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एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी के साथ नौढिया प्रह्लाद पंचायत में हुई सोशल ऑडिट और जनसुनवाई,

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तहसीलदार की उपस्थिति में कोई सोशल ऑडिट और जनसुनवाई
तहसीलदार ने नहीं किया कार्यों का निरीक्षण भागे भागे आए और भागे भागे गए
सरपंच अमर बहादुर पटेल की तानाशाही चरम पर
सरपंच का चाचा यज्ञसेन पटेल कलेक्ट्रेट में है बाबू जिसकी देते हैं धौंस
कलेक्ट्रेट का बाबू बना सरपंच सरगना का मुख्य सिपहसालार
हारी थकी जनता को अब सामाजिक कार्यकर्ता का ही अंतिम सहारा

        ग्राम पंचायत नौढिया प्रहलाद जनपद पंचायत मऊगंज मैं दिनांक 23 सितंबर 2020 को सोशल ऑडिट और जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा गया जिसमें सैकड़ो लोग एकत्रित हुए और अपनी पंचायत की समस्याओं को मीडिया के समक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी के समक्ष और साथ में प्रशासन की तरफ से उपस्थित तहसीलदार के समक्ष रखी और पंचायती भ्रष्टाचार जांच की मांग की।  दिनांक 23 सितंबर दिन बुधवार को आयोजित सोशल ऑडिट और जनसुनवाई कार्यक्रम में केसरी प्रसाद पटेल, प्रदुमन प्रसाद पटेल, मुद्रिका प्रसाद पटेल, मुंशीलाल पटेल, लल्लन बंशकार बुलंद, खिलाडी चौधरी, बच्चू डोमार, दददी चौधरी, मनीष नामदेव, पर्वत कोल आदि लोग उपस्थित हुए।

  पंचायत में 50 लाख से अधिक के भ्रष्टाचार का अनुमान

    ग्राम पंचायत नौढिया प्रहलाद में अनुमानित तौर पर देखा जाए तो लगभग 50 लाख से अधिक राशि का बंदरवाट होना पाया गया है। 

   सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के दौरान जिन निर्माण कार्यों की चर्चा की गई उसमें से पीसीसी सह नाली निर्माण मुख्य मार्ग से दर्जी बस्ती तक जिसमें 3 लाख 72  हज़ार की निकासी बताई गई है। अगला कार्य मेन रोड से रमेश बसोर के घर तक सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के दौरान जिन निर्माण कार्यो की चर्चा की गई उसमें से 

ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि सार्वजनिक चबूतरा निर्माण के लिए 30 जून 2019 को 4 लाख रुपये की निकासी की गई थी लेकिन कार्य सरपंच ने अपने घर में करवा लिया है। इसी प्रकार हिन्छलाल कोरी के घर के पास नाली निर्माण और मंगलदीन पटेल के घर के पास भी नाली निर्माण के कार्य बताए गए हैं जिसकी 4 लाख 32 हज़ार रुपये की निकासी की गई है लेकिन न तो कहीं नाली है और न कहीं पीसीसी सड़क। इसी प्रकार दर्जनो अन्य कार्यों में अनियमितता देखने को मिली। इस प्रकार लगभग कुल मिलाकर 50 लाख के आसपास की व्यापक अनियमितता देखने को मिली।

    अप्रवासी ग्रामीणों के नाम बिना कार्य ही निकाली गई लाखों की राशि 

       बताया गया की शिव प्रसाद पटेल जो कि भोपाल में रहते हैं उनके नाम पर 10 लाख 86 हजार रुपए की राशि मनरेगा के माध्यम से निकाली गई है इसी प्रकार प्रदीप पटेल जोकि पीथमपुर में रहते हैं उनके नाम से भी 1136800 रुपए की राशि मनरेगा के माध्यम से निकाली गई है। बताया गया कि संदीप पटेल जो कि सरपंच के भाई हैं उनके नाम पर लगभग 10 लाख रुपये की राशि निकाली गई है। इसी प्रकार राधाबाई जो कि सरपंच की चाची हैं और उनके पति यज्ञसेन पटेल जो कि कलेक्ट्रेट में भी नौकरी करते हैं उनके नाम से भी 7536 रुपये की निकासी आरटीआई की धारा 4 के तहत साझा किए जाने वाले मनरेगा के वेब पोर्टल से प्राप्त हुई है इसी प्रकार एक अन्य व्यक्ति बृजलाल पटेल सरपंच के चचेरे भाई हैं और नौकरीपेशा हैं उनके नाम पर भी 5480 रुपये की राशि निकाली गई है।

