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शासकीय योजनाओ व सेवाओं को एकीकृत एमपी ई- सेवा और मोबाइल ऐप का नागरिक उठाए लाभ

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विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट


एमपी ई-सेवा पोर्टल पर 22 विभागों की 500 सेवाएँ मिलेगी

आने वाले समय में 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाओं का मिलेगा लाभ

: – मध्यप्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाओं तक आसान, पारदर्शी और त्वरित पहुँच प्रदान करने के उद्देश्य से एकीकृत नागरिक सेवा मंच “एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप” का शुभारंभ किया गया है। यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच अब 56 विभागों की 1700 से अधिक शासकीय सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करायेगा। ‘एमपी ई-सेवा’ के माध्यम से वर्ष 2026 तक 100 प्रतिशत ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ई गवर्नेंस के जिला प्रबंधक ने बताया कि वर्तमान में 22 विभाग की 500 सेवाएं योजना के तहत प्रदान की जाएगी इसे और वृहद रूप देते हुए आने वाले समय में 56 विभागों की 1700 से अधिक शासकीय सेवाओं और योजनाओं को एक डिजिटल विंडो के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रदेश को देश के डिजिटल गवर्नेंस एनेबल्ड राज्यों में अग्रणी बनाने वाले इस पोर्टल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस ने विकसित किया है। इससे नागरिकों, विभागों और सेवाओं को एक ही डिजिटल ईको-सिस्टम में जोड़कर मध्यप्रदेश ने यह सिद्ध किया है कि डिजिटल गवर्नेंस ही गुड गवर्नेंस है।

नागरिकों के लिए एक पोर्टल, सभी सेवाएँ एकीकृत

एमपी ई-सेवा पोर्टल पर राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक नागरिक सेवाओं को एकीकृत कर दिया गया है। अब इन सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट पर लॉगइन करने और बार-बार दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप (एंड्रॉइड व iOS) के माध्यम से सभी सेवाओं के लिए पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस चैक करने के साथ ही अनुमोदन भी प्राप्त कर सकते हैं। एमपी ई-सेवा पोर्टल पर सभी चरण आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाण पत्र से सुरक्षित हैं। इससे प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस बन गई है।

‘एमपी ई-सेवा’ और ‘समग्र पोर्टल’ का एकीकरण

‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8-अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9-अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। यह एकीकरण नागरिकों की ऑटो-वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सक्षम बनाता है, जिससे पात्रता की पहचान स्वतः ही हो जाती है और दोहराव अथवा देरी नहीं होती है। ‘एमपी ई-सेवा’ की प्रमुख विशेषता ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ है, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड नहीं करने पड़ते। एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज़ आगे की सभी सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं।

सुगम, सुरक्षित और नागरिक केंद्रित ‘ऐप डिज़ाइन’

‘एमपी ई-सेवा’ पोर्टल का इंटरफ़ेस मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें बहुभाषीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही दिव्यांगजन के अनुप्रयोग को दृष्टिगत रखते हुए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इससे शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग आसान होगा। प्रारंभिक मूल्यांकन तौर पर इससे गवर्नेंस लागत में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आएगी साथ ही वर्ष भर में नागरिकों के 50 मिलियन घंटों की भी बचत होगी।

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