जिला पंचायत अध्यक्ष दौड़ती है मारने को पंचायत अधिकारी कर्मचारी करते हैं गुंडागर्दी। कौन है भू,रेत,कोल और वन माफिया – अन्जू जिला पंचायत सदस्य।

शहडोल जिले में कानून, संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश नहीं चलते-अन्जू गौतम रैदास
शहडोल।जिला पंचायत सदस्य सुश्री अंजू गौतम रैदास द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जिसमें जिला पंचायत की गंभीर, अनियमित तथा कानूनी एवं संविधान के विरूद्ध किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह जिला पूर्णतः कानून, संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को नहीं मानता और इसीलिए जिला पंचायत चुनाव से लेकर अभी तक संविधान, कानूनी एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियाँ उड़ाई गई है ।
अंजु गौतम ने बताया कि शहडोल जिला यदि ट्राइबल है तो यहाँ का जिला पंचायत अध्यक्ष ट्राइबल होना चाहिए और यदि जिला ट्राइबल नहीं है तो इसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय तथा आदेश के अनुसार 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं किया जा सकता था जबकि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण करते हुए पिछड़ा वर्ग को मिलने वाले आरक्षण के लाभ से वंचित कर दिया गया तथा इसकी लगातार शिकायत करने के बाद विगत 2 वर्षो में भी कोई कार्यवाही नहीं हुई और ना ही इस विषय का कोई जवाब ही दिया गया। ऐसा लगता है कि इस सम्बन्ध में सुप्रीम कोर्ट ही एक रास्ता है जो कि इस गरीब तबके के लोगों के लिए खर्च उठाना संभव नहीं है।
सुश्री अंजु गौतम ने बताया इतना ही नहीं इन 2 वर्षों में जिला पंचायत की कुल 2 आम सभा की बैठक हुई तथा किसी भी स्थायी समिति की आज दिनांक तक एक भी बैठक नहीं हुई। जिला पंचायत की अवैधानिक गतिविधियों के विरूद्ध मेरे द्वारा लगातार आवाज उठाए जाने के बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ा बल्कि पिछली मीटिंग में जब मेरे द्वारा जिला पंचायत सभागार में चल रही मीटिंग के अन्दर प्रखर रूप से यह बात रखी गई कि कार्यवाही रजिस्टर बाद में क्यों कम्प्यूटर में फीड कराई जाती है तुरंत पढ़कर क्यों नहीं सुनाई जाती तथा जिस तरह की अनाब–समाब बहस यहाँ पर होती है उसको वीडियो रिकॉर्डिंग क्यों नहीं कराई जाता और जब मैं स्वयं वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगी तो अध्यक्ष महोदया मुझे मारने के लिए मेरी तरफ बढ़ी जिन्हें पदस्थ सी.ई.ओ. द्वारा रोका गया और मुझे यह आश्वासन दिया गया कि मैं यहाँ पर वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरे स्थापित कर दूंगा, जैसा कि मेरे द्वारा मांगा गया कि हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तथा विधानसभा, लोकसभा जैसे अन्तर्गत वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाती है तो फिर इस जिला पंचायत में छिपाये जाने की क्या जरूरत है, किन्तु इसके उपरान्त पिछले 6-8 माह से कोई मीटिंग नहीं कराई गई।
सुश्री अंजु गौतम ने कहा कि मेरे 2 वर्ष का कार्यकाल निकल गया किन्तु 15वां वित्त आयोग के अन्तर्गत आने वाली मेरे मद की किसी भी राशि का खर्च मेरे द्वारा मांगे जा रहे हैण्डपंपों के लिए नहीं दी गई और न जाने मेरे मद का पैसा कहाँ और किसके द्वारा लगाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में जनता प्यास से मर रही है, नल-जल योजना पूर्णतः फैल है। प्रधानमंत्री आवास योजना को पैरोंतले कुचला जा रहा है क्योंकि रेत माफिया गांव में बनने वाले मकानों को 1 ट्राली रेता भी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं और अवैध रूप से रेत के बड़े-बड़े भण्डारण 15 जून के बाद ब्लैम मार्केटिंग के रूप में खुले रूप में किया जा रहा है तथा नदियों से रेत कोपलेन और जे.