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सावधान! अंबाह में ‘कागजी महल’ बेच रहे भू-माफिया: बिना डायवर्सन धड़ल्ले से कट रही अवैध कॉलोनियां

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अंबाह। अगर आप भी अंबाह के आसपास सस्ता प्लॉट देखकर अपनी मेहनत की कमाई लगाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! शहर के चारों ओर इन दिनों ‘मिट्टी के भाव सोना’ बेचने का मायाजाल बिछाया गया है। पोरसा रोड हो या मुरैना रोड, दोहरी हो या उसेद रोड—हर तरफ लहलहाती खेती की जमीनों पर रातों-रात चूने की लाइनें डालकर ‘अवैध कॉलोनियों’ का खेल खेला जा रहा है।

एक अनार, सौ बीमार: एक ही जमीन, कई दावेदार!

इस खेल का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि जालसाज भू-माफिया एक ही सर्वे नंबर की जमीन को टुकड़ों में बांटकर कई मासूम खरीदारों को बेच रहे हैं। रजिस्ट्रियां तो हो रही हैं, लेकिन धरातल पर न बिजली का खंभा है, न पानी की पाइपलाइन और न ही निकासी के लिए नाली। सिर्फ कच्ची सड़कें बिछाकर खरीदारों को ‘स्वर्ग’ का सपना दिखाया जा रहा है।

प्रशासन ने कसी कमर: “बिना डायवर्सन, नो नामांतरण”
अवैध प्लॉटिंग के इस मकड़जाल को तोड़ने के लिए एसडीएम रामनिवास सिंह सिकरवार ने कड़ा हंटर चलाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि:

नामांतरण पर रोक: बिना वैध डायवर्सन वाली किसी भी जमीन का नामांतरण (Mutation) नहीं किया जाएगा।

तहसीलदारों को सख्त निर्देश: तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को साफ कर दिया गया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।

राजस्व का चूना: बिना डायवर्सन के चल रहे इस कारोबार से सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जिसकी भरपाई अब कॉलोनाइजरों से की जाएगी।
धोखे की फसल काट रहे कॉलोनाइजर
नियमों के मुताबिक कॉलोनी काटने से पहले डायवर्सन, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) से नक्शा पास कराना और बुनियादी सुविधाएं देना अनिवार्य है। लेकिन यहां तो नियम ‘ताक’ पर और प्लॉट ‘हाथ’ में वाला हिसाब चल रहा है। आम आदमी प्लॉट लेकर फंस रहा है और माफिया जेबें गरम कर रहे हैं।

विशेष अपील: कोई भी जमीन खरीदने से पहले उसके डायवर्सन और अवैध कॉलोनियों की सूची की जांच तहसील कार्यालय में जरूर करें। कहीं आपके सपनों का घर ‘अवैध’ के मलबे में न दब जाए।

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