MP Breaking- मृत्युशैया पर पड़े सोनू और मृतक कमलेश उपाध्याय के लिए न्याय की लड़ाई में अनशनकारियों के साथ शामिल हुए एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी//

जिले के नईगढ़ी में पिछले दिनों जोधपुर क्षेत्र के 2 युवाओं कमलेश उपाध्याय और सोनू उपाध्याय के ऊपर वहां के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और जनपद पंचायत नईगढ़ी के इंजीनियर हरीश शर्मा और उसके शागिर्दों के द्वारा स्कॉर्पियो चढ़ाकर मारने की घटना जिसमें कमलेश उपाध्याय मौके पर ही मर गया और सोनू उपाध्याय विंध्या अस्पताल में अपने जीवन और मौत के साथ संघर्ष कर रहा है को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय और सिविल लाइन रीवा में चल रहे परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनशन प्रदर्शन पर एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने एक बार पुनः अपना सहयोग प्रदान किया है।
सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार न्याय के पक्ष में उद्बोधन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता द्विवेदी ने दिनांक 27 मई 2022 को कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए परिजनों और अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और कहा कि वह इस लड़ाई में पीड़ित और न्याय के साथ में है। वह अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर आईजी कार्यालय पहुंचकर पुलिस महानिरीक्षक श्री वेंकटेश्वर से मुलाकात कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की माग की। आईजी ने जानकारी दी कि मामले में स्कॉर्पियो और इंजीनियर हरीश शर्मा के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया की थाना गढ़ में भारतीय दंड संहिता की धारा 277, 337 और 304क के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। इस बीच एक्टिविस्ट ने माग की कि मामले में इरादतन हत्या का प्रकरण बनता है क्योंकि इसके पहले सोनू और कमलेश उपाध्याय दोनों को वहां के इंजीनियर हरीश शर्मा और उसके साथियों के द्वारा धमकाया गया था और जान से मारने की धमकी दी गई थी।
मामले में एक्टिविस्ट ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की है और साथ में इंजीनियर हरीश शर्मा और उससे जुड़े हुए सभी आरोपियों के कॉल डिटेल मोबाइल लोकेशन साइबर सेल के द्वारा निकालकर मामले की तह तक जाकर जांच करने की माग की है। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा की अब क्योंकि प्रकरण दर्ज हो गया है इसे लिए बनशनकारी अपना अनशन समाप्त कर ले जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा की यह अनशन प्रकरण दर्ज करने तक ही सीमित नहीं है बल्कि अनशन मजदूरों को उनका मानवाधिकार दिलाने जिसमें उन्हें मजदूरी का अधिकार दिलाने और साथ में पीड़ित मृत्यु शैया पर पड़े हुए सोनू उपाध्याय का किसी अच्छे राष्ट्रीय स्तर के अस्पताल में इलाज करवाने का भी है। जब तक प्रशासन पीड़ित के लिए समुचित व्यवस्था नहीं करता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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