सी.बी. से निकाली जा रही है जो कि पूर्णतः वर्जित है। यह किसके संरक्षण में चल रहा है, क्या इस क्षेत्र में अतीक अंसारी जैसे कोई माफिया जनप्रतिनिध पैदा हो गये है या कोई बड़े-बड़े गुण्डे हैं अथवा प्रशासन का संरक्षण है। यह एक गंभीर जांच का विषय हैं क्योंकि यह क्षेत्र दलित आदिवासी वर्ग चाहे वह जनता हो या जनप्रतिनिधि हो अशिक्षित हैं, भोले हैं, सीधे और सरल हैं तथा डर और भय के कारण आवाज नहीं उठा पाते।
सुश्री अंजु गौतम ने बताया कि दलित आदिवासी बेटियों पर जिस तरह का अत्याचार कर उन्हें अपमानित और पीड़ित किया गया तथा जिसकी जांच की मांग मेरे द्वारा लगातार 2 वर्षों से उठाते हुए अत्याचारियों को दण्डित कराने की मांग की गई उस पर सिर्फ जांच आदेश तो हुए किन्तु जांच नहीं, बल्कि जांच अधिकारी द्वारा पीड़ितों के माँ-बाप को डराने-धमकाने का कार्य अवश्य किया गया। इतना अमानवीय कृत्य कि दलित समाज की गूंगी-बहरी बच्ची को भी. अपमानिक और पीड़ित करने से नहीं छोड़ा गया। जयसिंहनगर क्षेत्र में यदि रेत माफियाओं को रोकने का कार्य आदिवासी समाज के कुछ बच्चों द्वारा किया गया तो उन्हें फर्जी प्रकरण में एवं गम्भीर धाराओं में फंसा दिया गया और यह कृत्य उसी के द्वारा किया गया जिसे शहीद का दर्जा प्राप्त हुआ है। सुश्री अंजु गौतम रैदास ने कहा कि इस जिले से कोयले का दोहन किया जा रहा जिससे यह जिला आगामी 20-25 साल में रेगिस्तान के रूप में बदल जायेगा। कोयले के दोहन से जल स्तर गिरता जा रहा है और कोयले से प्राप्त रॉयल्टी के एैश से जल स्तर को मेन्टेन करने के लिए कोई खर्च नहीं किया गया बल्कि उस राशि का भी बंदर बांट, रोड निर्माण जैसे कार्यो में करके निपटा दिया जा रहा है और जानकारी मांगे जाने पर माइनिंग मद की कोई जानकारी नहीं दी जाती, यहाँ तक कि मेरे द्वारा दिये आवेदन पर पूर्व कलेक्टर द्वारा किये गये आदेश का भी परिपालन नहीं किया गया। इस क्षेत्र से निकलने वाले कोयले का लाभ यहाँ के ईंट भट्ठा वालों तथा ठंड तड़पने वाले ग्रामीणजनों को नहीं मिलता और ना ही किसी युवा को रोजगार के लिएं कोल डिपो उपलब्ध कराये गये।
सुश्री अंजु गौतम ने कहा कि आप लोग मीडिया के माध्यम से प्रमाणित एवं सत्य बातों को उठाया करते हैं चाहे वो भू-माफिया, रेत माफिया, कोल माफिया या वन माफिया से संबंधित हो लेकिन उसका कोई परिणाम आम जनमानस को नहीं मिल पाता। मैं आपसे यह समझना चाहती हूँ कि इस क्षेत्र को शोषण मुक्त करने के लिए तथा दलित आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए किस रास्ते से आन्दोलन को किया जाये। मैं बहुत छोटी हूँ मुझे आपका आर्शीवाद, सहयोग और मार्गदर्शन चाहिए ।
महत्वपूर्ण बात :- जिला पंचायत सदस्य सुश्री अन्जू गौतम रैदास ने स्थानीय इंडिया कॉफी हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में विडियो दिखाते हुए कहा की जब जिला पंचायत अध्यक्ष से किसी भी जन हितैषी विषयों पर प्रश्न पूछ लिया जाता है तो वह मारनें को दौड़ पड़ती हैं मोबाइल की विडियो बंद करवा देती है। साथ ही साथ सुश्री अन्जू गौतम रैदास ने जिला पंचायत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के उपर आरोप लगाते हुए कहा की जन हित सम्बन्धी कोइ भी जानकारी जब अधिकारियों कर्मचारियों से चाही जाती है तो वह अभद्रता करते हुए गुंडागर्दी पर उतारू हो जाते हैं।

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