घर मे घुसकर महिला से गाली गलौज करने पर भाजपा युवा नेता पीयूष पटेल व अन्य पर दर्ज हुआ था मामला

स्वयं पर मामला दर्ज होने पर दूसरे दिन पीयूष पटेल ने करवाई अपनी पत्नी से राजा तिवारी पर झूंठी शिकायत
भाजपा जिलाध्यक्ष थाने में समझौता कराने बना रहे थे दवावसमझौता न होने पर दवाब देकर दर्ज कराया राजा पर झूँठा मामला*
उपचुनाव में जातिगत मुद्दा बनाकर प्रभाव डालने युवाओं ने की थी तैयारी
अनूपपुर। जिला मुख्यालय अनूपपुर में राजनीति की छत्र छाया में कुछ आपराधिक तत्व के युवाओं के बढ़ते अपराधिक हौसले से अब लोग सुरक्षित नही है। छोटे छोटे मुद्दों को बड़ा स्वरूप देकर जातिगत विवाद का माहौल खड़ा करने रैली जुलूस झुंड बनाकर किसी की भी दुकान जला देने लुटवाने व बाद में युवाओं की संख्या एकत्रित कर झुंड में सबसे आगे नेताओं की जय जयकार लगाने वाले कुछ युवा नेताओं के हौसले अब दिनों दिन बढ़ रहे हैं। शरारती तत्वों के हौसले इतने बुलंद हो गए है कि पहले बेवजह गुंडा टैक्स की करते हैं मांग और न देने पर रात में पी खाकर फोन से देते हैं धमकी फिर रात 10 बजे 50 लड़के लेकर किसी के घर मे घुस जाना गाली गलौच करके जान से मारने की धमकी देना इन युवा भाजपा नेता व युवा मोर्चा कार्यकर्ता पीयूष पटेल के लिए आम बात हो गयी है।
दिन में करते हैं भैय्या भैय्या रात में घर मे घुसकर करते हैं दैय्या मैय्या
ऐसी ही घटना जिला मुख्यालय पुरानी बस्ती वार्ड नं 13 में घटी जहां उमा तिवारी पत्नी स्वर्गीय शालिग्राम तिवारी उम्र 45 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 13 पुरानी बस्ती अनूपपुर म.प्र. ने कोतवाली अनूपपुर पहुँच कर पीयूष पटेल,गंगाराम पटेल व ज्ञानेंद्र राठौर पर घर मे घुसकर जान से मार देने की धमकी गाली गलौच देने का मामला पंजीबद्ध कराया हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार उमा तिवारी अपने पुत्र राजा तिवारी एवं बच्चे प्रियंका तिवारी के साथ कोतवाली में उपस्थित होकर बताई कि 5 अगस्त 2020 की रात करीब 10:00 बजे को मैं घर पर खाना खा कर आराम कर रही थी तभी उन्होंने घर के बाहर हल्ला गुहार हो रहा था आवाज सुनाई दी कुछ देर बाद दरवाजा खटखटाने की आवाज आई तब वो अंदर से आवाज लगाई की कौन हो और घर की खिड़की से बाहर देखी तो पीयूष पटेल पिता केशव पटेल निवासी बैरीबाँध अपने हाथ रॉड लिए हुए, ज्ञानेंद्र राठौर पिता सीताराम राठौर हाथ में लाठी लिए एवं उसका साथी गंगाराम पटेल अनूपपुर खड़े थे जो अक्सर उनके घर मेरे उनके पुत्र राजा तिवारी के पास जमीन खरीदी बिक्री के संबंध में आया जाया करता था जिन्हें वो अच्छी तरह जानती पहचानती थी वो लोग लोहे का रॉड से घर का ताला तोड़कर तीनों घर के अंदर घुसकर माँ बहन की बुरी बुरी गाली बकते हुए बोले तेरा लड़का राजा तिवारी कहा चला गया हैं इस समय बहुत नेतागिरी करता है आज उसे जान से खत्म कर देंगे तो वो बोली क्या हुआ हैं तो वो लोग फिर मल बहन की बुरी बुरी गाली दे रहे थे जो सुनने में उनको अच्छी नही लग रही थी और उसके लड़के राजा को बुलाने के लिए जल्दी बोल रहे थे कि बुलवा तब तुम्हारे घर के अंदर से बाहर आएंगे इतने में उनकी बेटी प्रियंका तिवारी जो दूसरे कमरे में पढ़ रही थी हल्ला सुनकर यह घटना को देखकर डायल हंड्रेड को फोन कर दी और फिर पुलिस आ गई तीनों पुलिस को देख कर भाग गए और बोल रहे थे बोल रहे थे कि तुम्हारा लड़का मिलेगा तो जान से मार देंगे उसके बाद उनका पुत्र जब घर आया तो घटना की जानकारी लगी और कोतवाली जाकर शिकायत दर्ज कराया।
घर मे घुसकर महिला से गाली गलौज करने पर पीयूष पटेल व अन्य पर गैर जमानती अपराध हुआ था पंजीबद्ध
