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MP//Rewa: धारा 8 के अपवाद लागू नही तो जानकारी प्राप्त करने के लिए लोकहित बताया जाना आवश्यक नहीं – शैलेश गांधी// एक रुपए शुल्क अधिक देने के कारण जानकारी रोकने पर मैंने लगाया 25 हजार रु का जुर्माना – सूचना आयुक्त राहुल सिंह// 106 वें राष्ट्रीय आरटीआई वेबीनार का हुआ आयोजन//

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सूचना के अधिकार कानून के जनजागरण को लेकर 106 वें राष्ट्रीय आरटीआई में वेबिनार का आयोजन दिनांक 3 जुलाई 2022 को सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 के बीच में परंपरागत तौर पर किया गया।

  यदि धारा 8 के अपवाद लागू नहीं तो जानकारी के लिए लोकहित बताया जाना आवश्यक नहीं – शैलेश गांधी 

    पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि आरटीआई कानून में यदि धारा 8 के अपवाद लागू नहीं होते हैं तो किसी भी प्रकार से जानकारी प्राप्त करने के लिए कारण बताया जाना आवश्यक नहीं है। उन्होंने देश के कई सूचना आयोगों के द्वारा जारी किए जाने वाले आदेशों पर चिंता जाहिर करते हुए उल्लेख किया कि आरटीआई अपील के निराकरण में बिना विचार किए जानकारी प्राप्त करने के लिए कारण और लोकहित दर्शाया जाना जैसे शब्दों का उपयोग किया जाता है लेकिन यह पूरी तरह से अनुचित और आरटीआई कानून के विरुद्ध है। पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त ने कहा की हमें जानकारी प्राप्त करने के लिए कारण बताया जाना आवश्यक होगा तो फिर कल अभिव्यक्ति के लिए भी कारण बताया जाना होगा।

एक रुपए अधिक भुगतान करने पर जानकारी रोकने पर विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को लगाया 250ल हज़ार रु का जुर्माना – सूचना आयुक्त राहुल सिंह 

    उधर कार्यक्रम में अपनी सहभागिता देते हुए कार्यक्रम के अध्यक्ष और वर्तमान मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने बताया कि अभी हाल ही में एक बिजली विभाग का मामला आया जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी से जानकारी मांगे जाने पर उन्होंने पहले तो जानकारी नहीं दी और धारा 7(1) का उल्लंघन किया और 3 महीने बाद जब जानकारी दी तो 4 रुपए फीस उपलब्ध करवाने के लिए पत्र जारी किया लेकिन आवेदक के द्वारा 4 रुपये के स्थान पर 5 रुपये की फीस जमा की गई जिसके बाद उन्हें जानकारी देने से मना कर दिया गया। जब मामला राहुल सिंह के संज्ञान में आया तो पता चला कि आवेदक ने एक रुपए पूर्व की फीस को भी जोड़ा था इसलिए उसने 5 रुपये की फीस दी थी लेकिन यह स्पष्ट था कि जिस प्रकार से जानकारी को जानबूझकर असदभावपूर्वक रोका जा रहा है वह गैरकानूनी था इसलिए उनके द्वारा 25 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया है

   इस प्रकार कार्यक्रम में देश के विभिन्न कोनों से सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपने अपने प्रश्न रखे और उनके जवाब पाए।

   कार्यक्रम में उत्तराखंड से आरटीआई रिसोर्स पर्सन वीरेंद्र कुमार ठक्कर ने भी आवेदकों के प्रश्नों के जवाब दिए। कार्यक्रम का संचालन एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी एवं अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा देवेंद्र अग्रवाल वरिष्ठ पत्रकार मृगेंद्र सिंह के द्वारा किया गया। 

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