सजा कन्नौज का बाजार, बहनों को लुभा रहीं ये स्पेशन राखी; दुकानदारों की हुई चांदी

कन्नौज से बेबाक शक्ति न्यूज संवाददाता ऋषि जैन
रक्षाबंधन पर्व कन्नौज। बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सज गया है। रक्षा बंधन के लिए सर्राफा बाजार भी पूरी तरह तैयार है। यहां सोने चांदी की कई प्रकार की राखियां हैं इसमें सबसे ज्यादा मांग चांदी की राखी की है। कुछ अलग और स्पेशल की तलाश में बहनें यहां भी आ रही है। बाजार में गिफ्ट पैक राखियां भी उपलब्ध है। : रक्षाबंधन के लिए बाजार तैयार है। हर चौराहे पर राखियों की दुकान लग गई है। टीवी कार्टून की :राखियां बच्चों को अपनी तरफ खींच रहीं हैं।साथ ही महिलाएं सराफा दुकानों पर राखियां बुक कर रही है। वहीं, महिलाओं और युवतियों ने खरीदारी शुरू कर दी है। 31 अगस्त को रक्षाबंधन है। सरायमीरा, गोलकुआं चौराहा, तिर्वा क्रासिंग, लाखन तिराहा, मकरंद नगर, रेलवे स्टेशन रोड समेत कई स्थानों पर राखियों की दुकान सज गई है। राखी बाजार में भी टीवी का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिल रहा है।
कार्टून वाली राखी बच्चों की पहली पसंद
बच्चों में सबसे ज्यादा मांग कार्टून चरित्र लगे राखियों की मांग है। इसमें भी नोविता, डोरामैन, टिंगटोन, कृष्णा, गणेशा, छोटा भीम आदि बच्चों की पहली पसंद है। बाजार में इनकी कीमत दस से तीस रुपये तक है। इसके साथ ही साथ मार्केट में सुपरहीरोज की भी राखियों की डिमांड है।
:सर्राफा बाजार की चांदी ही चांदी
:रक्षाबंधन के लिए सर्राफा बाजार भी पूरी तरह तैयार है। यहां सोने चांदी की कई प्रकार की राखियां हैं, इसमें सबसे ज्यादा मांग चांदी की राखी की है। कुछ अलग और स्पेशल की तलाश में बहनें यहां भी आ रही है। बाजार में गिफ्ट पैक राखियां भी उपलब्ध है।
:राखी के साथ चॉकलेट भी
बाजार और लोगों की पसंद को ध्यान में रखकर दुकानदारों ने राखी का यह तरीका इजाद किया है। इसमें बच्चों को ध्यान में रखकर चॉकलेट के डिब्बों पर या फिर टॉफियों के साथ राखी का गिफ्ट तैयार किया है। यह भी लोगों को काफी लुभा रहा है।
:48 घंटे फ्री बस सेवा का महिलाओं को लाभ
:रक्षाबंधन पर महिलाओं को 48 घंटे की फ्री रोडवेज सेवा का लाभ मिलेगा। 29 अगस्त की रात 12 बजे से 31 अगस्त की रात 12 बजे तक महिलाओं के लिए रोडवेज बस सेवा फ्री रहेगी। इस दौरान कोई भी महिला पैसे देकर सफर नहीं करेगी। वह किसी भी रूट पर मुफ्त में सफर कर सकती है। रक्षाबंधन पर सभी बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए उनके घर जाती है। ऐसे में उन्हें आर्थिक राहत देने के लिए शासन की ओर से इस बार भी रोडवेज बसों में
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