गंगोत्री देवी इंटर कॉलेज में श्रीकृष्ण ने चुराया माखन फिर गोपियों ने की मां यशोदा से शिकायत

रंग बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने राधा कृष्ण की बेहतरीन झांकी प्रस्तुत कर मोहा सबका मन
प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ बलिया यूपी)
बलिया(उत्तर प्रदेश) के सिकंदरपुर स्थित शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान गंगोत्री देवी इंटर कॉलेज में बच्चों ने शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही जोशो-खरोश व धूमधाम के साथ पारंपरिक तरीके मनाया गया। इस मौके पर रंग बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने एक से बढ़कर एक राधा कृष्ण की बेहतरीन झांकी प्रस्तुत की। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व की विशेष महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। इस विशेष अवसर पर विद्यालय के छात्र छात्राओं ने राधे कृष्ण झांकी, डांडिया नृत्य, श्री कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को अपने नख पर उठाना, कालिया नाग के मस्तक पर श्रीकृष्ण का नृत्य, माखन चोरी का मनमोहक दृश्य, गोपियों द्वारा श्री कृष्ण की शिकायत, मां यशोदा द्वारा श्री कृष्ण को ओखली से बांधना, वासुदेव द्वारा श्री कृष्ण भगवान को यमुना नदी पार कराना व राधे कृष्ण तथा कृष्ण बलराम की जोड़ी के शानदार प्रस्तुतिकरण के दृश्य को देखकर समूचा माहौल भक्तिमय हो उठा साथ ही नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, जैसे सुमधुर भजनों और कान्हा के जय जयकार से गंगोत्री विद्यालय परिसर मानो मथुरा व वृंदावन धाम हो गया हो। इस कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों को मुरली, मोरपंख, माखन, मिश्री जैसे शब्दों से परिचित कराया गया तथा कृष्ण के विभिन्न नाम जैसे कृष्णा, गोपाल, लल्ला जी, मुरलीधर,मधुसूदन,माधव,कान्हा,मोहन के बारे में बताया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के प्रबंधक डॉ. नरेंद्र प्रसाद गुप्त रहे। इस अवसर पर बच्चों ने बढ़ चढ़कर दही हांडी का भी आनन्द लिया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने कक्ष के बाहर बोर्ड पर राधा कृष्ण तथा उनसे जुड़ी वस्तुओं के चित्र बनाकर अध्यापकों और अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यालय के प्रबंधक डॉ नरेन्द्र प्रसाद गुप्ता व प्रधानाचार्य राजेश कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व से हमें अपने कर्तव्यों को पूरा करने तथा बिना किसी स्वार्थ के कर्म करने सहित समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने की प्रेरणा मिलती है। कहा कि हमें यें प्रण भी लेना चाहिए कि बिना किसी फल की चिन्ता किये हुए ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिये। तभी हम जीवन में सफल रहेंगें। इस दौरान हजारों की संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्राएं व शिक्षक गण मौजूद रहें।

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