उक्त घटना पर महिला के घर के गेट का ताला तोड़कर पीयूष पटेल व अन्य युवकों द्वारा प्रवेश करने महिला से गाली गलौज करने,बाड़े में खड़ी कार का कांच तोड़ने,महिला के पुत्र को जान से मारने धमकी देने के आरोप में पुलिस ने तीनों आरोपी और अन्य के खिलाफ धारा 458, 294, 506, 34 मामला पंजीबद्ध कर लिया है और तीनो और अन्य की गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है।
क्या है मामला
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार राजा तिवारी जमीन की खरीदी बिक्री का व्यवसाय करता है। व पीयूष पटेल पहले राजा तिवारी के लिए प्लाट वगैरह लाने का काम करता था। जिसमे किसी 23 डिसमिल के प्लाट के सौदे में पीयूष पटेल अपना हिस्सा 5 लाख राजा तिवारी से ले चुका था। वावजूद उसके धमकी घुड़की देकर 7 लाख रुपये और ले चुका है। जिसमे राजा तिवारी व पीयूष पटेल के बीच अब कोई लेनदेन बकाया नही है कि लिखा पढ़ी भी हो चुकी है जो दोनों पक्षों के पास है। वावजूद उसके जब कभी पीयूष पटेल दो पैग चढ़ा लिए तो राजा तिवारी को फोन लगाकर तै मोर हिसाब करीहे की नही की धमकी देता है। व रात विरात मारपीट करने पर आमादा रहता है। घटना दिनांक 5 अगस्त को भी पीयूष पटेल, ने राजा तिवारी को फोन लगाकर पैसों की मांग किया। राजा तिवारी को मारने गंगाराम पटेल,पीयूष पटेल ज्ञानेंद्र राठौर व 50 अन्य लड़के लेकर रात्रि 10 बजे राजा तिवारी के घर पहुंचा व गेट का ताला तोड़कर बाड़े में अंदर घुसकर राजा तिवारी के न मिलने पर उसकी माँ के साथ गाली गलौज किया व राजा तिवारी को जान से मारने की धमकी दिया।
जिसपर महिला उमा तिवारी की शिकायत पर जब गैर जमानती मुकदमा कायम हो चुका है। तो पीयूष पटेल नेताओं से दवाब बनवाने मामले में समझौता करने दोस्त यारों को फोन लगवाकर दवाब बनाने का प्रयास कर रहा।
मुकदमा दर्ज होने के बाद दबाव बनाने पीयूष पटेल ने अपनी पत्नी से राजा तिवारी के खिलाफ रात 3 बजे घर मे घुसकर छेड़खानी करने की कराया है झूठी शिकायत
नेताओं की चौखट रगड़ने व मामले में समझौता न होते देख पीयूष पटेल ने अपने व अन्य के खिलाफ 5/9/2020 को रात 10 बजे के बाद कोतवाली में दर्ज हुई एफ आई आर क्र 0376 अपराध क्रमांक 458,294,506,34 से स्वयं को बचाने व अपने मुकदमे में समझौता कराने के लिए अपनी पत्नी द्वारा राजा तिवारी के खिलाफ रात 3 बजे घर मे घुसकर ब्लाउज फाड़कर,पत्नी के साथ छीना झपटी व छेड़खानी की झूठी शिकायत की गई है। दूसरे दिन 6/9/2020 को दोपहर 3 बजे कराई गई है। जिसपर पुलिस शिकायतकर्ता महिला का मेडिकल कराकर मामले की छानबीन कर रही है।
इसके पूर्व भी पीयूष पटेल द्वारा पिछले महीने 10/8/2020 को भी बैरिबान्ध निवासी एक महिला से एक फर्जी शिकायत राजा तिवारी के खिलाफ कराई गई थी। व मामले को निपटवाने 4 लाख के गुंडा टैक्स की मांग भी की गई थी।बाद में वो शिकायत जांच उपरांत झूठी पाई गई।
भाजपा जिलाध्यक्ष थाने में बना रहे थे समझौता कराने का दवाव
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार
भाजपा संगठन का एक बड़ा नेता थाने फोन लगाकर उक्त मामले में समझौता कराने का दबाव रहा है। पूर्व में भी इन बड़े नेता पर कई तरह के आरोप लगे हैं। जो मीडिया की सुर्खियों में भी रहे हैं। नेताजी के इस तरह के यूवाओ के नेतृत्व के लिए हमेसा चर्चा में भी रहे हैं। नेताजी द्वारा थाने में बार बार फोन लगाकर मामले में राजनीतिक दखल का प्रयास किया जा रहा। इस तरह राजनीतिक संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
उपचुनाव में जातिगत मुद्दा बनाकर प्रभाव डालने युवा नेता कर रहे तैयारी
