कन्नौज में बाढ़ग्रस्त गांवों का हाल बेहाल ग्रहस्ती समाई पानी में

बीएस न्यूज संवाददाता ऋषि जैन की रिपोर्ट
कन्नौज:-कन्नौज में बाढ़ग्रस्त गांवों का हाल:सड़क पर बनाया आशियाना, तेज रफ्तार वाहनों से बच्चों को खतरा; प्रशासन से खाने-पीने की नहीं मिल रही मदद “गांव में गंगा को पानी आई गौ तो हम सब जने सड़क पे पन्नी तान के रहान लगे। सब गृहस्थी हमाई पानी में डूब गई। ईंधन सब भीग गौ। चूल्हो जलइवे को तरसत हैं। बच्चा भूखे बिलबिलात हैं। कोई हम लोगन की मदद करवे को नाई आत। अधिकारी और नेता तो फोटू खिंचइवे के लै आत हैं। कोई टॉफी दइके फोटू खिंचात तो कोई बिस्कुट दइके फोटू अखबार में छपवाई लेत। हियां हम सब भूखे मरे जात।” ये दर्द उन महिलाओं और पुरुषों का है, जो बाढ़ की वजह से घर-वार छोड़कर सड़क किनारे कई दिनों से डेरा जमाए हैं। धूप से बचने और रात बिताने के लिए सिर्फ पन्नी का सहारा है। जिसे डंडों के सहारे तानकर किसी तरह गुजर कर रहे हैं।सबसे विकट समस्या मेहंदीघाट पुल के निकट बसे कासिमपुर और बकसीपुरवा गांव में है। इन दोनों गांव को करीब 10 दिन पहले ही बाढ़ के पानी ने चपेट में ले लिया था। रातों रात गंगा के जलस्तर में बढोत्तरी होने पर ग्रामीण चौकन्ने हो गए और समय रहते परिवार के साथ हरदोई-कन्नौज रोड पर पन्नी तानकर डेरा जमा लिया। 10 दिन से पन्नी तानकर सड़क किनारे रहने वाले परिवारों का हालचाल जानने न तो अफसर पहुंचे और न ही कोई राहत सामग्री वितरित की जा सकी गंगा के जलस्तर ने छुआ खतरे का निशान:- 124.970 मीटर गंगा का चेतावनी बिंदु
125.960 मीटर खतरे का निशान
125.965 मीटर जलस्तर पहुंचा
126.240 मीटर हाई फ्लड लेबिल भूख से व्याकुल बच्चे सड़क पर कारों के रुकने का इंतजार करते हैं, कार से उतरने वालों के हाथों की ओर ताकते हैं,कार रुकते ही हाथों की तरफ ताकने लगते बच्चे बाढ़ के कारण कन्नौज-हरदोई रोड और कन्नौज मल्लावां रोड पर पीड़ितों ने आशियाना बना लिया। रातोंरात सड़क किनारे पन्नी तानकर बैठे परिवार लोगों के लिए कौतूहल का विषय बने हुए। रास्ते से गुजरने वाले लोग वाहन रोक कर पन्नी वाले घरों के साथ सेल्फी लेते और फिर निकल जाते। कुछ लोग अपने साथ लाए चिप्स, बिस्किट और टाफियां बच्चों को वितरित कर देते। यही वजह है कि भूख से व्याकुल बच्चे सड़क पर कारों के रुकने का इंतजार करते हैं। कार से उतरने वालों के हाथों की ओर ताकते हैं। बाढ़ के कारण कन्नौज-हरदोई रोड और कन्नौज मल्लावां रोड पर पीड़ितों ने आशियाना बना लिया। रातोंरात सड़क किनारे पन्नी तानकर बैठे परिवार लोगों के लिए कौतूहल का विषय बने हुए।
बाढ़ की चपेट में आए ये गांव
गंगा के जलस्तर में लगातार बढोत्तरी से कन्नौज के 16 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। इनमें कासिमपुर, बक्सीपुरवा, अलियापुर, जुकैया, अड़ंगापुर, चौराचांदपुर, दाईपुर, गदनपुर नराह, कुसुमखोर, तहसीपुर, पैंदाबाद, सदिकापुर, जलालपुर अमरा, मेहंदीपुर, कटरी अमीनाबाद गांव शामिल हैं। हर दिन बढ़ रहे गंगा के जलस्तर के कारण गांव वालों में दहशत का माहौल है।

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