शहडोल में प्रभारी सचिव की उपस्थिति में दिखा नए लोकतंत्र का चेहरा…।

शहडोल।जब से लोकतंत्र बना है शायद इस प्रदेश में इस प्रकार की फोटो पहली बार देखी गई है जिसमें जनप्रतिनिधि यानी शासन और उसकी प्रतिनिधि चेयर पर नहीं होता बल्कि प्रशासन चेयर पर होता है और शासन उस बैठक में सदस्य मात्र होता है। विशेष कर जिस संभाग के बहुसंख्य क्षेत्र में संविधान की पांचवी अनुसूची की व्यवस्था लागू हो यानी आदिवासी विशेष क्षेत्र में इस प्रकार का दृश्य एक नया परिचय भी है। की किस प्रकार से आदिवासी प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन का लोक व्यवहार है। यह भी नहीं कहा जा सकता की इस बैठक में जगह का अभाव था पूरी समय अशोक बरनवाल की बगल वाली कुर्सी खाली रही।
ऐसा भी नहीं है की मोहन यादव के नेतृत्व वाला मध्य प्रदेश शासन कोई संवेदन हीन है… हाल में हमने देखा है की किस प्रकार से शाजापुर के कलेक्टर कन्याल ने जब आम आदमी यानी एक ड्राइवर से उसकी औकात में रहने की बात की तो मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कलेक्टर कन्याल को मनुष्यता की भाषा ना बोलने पर तत्काल कलेक्टर पद से हटा दिया था यानी लोकतंत्र में लोक भाषा और लोक व्यवहार की मर्यादा का पालन के नजरिया से डॉक्टर मोहन यादव ने एक नजीर जैसे रची थी कि प्रशासन को किस प्रकार से चलना चाहिए ….।लेकिन शहडोल में शायद मुख्यमंत्री की बोली गई भाषा का असर नहीं दिखा, वैसा तो नहीं हुआ जैसा कलेक्टर शाजापुर ने किया था लेकिन उस कम भी नहीं हुआ जिसमें जब प्रभारी सचिव अशोक वर्णवाल ने बैठक ली, तब लोक प्रतिनिधि यानी सांसद और विधायक गण दोनों ही प्रमुख चेयर पर नजर नहीं आए बल्कि समीक्षा बैठक में सुझाव देते हुए याचक की वाली कुर्सी पर देखे गए। जैसे प्रभारी सचिव ने सांसद और विधायकों की क्लास ले रखी हो। ऐसे दृश्य ने प्रदेश में नई आजादी का एक चित्र पेश किया है की जनप्रतिनिधि को अब सिर्फ अंगूठा लगाने के लिए या हाथ उठाने के लिए उपयोग किया जाएगा…? यानी कार्यपालिका का लोकतंत्र में प्रमुख तंत्र बनकर उभर कर आया है और लोक प्रतिनिधि यानी विधायिका कहीं पीछे छूट गई है….. बहरहाल बैढ़क संपन्न हुई
स्वीकृत कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराएं- अपर मुख्य सचिव
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सांसद एवं विधायकों ने बैठक में दिए महत्वपूर्ण सुझाव
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अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव शहडोल संभाग श्री अशोक वर्णवाल ने अधिकारियों को शासन द्वारा स्वीकृत कार्याें को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि जन कल्याण के किसी भी कार्य में कोई गतिरोध नहीं आना चाहिए। उन्होने कहा है कि जन कल्याण के कार्योें में गतिरोध आने पर इसकी जानकारी से मुझे अवगत कराएं, मैं गतिरोध को दूर करने का प्रयास करूंगा। अपर मुख्य सचिव ने जनमानस की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव शहडोल संभाग श्री अशोक वर्णवाल आज कलेक्टर कार्यालय शहडोल के विराट सभागार में आयोजित संभाग स्तरीय विकास एवं निर्माण कार्यो की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में सांसद श्रीमती हिमान्द्री सिंह ने सुझाव देते हुए कहा कि अनूपपुर जिले में करपा मार्ग कई वर्षों से निर्माणाधीन है निर्माण एजेन्सी द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि करपा मार्ग का निर्माण तेजी से पूर्ण किया जाए। सांसद ने अपर मुख्य सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग श्री अशोक वर्णवाल को सुझाव दिया कि शहडोल संभाग में योजनाओं के तहत किया जा रहे कार्य जो लंबित है उन ठेकेदारों को नोटिस दिया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिये कि उमरिया जिले में केन्द्रीय विद्यालय स्वीकृत हुआ किन्तु वन विभाग की आपत्ति के कारण, निर्धारित स्थल पर केन्द्रीय विद्यालय का निर्माण नहीं किया जा रहा है, इसके लिए समुचित भूमि आबंटित की जाए। बैठक में विधायक जैतपुर श्री जयसिंह मरावी ने सुझाव दिया कि शहडोल जिले में मरखी जलाशय स्वीकृत है, किन्तु क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा जलाशय के निर्माण में गतिरोध उत्पन्न किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि मरखी जलाशय का कार्य प्रारम्भ किया जाए, जिस पर प्रभारी सचिव ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि मरखी जलाशय का कार्य प्रारम्भ किया जाए और तेजी से पूर्ण कराया जाए, जलाशय के कार्य में गतिरोध उत्पन्न करने वाले लोगों के विरूद्ध शक्त कार्यावाही की जाए। बैठक में विधायक जयसिंहनगर श्रमती मनीषा सिंह ने सुझाव दिया कि शहडोल नगर में अभी सरफा डेम से पानी की सप्लाई हो रही है किन्तु आगामी वर्षाें में शहडोल नगर की जनसंख्या बढ़ने के साथ शहडोल नगर की जल आपूर्ति प्रभावित होगी, इसके लिए सोन नदी से शहडोल नगर तक पानी की आपूर्ति की योजना बनाई गई थी, जिसका कार्य लम्बित है इस कार्य को तेजी से पूर्ण किया जाए, जिस पर प्रभारी सचिव ने वस्तस्थिति की जानकारी ली और आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल ने सुझाव दिए कि नगर परिषद खांड में जल संसाधन की भूमि होने के कारण शासकीय प्रयोजन के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है जिसके कारण नगर परिषद खांड क्षेत्र में निर्माण कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करें ताकि जनहित के कार्यों के लिए भवनों का निर्माण कराया जा सके। जिस पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए कलेक्टर के पास पर्याप्त शक्तियां है वह जनहित में कार्य करा सकते हैं। बैठक में विधायक श्री शिवनाराण सिंह ने सुझाव दिए कि चंदिया बाई पास को फोर लाईन बनाया जाए तथा वहां डिवाइडर का भी निर्माण किया जाए ताकि लोगों को आवगमन में सुविधा मिल सके। बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका शहडोल श्री घनश्याम जायसवाल ने भी शहडोल नगर की सुविधाओं में विस्तार के लिए आवश्यक सुझाव दिए। बैठक मंे कमिश्नर शहडोल संभाग श्री अनिल सुचारी, कलेक्टर शहडोल श्रीमती वंदना वैद्य, कलेक्टर अनूपपुर श्री आशीष वशिष्ट, कलेक्टर उमरिया श्री बुद्धेश कुमार वैद्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमरिया श्रीमती इला तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर श्री तन्मय वशिष्ट शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल श्री राजेश जैन ने आवश्यक सुझाव दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास श्री मगन सिंह कनेश, डीन मेडिकल कॉलेज श्री मिलिंद सिलारकर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सोहागपुर श्रीमती प्रगति वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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