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सोशल मीडिया पर भडकाऊ पोस्ट डालने से कानून व्यवस्था निर्मित हो सकती है मुरैना कलेक्टर श्री अंकित अस्थाना ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये

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मुरैना से आशीष सिंह की रिपोर्टिंग

मुरैना जिले के अन्तर्गत कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भडकाऊ पोस्ट डालने से कानून व्यवस्था निर्मित होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुये कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अंकित अस्थाना ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। आमजन की संभावनायें आहत होने से कानून व्यवस्था के लिये प्रतिकूल स्थिति निर्मित होने पर सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की प्रवल संभावनायें परिलक्षित हो रहीं है। इसलिये जिला दण्डाधिकारी ने जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा के अन्तर्गत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति विभिन्न इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया के प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, व्हाट्स-एप, ट्वीटर, एस.एम.एस. इन्स्टाग्राम आदि संसाधनों का दुरूपयोग धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाओं को भड़काने के लिए नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति उपरोक्त वर्णित सोशल मीडिया में किसी भी प्रकार के पोस्ट, संदेश, चित्र ऑडियो या वीडियो सम्मिलित हैं, जिसमें धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाएं भड़क सकती है या साम्प्रदायिक विद्वेष पैदा होता हो, प्रसारित नहीं करेगा, कोई भी व्यक्ति आपत्तिजनक नारेबाजी, उन्माद फैलाने वाले भाषण देना एवं भडकाऊ पर्चे छपवाकर बांटना तथा जिन पोस्टर, बैनर से विद्वेष फैलने की संभावना हो उन पोस्टर, बैनर को लगाने, फाड़ने आदि कार्य नहीं करेगा और न ही उक्त कार्य करने के लिये प्रेरित करेगा। सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें धार्मिक भावना एवं साम्प्रदायिक भावना व जातिगत भावना भड़कती हों, को लाइक या फारवर्ड नहीं करेगा। ग्रुप एडमिन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके।. जिला मुरैना राजस्व सीमार्न्तगत ध्वनि विस्तारक यंत्रों का किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक भाषा अथवा भडकाऊ नारे आदि के लिए प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर ने बताया कि जनसामान्य सुरक्षा व सामुदायिक एवं धार्मित सद्भावना तथा लोक परिशांति बनाये रखने के लिये तत्काल रूप से प्रतिबंधात्मक आदेश प्रसारित किया जाना आवश्यक है। ऐसी स्थिति में सभी प्रभावित व्यक्तियों, संबंधित प्रत्येक व्यक्तियों को सूचना देकर सुना जाना संभव नहीं है। यह आदेश दण्ड प्रक्रिया 1973 की धारा 144 के प्रावधानों के अन्तर्गत एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। जनसामान्य की सूचना के लिये प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग किया जाये। इसके लिये संबंधित अनुविभागीय अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में यह सुनिश्चित करें, कि 19 नवम्बर तक आदेश प्रभावशील रहेगा।

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