शराब ठेकेदारों का बैखौफ राज, पुलिस व आबकारी ले रहें गुलाबी नोटों की ओट..?

अंबाह से आशीष सिंह की रिपोर्टिंग
मुरैना।अंबाह कस्बे में शराब के ठेकेदार अपने मन माने ढंग से शराब की बिक्री कर रहे है। जबकि आबकारी विभाग के नियम अनुसार शराब की विक्री होनी चाहिए लेकिन शराब के ठेकों पर रेट लिस्ट ही नही लगते और अपने मनमाने ढंग से पैसे लेते है।
क्या अंबाह पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी इन अवैध तरीके से चल रहे शराब के ठेकों और मन माने ढंग से बेची जा रही शराब पर रोक थाम लगने में असमर्थ है.?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अंबाह नगर में सब्जी मंडी,लेन रोड, अंबाह तालाब , करौली माता रोड और अनेकों गांवों में अवैध शराब की दुकानें खुले आम ठेके पुलिस की सांठगांठ से चल रहे है। स्थानीय लोगों द्वारा अंबाह पुलिस को बार बार अवगत करने के बाद भी कोई कार्यवाई नही की जा रही। पुलिस व आबकारी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही न करना एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है ?
क्या अंबाह पुलिस को अपने उच्च अधिकारियों का नहीं है भय नहीं ?
ऐसे कई सवाल उत्पन्न हो रहे है अब देखना यह है की अंबाह पुलिस व आबकारी विभाग मनोरंजन विभाग इन अवैध चल रही शराब की दुकानों पर कब ओर क्या कार्यवाही करता है!?
सूत्रों के अनुसार अंबाह के नजदीक आने वाले गांव में गांव की गली मोहल्लों में विगत कई महीनों से देशी और विदेशी शराब की खेप पहुंचाई जा रही है जहां खुलेआम विक्रीकर गांव के युवाओं को नशेड़ी बनाने का षड्यंत्र चल रहा है जिसके पीछे शराब माफिया की मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा आबादी नशे कि आदी हो जाए और क्षेत्र में शराब की खपत में इजाफा हो । जबकि शराब माफिया की इस मंशा को आबकारी व पुलिस विभाग शायद भाप नहीं पा रहा और बंद कराने के बजाय नजरअंदाज करने पर तुला है।
लेकिन सवाल ये उठता है कि मुरैना पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा अभियान चलाया जा रहा है अवैध शराब के लिए फिर भी अंबाह में इन ठेकों और ठेकेदारो पर कोई फर्क नहीं पड़ता क्यों आखिर क्यों?

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