है उससे पता चला है कि शांतिधाम को सेदहा ग्राम पंचायत में न बनाया जाकर हिनौती ग्राम पंचायत की आराजी में बनाया गया है जो पूरी तरह से वसूली की श्रेणी में आता है। 

  *सीईओ जिला पंचायत रीवा स्वप्निल वानखेड़े के द्वारा मात्र छीना गया सचिवीय एवं वित्तीय प्रभार*

   इसके पूर्व औपचारिक कार्यवाही के उद्देश्य से ग्राम पंचायत के सरपंच एवं वरिष्ठ अधिकारियों के प्रस्ताव के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा स्वप्निल वानखेड़े के द्वारा मात्र ग्राम रोजगार सहायक दिलीप कुमार गुप्ता ग्राम पंचायत सेदहा का सचिवीय एवं वित्तीय प्रभार ही छीना गया है जिसे ग्राम पंचायत और अन्य जानने वाले लोग मात्र एक कोरमपूर्ति बता रहे हैं। लोगों का यह कहना है कि यदि कोई पूर्णकालिक सचिव की नियुक्ति सेदहा में हो जाती तो स्वाभाविक तौर पर सेदहा ग्राम पंचायत में सचिवीय और वित्तीय प्रभार का कार्य अन्य पूर्णकालिक सचिव को मिल जाता तो आखिर ग्राम रोजगार सहायक का वित्तीय और सचिवीय प्रभार हटाना कौन से बड़े अनुशासनहीनता पर की गई कार्यवाही के अंतर्गत आता है? लोगों का प्रश्न उठाना लाजिमी भी है क्योंकि जिस प्रकार से निरंतर सेदहा ग्राम पंचायत में व्यापक स्तर का भ्रष्टाचार हुआ है उसे पंचायत राज संचालनालय एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा समय-समय पर जारी किए गए कई नोटिफिकेशंस की भी धज्जियां उड़ रही है। क्योंकि भ्रष्टाचार की शिकायतों और उसमें संलिप्त पाए जाने पर ऐसे पंचायत कर्मचारियों के ऊपर बड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन यहां मात्र खाना पूर्ति हो रही है जिससे पंचायतों में भ्रष्टाचार निरंतर बढ़ता जा रहा है और रीवा जिला पंचायती भ्रष्टाचार में पूरे मध्यप्रदेश में अव्वल बना हुआ है।

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