पिछले दिनों सोशल मीडिया में की गई जातिगत टिप्पणी व पोस्ट के बाद उपजे विवाद में रात में थाने में उग्र प्रदर्शन व दूसरे दिन अनूपपुर नगर में प्रदर्शन दंगे होने की संभावना व कर्फ्यू की स्थिति निर्मित हो गयी थी। जिसपर शांति व्यवस्था बनाने पुलिस को मजबूरन लाठी चार्ज भी करना पड़ा था। झुंड में आये उपद्रवियों द्वारा जातिगत विवाद को तूल देने कुछ दुकानों में आगजनी व लूट की घटना भी की गई थी। जिसपर यह तीनों युवक सहित कई अन्य संदिग्ध की सूची में थे। जिसपर राजनीतिक दवाब के कारण मुकदमा दर्ज नही हो रहा था। कल कोतवाली पुलिस ने उक्त मामले में 452,427 का मुकदमा दर्ज कर तीनो युवकों को गिरफ्तार किए थे। उमा तिवारी की शिकायत पर दर्ज एफ आई आर पर पीयूष पटेल व ज्ञानेंद्र राठौर अग्रिम जमानत पर थे। पर बांड नही भरा गया था। गंगाराम पटेल उक्त मामले में फरारी में था।
अब अपने व अपने साथियों के द्वारा महिला के घर मे रात 10 बजे जाकर गाली गलौज करने पर दर्ज मामले में पर्दा डालने व अपने व अपने साथियों को पाक साफ साबित करने हिन्दू मुस्लिम विवाद के बाद अब पटेल व राठौर व ब्राम्हण के जातिगत विवाद को मुद्दा बनाकर उपचुनाव प्रभावित करने की इन युवा नेताओं की तैयारी व चर्चा चल रही है उक्त मामले में भी पीयूष पटेल व इसके साथी पुलिस रिकॉर्ड में संदिग्ध की सूची में हैं। फेसबुक में हुई जातिगत कमेंट्स पर घटना के दूसरे दिन सामंतपुर हनुमान मंदिर के पास स्थित एक दुकान से कपड़े की लूट की वीडियो कुछ लोगों द्वारा फेसबुक में डाली गई थी। जिसमें दवाब बनवाकर सोशल मीडिया में हुई पोस्टों को भाजपा नेताओं द्वारा डिलीट करवाया गया था। उक्त घटना के बाद नगर की शांति व्यवस्था कायम रखने व वोटबैंक बनाये रखने के लिए राजनैतिक दवाब में इन युवकों की गिरफ्तारी सम्भवतः नही की गई थी। मगर कांग्रेस की सभा मे अनूपपुर आगमन पर पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले में पत्थर बाजी की घटना पर युवा मोर्चा कार्यकर्ताओ के शामिल होने के सवाल पर जहां भाजपा ने पल्ला झाड़ लिया वही प्रशासन इस राजनीतिक विवाद को अपने मुड़ की बीछी नही बनाना चाहती थी। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कल अमरकंटक प्रवास के दौरान पुष्पराजगढ़ विधायक फुन्देलाल सिंह के निवास से आई जी शहडोल को दूरभाष से उक्त मामले में कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया था। बहरहाल प्रशासन कमलनाथ के वाहन पर पत्थरबाजी की घटना को नकारते हुए जहां अपने स्वयं के कानून व्यवस्था पर उठने वाले सवाल को समाप्त कर पल्ला झाड़ा वही उपद्रवियों पर को पुराने मामले में लपेटकर रगड़ दिए व गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिए।
जिला मुख्यालय में ऐसे आपराधिक तत्वों के बढ़ते हौसले व राजनीतिक संरक्षण का यही हाल रहा तो अपराधियो के हौसले बुलंद हो जायेगे और अपराध करने में थोड़ा भी डर नही रह जायेगा जिला मुख्यालय जहाँ पर पूरे जिले के आला अधिकारियों का डेरा रहता है वहाँ पर कुछ लोग कानून को अपने हाथ मे लेकर कानून की धज्जियां उड़ा रहे है। जिसपर प्रशासन को सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है। इस मामले में भले भाजपा अपना दामन साफ बताए मगर पूरे मामले में प्रशासन पर भाजपा जिलाध्यक्ष का कहीं न कहीं पूरा दवाब था। इस तरह के राजनीतिक पचड़े में अपनी लगातार उपस्थिति व दखलंदाजी के कारण ब्राम्हण समाज भी भाजपा से रुष्ट नजर आ रही। जिसका परिणाम आगामी उपचुनाव में भी देखने को मिल सकता है।

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