वन सुरक्षा श्रमिकों के मानवाधिकार का हनन, हाईकोर्ट ने वन बल प्रमुख को 18 सितम्बर को व्यक्तिगत रूप से किया तलब। भट्ट,

अनूप शर्मा
मध्य प्रदेश स्थाई कर्मी कल्याण संघ के प्रदेश सचिव विनोद भट्ट के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया गया की मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी वकील उपलब्ध होने के बावजूद निजी अधिवक्ता नियुक्त कर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने पर वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक के रवैए पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि करदाताओं की गाड़ी कमाई से प्राप्त सरकारी धन की इस तरह बर्बादी स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बाल प्रमुख को हाईकोर्ट द्वारा 18 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला सतना जिले की वन समितियों से जुड़े 25 श्रमिकों की न्यूनतम वेतन से संबंधित है। हाई कोर्ट ने 22 सितंबर 2022 को इन मजदूरों को न्यूनतम वेतनमान देने का आदेश दिया था, इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए वन विभाग की ओर से पुनर्विचार याचिका सरकारी अधिवक्ता के बजाय निजी वकील के माध्यम से दाखिल की गई, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारी जनता के धन के संरक्षक है और उसके जवाबदेही से बच नहीं सकते।
हाई कोर्ट ने पूछा सवाल
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कोर्ट ने पूछा – शासकीय अधिवक्ता उपलब्ध थे तो निजी वकील क्यों नियुक्त किया गया और उसकी फीस सरकारी खजाने से क्यों दी गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक को यह भी बताना होगा कि निजी अधिवक्ता की नियुक्ति का निर्णय किस अधिकारी ने लिया तथा सरकारी धन पर पड़ी आर्थिक भार की जिम्मेदारी किसकी होगी। अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से बुलाए जाने पर की गई आपत्ति भी कोर्ट ने खारिज कर दी।
मध्य प्रदेश के वन विभाग में सुरक्षा श्रमिकों के मानवाधिकार का किया जा रहा हनन।
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मध्य प्रदेश में वन विभाग में कार्यरत सुरक्षा श्रमिक विभाग का 50% कार्य करते हैं, वर्षों से 24 घंटे अपने जान की परवाह किए बगैर वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा करते हैं, लेकिन आज भी इन्हें सामाजिक सुरक्षा नहीं दी जाती है,इन्हें समिति श्रमिक कहकर इनका अपमान किया जाता है जो मानवाधिकार के हनन की श्रेणी में आता है। वन विभाग के आला अधिकारियों के इस रवैए से श्रमिक समुदाय में काफी आक्रोश व्याप्त है ।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी से निवेदन है कि वन विभाग में कार्यरत सुरक्षा श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा जल्द से जल्द प्रदान करने की कृपा करें। जल्द समस्याओं का समाधान न होने पर मध्य प्रदेश स्थाई कर्मी कल्याण संघ बल्लभ भवन भोपाल में धरना प्रदर्शन करने हेतू बाध्य होगा ।

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