नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालश्रम प्रतिषेध अधिनियम के बारे में लोगो को किया गया जागरूक, आयोजित हुई शिविर।

“आदित्य सिंह राणा” शहडोल – आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल द्वारा ’नालसा की बच्चों के मैत्रीपूर्ण एवं उनके संरक्षण के लिये विधिक सेवा योजना के संबंध में प्रधान एवं जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्री व्ही.पी. सिंह के मार्गदर्शन में विधिक जागरूकता शिविर नालसा की बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015 के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर आज ग्राम पिपरिया तहसील सोहागपुर शहडोल में आयोजित किया गया।
शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री प्रदीप सिंह द्वारा योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि बच्चों को मूलभूत अधिकार प्राप्त हैं, जिनमें जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, संरक्षण का अधिकार और समाज में भागीदारी का अधिकार शामिल हैं। उन्हें संविधान में निहित देश के अन्य नागरिकों की तरह अधिकार प्राप्त हैं और संविधान के अनुच्छेद 22 के तहत विधि व्यवसाय की सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। साथ ही बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986, किशोर न्याय बालकों की देखरेख व संरक्षण अधिनियम 2015, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 एवं पॉक्सो अधिनियम 2012 के बारे में जानकारी, उनके द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अन्य योजनाओं जिला परिवार परामर्श योजना, जिला परामर्श योजना, अपराध पीड़ित प्रतिकार योजना, लोकोपयोगी सेवाओं की लोक अदालत के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 के तहत निशुल्क विधिक सहायता के प्रावधान और चाइल्डलाइन की प्रक्रिया व टोल फ्री नंबर 1098 व राज्य प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही इस शिविर में कलापथक द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालश्रम प्रतिषेध अधिनियम के बारे में लोगो को जागरूक किया।

इस शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग, समाजिक कल्याण एवं न्याय विभाग, शिक्षा विभाग, पशु विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पीएलव्ही सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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