अनिल सिंह ने सब्जी की खेती को बनाया लाभ का धंधा, बने लखपति

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
सफलता की कहानी
संभागीय मुख्लालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर ग्राम चटहा गांव के रहने वाले अनिल सिंह, जो पहले तक पारंपरिक खेती करते थे, आज सब्जी की खेती में एक नया मुकाम हासिल कर चुके हैं। उनके द्वारा की गई मेहनत और सही तकनीक के उपयोग ने सब्जी की खेती को एक व्यवसाय में बदल दिया है, और अब वह प्रति वर्ष 5 से 6 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं। श्री अनिल सिंह का कहना है कि मैंने कृषि विज्ञान केंद्र शहडोल जाकर कृषि वैज्ञानिको से आधुनिक तरीकों से सब्जी की खेती करने के संबंध में जानकारी प्राप्त की है। उनका कहना है कि मेरे पास 5 से 6 एकड़ जमीन है. ढाई से तीन एकड़ में वो सब्जियों की खेती करते हैं इसके अलावा गेहूं के सीजन में गेहूं और धान के सीजन में बाकी बची हुई जमीनों पर धान लगाते हैं। अनिल सिंह बताते हैं कि आधुनिक खेती के इस दौर में आउट सीजन खेती के कॉन्सेप्ट पर काम करना लगभग 5 साल पहले शुरू किया था। उन्होंने बताया कि ज्यादातर समय में फूल गोभी की खेती करते हैं, फूल गोभी के आउट सीजन में दाम बहुत अच्छे मिलते हैं, थोक रेट में 70-80 रुपए से ज्यादा मिल जाता है. इसके अलावा टमाटर हो गया, धनिया हो गई, मक्का हो गया, इन सभी फसलों की हम आउट सीजन में खेती कर रहे हैं. मौजूदा साल गर्मी के लिए अभी हमने फूलगोभी की खेती कर रखी है। अनिल सिंह कहते हैं कि अपनी इस खेती से वो सालाना 5 से 6 लाख रुपए तक मुनाफा कमा लेते हैं,जबकि उनके पास बहुत बड़ी जमीन नहीं है. कम जमीन पर ही सब्जी भाजी की खेती करते हैं लेकिन उसी से मुनाफा कमा लेते हैं।
Subscribe to my channel
Comments are closed.