जल है प्रकृति का अमूल्य उपहार

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने जल की एक-एक बूंद सहेजने किया बोरी बंधान कार्य
ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों तथा शासकीय सेवकों के समन्वित प्रयास एवं श्रमदान से अखड़ार नदी में दिखने लगी जल की धारा
कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत सहित जनपद के अमले ने किया श्रमदान
– जल है प्रकृति का अमूल्य उपहार। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल की एक-एक बूंद सहेजने के लिए जिले भर में विभिन्न स्थानों में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य किए जा रहे हैं। जनपद पंचायत जयसिंहनगर की ग्राम पंचायत कौआसरई के अखड़ार नदी की जल धारा ग्रीष्मकाल में मृतप्राय हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले तक नदी में बारहों महीनें जल धार प्रवाहित होती थी। जिससे गांव के लोग निस्तार एवं खेती में सिंचाई का कार्य कर लेते थे। धीरे-धीरे ग्रीष्मकाल में नदी की धार देख-रेख के अभाव में मृतप्राय हो गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आहवान पर पूरे प्रदेश के साथ-साथ शहडोल जिले में भी जल गंगा संवर्धन अभियान का संचालन जिला प्रशासन एवं समाज के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि अखड़ार नदी की जलधार को वापस लाने हेतु बोरी बंधान किया जा सकता है। ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित कर जनपद पंचायत जयसिंहनगर तथा कलेक्टर शहडोल डॉ. केदार सिंह को बोरी बंधान की तिथि नियत कर सहभागी बनने का आमंत्रण दिया गया। 21 मई को सायं काल कलेक्टर डॉ केदार सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री नरेन्द्र धुर्वे, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती प्रगति वर्मा तथा सीईओ जनपद पंचायत जयसिंहनगर शिवानी जैन अमले के साथ ग्राम पंचायत कौआ सरई में बोरी बंधान करने के लिए पहुंचे। वहां पहले से ही गांव के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं श्रमदान के लिए तैयार थे। देखते ही देखते दो घंटे के श्रमदान से बोरी बंधान का कार्य पूरा हो गया और नदी में जलधार फिर से दिखने लगी। नदी के बहाव क्षेत्र में पानी इकट्ठा होने लगा।
बोरी बंधान में जनपद अध्यक्ष श्रीमती मालती सिंह, तहसीलदार श्रीमती सुषमा धुर्वें, जनपद सदस्य श्री रामप्रसाद पयासी,, सहायक यंत्री श्री अशोक मरावी, एपीओ श्री मनोज मिश्रा, देवेन्द्र श्रीवास्तव, ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव सहित जन अभियान परिषद के सदस्य व ग्रामवासियों ने श्रमदान किया।


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