लम्पी वायरस के बचाव हेतु जिले में पशु मेला पर लगाया जाए प्रतिबंध:डीएम

: कन्नौज से बेबाक शक्ति न्यूज संवाददाता ऋषि जैन ।
: लम्पी वायरस के बचाव हेतु जिले में पशु मेला पर लगाया जाए प्रतिबंध:डीएम
: डीएम ने नन्द बाबा दुग्ध मिशन की समीक्षा कर सम्बन्धित अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
दिए कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में नन्द बाबा दुग्ध मिशन की समीक्षा बैठक में डीएम शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने कहा लम्पी वायरस को दृष्टिगत रखते हुये जिले में लगने वाले पशु मेलों एवं पशु बाजारों पर पूर्णतयः रोक लगायी जाये। कहा कि गौशालाओं में गौवंशों का वैक्सीनेशन करवाया जाये।डीएम ने कहा कि लम्पी वायरस के दृष्टिगत रखते हुये शासन के निर्देशानुसार जनपद में लगने वाले पशु मेला एवं पशु बाजारों पर प्रतिबंध लगाया जाये, तथा समस्त पशुओं का वैक्सीनेशन शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाये, जिससे लम्पी जैसी गंभीर बीमारी से पशुओं को बचाया जा सके। जिलाधिकारी ने नन्द बाबा दुग्ध मिशन की समीक्षा करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ सवंर्धन योजना का उददेश्य है कि स्वदेशी उन्नति नस्ल की गायो की संख्या में वृद्धि करना। इस योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र के नवयुवको एवं महिलाओं को पशुपालन के व्यवसाय के लिये प्रोत्साहित करने हेतु रोजगार उपलब्ध कराना है।एक दुग्ध उत्पादक पशुपालक अधिकतम 2 गायों के एक पशुपालन इकाई स्थापित करने हेतु पात्र होगा। क्रय की गई गायों का 3 वर्ष का पशु बीमा एक मुश्त कराया जाना अनिवार्य होगा।एक इकाई का तात्पर्य प्रति लाभार्थी स्वदेशी नस्ल की 2 गायों से है, तथा युनिट कास्ट लगभग 2 लाख रुपये माना गया है। अन्य प्रदेश से स्वदेशी उन्नत नश्ल की दुधारू गायों क्रय 3 वर्षों हेतु बीमा,परिवहन, चारा मशीन, गायों के रख-रखाव हेतु टीन शेड निर्माण पर व्यय कुल धनराशि का 40 प्रतिशत अधिकतम 80 हजार रूपये अनुदान मिलेगा। डीएम ने मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना की समीक्षा करते हुये कहा कि प्रदेश में उच्च गुणवत्ता एवं उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गायो को पालने वाले प्रगतिशील पशुपालकों को प्रोत्साहित करने हेतु पशुपालकों को चयनित कर 10 हजार से 15 हजार रुपये प्रति गाय की दर से नगद पुरुस्कार तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाना है।इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लाभान्वित किया जाये। डीएम ने नन्दनी कृषक समृद्धि योजना की गहनता से समीक्षा की,तथा सम्बंधित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।बैठक में परियोजना अधिकारी डीआरडीए, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, दुग्ध डेयरी प्रबंधक समेत संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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