मलेरिया से बचाव हेतु घरो के आसपास जल का जमाव न होने दें

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर आयोजित किये गए कार्यक्रम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा के निर्देशन में विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर नगर परिषद बुढार सभागार एवं उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुढार में कार्यक्रम आयोजित किये गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं जनसामान्य को वर्षा ऋतु में मुख्य रूप से दूषित जल के उपयोग से होने वाली बीमारियों से बचने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी शहडोल श्री हनुमान प्रसाद नामदेव ने बताया कि वर्षाकाल में दूषित जल के सेवन से टाइफाइड, पीलिया, डायरिया, पेचिस एवं हैजा जैसी बीमारियां फैलती हैं। भोजन बनाने एवं पेयजल के उपयोग में शुद्ध उबला हुआ जल का उपयोग करें। कुछ भी खाने के पहले व शौच के पश्चात साबुन से अवश्य हाथ धोयें। पानी और अस्वच्छ आदतों से फैलने वाली बीमारियों में मोटे तौर पर दस्त, कृमि संक्रमण, त्वचा और आंखों के रोग, मच्छरों एवं मक्खियों से फैलने वाले रोग सम्मिलित हैं। बच्चों में दूषित पानी और खाद्य पदार्थों के कारण उल्टी-दस्त का प्रकोप अधिक गंभीर रूप धारण कर सकता है। सड़े-गले फल एवं खाद्य पदार्थाे का उपयोग न करें।
उन्होंने बताया कि बरसात में मलेरिया और डेंगू रोग भी फैलता है जिसमें मरीज को ठण्ड लगकर बुखार आता है। प्रायः खेत, तालाब, गड्डे, खाई, घर के आसपास रखे हुए टूटे-फूटे डब्बे, पुराने टायर, पशु के पानी पीने का नाद इत्यादि में बरसात के दिनो में जल जमा हो जाता है। जिसमें मच्छर के लार्वा पैदा होते हैं जो बाद में मच्छर बनकर रोग फैलाते हैं। मलेरिया से बचाव हेतु घर के आसपास जल जमा न होने दें, रूके हुए पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ ऑईल डालें। कूलर, फूलदान, फ्रिज ट्रे आदि को सप्ताह में एक बार अवश्य साफ करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। कीटनाशक का छिड़काव करवायें, मलेरिया रोग हो जाने पर खून की जांच अवश्य करायें एवं चिकित्सक की सलाह से पूर्ण उपचार लें। इस अवसर पर नगर पालिका अधिकारी बुढार श्री सौरभ श्रीवास्तव, एम टी एस श्री रामचन्द्र चतुर्वेदी बुढार, विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य लोग उपस्थित रहें।

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