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खाद्यान्न घोटाले में ग्राम विकास अधिकारी गिरफ्तार

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प्रदीप बच्चन(ब्यूरो चीफ बलिया यूपी)
बलिया (यूपी) के चर्चित खाद्यान्न घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन वाराणसी टीम ने सोमवार रात ब्लॉक दुबहड़ के ग्राम विकास अधिकारी रविशंकर सिंह यादव पुत्र सत्यनारायण सिंह निवासी प्रोफेसर कॉलोनी, सिविल लाइन बलिया को मोतीनगर कॉलोनी बलिया से गिरफ्तार किया। अभियुक्त घोटाले के समय इसी पद पर ब्लॉक बेरुआरबारी में तैनात था।
खाद्यान्न घोटाले में पकड़ा गया
तहसील पत्रकार-डॉ०सैयद सेराज अहमद ने जानकारी देते हुए हमारे वरिष्ठ संवाददाता-प्रदीप बच्चन को बताया कि खाद्यान्न घोटाले के आरोप में ग्राम विकास अधिकारी को गिरफ्तार कर इनसे राजफाश कराने की तैयारी है। बताते चलें कि संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना का क्रियान्वयन सरकार की ओर से वर्ष 2002 से 2005 के मध्य बलिया में किया गया। इस कार्यक्रम को सही और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले के शीर्ष अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी।

योजना के तहत जिले के विभिन्न गांवों में मिट्टी, नाली निर्माण, खड़ंजा निर्माण, पटरी मरम्मत, संपर्क मार्ग व पुलिया निर्माण आदि श्रमिकों का चयन कर कराया जाना था। श्रमिकों को श्रम के बदले खाद्यान्न व नकद दिए जाने का निर्देश था। योजना में बड़े परियोजना पर घोटाला किया गया। इसकी एफआईआर जिले के विभिन्न थानों में दर्ज है।
इसकी विवेचना ईओडब्ल्यू वाराणसी कर रही है। घोटाले की विवेचना में पाया कि जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व कोटेदारों की मिलीभगत कर कार्य योजनाओं की पत्रावलियों पर पेमेंट आर्डर, मास्टर रोल व खाद्यान्न वितरण रजिस्टर में कूटरचना कर केंद्र सरकार के निर्देशों की अवहेलना की गई और इस योजना को चूना लगाया।
निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा और रविन्द्र प्रताप यादव के नेतृत्व में आई टीम ने ये गिरफ्तारी की। सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि अभियुक्त रवि शंकर सिंह यादव पर थाना सुखपुरा में एफआईआर दर्ज की गई थी। ब्लॉक के विभिन्न गांवों में ग्राम पंचायत अंश से योजना के तहत मिट्टी,नाली निर्माण,खडंजा, पटरी मरम्मत, सम्पर्क मार्ग ,सीसी और पुलिया निर्माण का कार्य कराया जाना था। कार्य मानक के अनुरूप नहीं और अपूर्ण पाया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्त की ओर से अन्य सहअभियुक्तों से मिलीभगत करके धोखाधड़ी, कूटरचित अभिलेखों के आधार पर शासकीय धन का गबन किया गया है। आरोपी को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम वाराणसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

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