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वन क्षेत्र से सहकार ग्लोबल कंपनी कर रही अवैध उत्खनन क्या हुआ पत्रकारिता और प्रशासनिक ठेका ?

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फाइल फोटो

शहडोल। जिले में रेत ठेका कंपनी सहकार ग्लोबल द्वारा ठेके के नाम पर नियम विरुद्ध अपने क्षेत्राधिकार से हटकर अवैधानिक रूप से अवैध उत्खनन कर रही है ताजा उदाहरण है की बनास नदी पर खसरा नंबर 223 पर खनिज विभाग द्वारा रेत खनन की अनुमति रेत ठेका कंपनी को प्रदान की गई है मगर लालच और दबंगई ऐसी की अपने कार्य क्षेत्र से हटके खसरा क्रमांक 233/1 से रेत ठेका कंपनी द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा है जबकि उक्त खसरे व रकवे को लेकर वन विभाग ने आपत्ति दर्ज कराई है और बताया है कि उक्त क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण व संजय टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट के अंतर्गत आता है।

कहां-कहां हो रहा अवैध रेत का उत्खनन

बात यहीं समाप्त नहीं होती है सहकार ग्लोबल द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जहां-जहां भी खनिज विभाग द्वारा रेत ठेका कंपनी को उत्खनन की अनुमति दी गई है ठेका कंपनी द्वारा उन क्षेत्रों सहित व निर्धारित क्षेत्र से हटकर कर अवैध उत्खनन बेजा रुप से कर रही है जैसा की नियम है कि जल के बीच मझधार पर किसी भी प्रकार की हैवी मशीन लगाकर उत्खनन नहीं किया जा सकता है या किसी हैवी मशीनों का प्रयोग नहीं किया जा सकता है जिससे की नदी के मूल स्वरूप का परिवर्तन हो इसके बावजूद ठेका कंपनी द्वारा नदी के बीच धार में पोक लेन मशीन उतार करके उत्खनन किया जा रहा है व नदियों के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किया जा रहा है यह उत्खनन रेत ठेका कंपनी द्वारा शहडोल जिले के प्रत्येक उन क्षेत्रों में किया जा रहा है जहां-जहां पर रेत ठेका कंपनी ने ठेका प्राप्त किया है।

किसने ले रखा है प्रशासन और पत्रकारिता का ठेका ?

प्राप्त सूत्रों के जानकारी के अनुसार रेत ठेका कंपनी के अवैध उत्खनन को हवा हवा में संरक्षण देने का काम तथाकथित स्थानीय एक पत्रकार है जो की रेत ठेका कंपनी के प्रशासनिक व स्थानी पत्रकारों के मैनेजमेंट का ठेका ले रखा है उक्त व्यक्ति अवैध कार्यों के मैनेजमेंट के दम पर प्रशासन के व्यक्तियों एवं पत्रकारों में समाजस्व बनाने का कार्य कर रहा है व मध्यस्थता में दलाली प्राप्त कर रहा है यहीं इस मैनेजमेंट के कारण सहकार ग्लोबल रेत ठेका कंपनी को एक सब्जा बाग रुपी झूठा ही सही मगर आधार मिला है और वह अवैध उत्खनन करने को अपना अधिकार मान बैठी है।

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