   ग्रामीणों के सोशल ऑडिट और जनसुनवाई में तहसीलदार ने की आमद

      ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि उन्होंने सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के दौरान तहसीलदार के माध्यम से 23 सितंबर 2020 को ज्ञापन सौंपा जिसमें ग्राम पंचायत नौढिया प्रह्लाद में बुधवार के दिन किए गए सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के विषय में जानकारी दी गई। इस बीच पूर्व में अगस्त 2020 को संभागायुक्त, कलेक्टर रीवा, एवं जिला पंचायत सीईओ रीवा में केसरी प्रसाद पटेल के माध्यम से दी गई शिकायत के विषय में भी तहसीलदार को अवगत कराया गया। लेकिन सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति में तहसीलदार ने न तो शिकायत पर कोई विशेष तवज्जो दिया और न ही कोई विशेष आश्वासन दिया कि पंचायत की जांच करवाएंगे अथवा नहीं।  जिसको लेकर ग्रामीणों ने काफी रोष व्यक्त किया और इस बीच उपस्थित मीडिया कर्मियों के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यथा व्यक्त की और बताया कि हर बार कोई न कोई अधिकारी को लिखित शिकायत प्रस्तुत की जाती है लेकिन कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं देता है।

    कलेक्ट्रेट में बाबू की इतनी धौंस की सरपंच उसके दम पर भ्रष्टाचार पर उतारू

   बताया गया कि यज्ञसेन पटेल जो कि कलेक्टर कार्यालय रीवा में बड़े बाबू के पद पर पदस्थ हैं वह ग्रामीणों की शिकायतों को दबा देते हैं जिसकी वजह से भौतिक धरातल पर जांच नहीं हो पाती है जिसकी वजह से सरपंच को सह मिलने के कारण भ्रष्टाचार निरंतर दिन प्रतिदिन दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि करता जा रहा है और जो पैसा जनता और गांव के विकास के लिए ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आना चाहिए उस पैसे का सरपंच अमर सिंह पटेल और सचिव के द्वारा बंदरबांट किया जा रहा है। इस विषय में केसरी प्रसाद पटेल, प्रदुमन पटेल सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने जांच की मांग की है और यज्ञसेन पटेल को कलेक्टर कार्यालय से हटाकर अन्य दूसरे जिले में पदस्थ करने की मांग की है जिससे वह पंचायत में भ्रष्टाचार को बढ़ावा न दें और उनके पंचायत की जांच सही तरीके से हो पाए।

   क्या कहना है तहसीलदार का

   इस बीच जब उपस्थित तहसीलदार से मीडिया कर्मियों की बात हुई तो तहसीलदार ने विभागीय जांच करवाए जाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया है।

   यदि जल्द कार्यवाही और जांच नही होती तो जन आंदोलन किया जाएगा

  पंचायत विभाग द्वारा आरटीआई की धारा 4 के तहत साझा की गई वेबपोर्टल में जानकारी एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त पुख्ता प्रमाणिक दस्तावेजों के आधार पर ग्रामीणों द्वारा सोशल ऑडिट एवं जनसुनवाई में आमंत्रित किए गए सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा बताया गया की शिकायत को और साथ में 23 सितंबर 2020 को आयोजित की गई सोशल ऑडिट और जन सुनवाई के दौरान उठी हुई समस्त बातों को जिला कलेक्टर रीवा एवं सीईओ जिला पंचायत रीवा के समक्ष लिखित तौर पर रखा जाएगा और इसकी जांच करवाए जाकर कार्यवाही की मांग की जाएगी। एक्टिविस्ट द्विवेदी ने बताया कि यदि प्रशासन कार्यवाही नही करता तो जन आंदोलन किया जाएगा।

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