खनिज विभाग को सुना खनन खनन
ठेकेदार करवा रहा अवैध उत्खनन
की पैसा बोलता है.? क्या है मौत का इंतजार.?

उमरिया। शहडोल संभाग में अवैध रेत उत्खनन के सांथ रेत माफियाओं की सह पर हत्याओं का सिलसिला बदस्तूर जारी है अवैध उत्खनन की निर्भीकता का प्रत्यक्ष उदाहरण है उमरिया जिले की बाबा महाकाल मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड का वैध की आड़ में अवैध रेत उत्खनन,भंडारन, परिवहन व सभी माप पैमानों को ताक में रखकर बस रेत से धन धनाधन धन कमाना । ज्ञात है कि शहडोल संभाग में इसी रेत के काले कारोबार के कारण हाल ही में दो सरकारी मातहतों की जान चली गई रेता का काला कारोबार अब रक्त से लाल हो लालरेत कारोबार हो चुका है हांलांकि पुलिस प्रशासन तत्काल सजग हो ताबड़तोड़ कार्यवाहियां कर रहा है मगर इसके ठीक विपरीत उमरिया जिले का खनिज विभाग द्वारा बाबा महाकाल मिनरल्स प्राइवेट कंपनी के लीज होल्ड चैन सिंह शेखावत को चैन से अवैधानिक रूप से उत्खनन करनें की छूटें दे रखीं हैं स्पष्ट है की अभी बहुत से खदानों की लीगल परमिशन नहीं मिली है। कुछ खदानों की ही ट्रांजिट पास जारी हुई है फिर भी रेत खदान करकटी जो कि जनपद पंचायत पाली क्षेत्र में आता है। वहां की ईटीपी काट कर मानपुर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाली रेत खदान सलैया से अवैध उत्तखनन किया जा रहा है।
कर रहे हैं राजस्व की चोरी :- रेत ठेकेदार द्वारा नदी में मशीनों द्वारा स्वीकृत रकवे से हट के उत्खनन कर एनजीटी के नियमों को ताक में रख खनिज विभाग की सह पर अवैधानिक रूप से रेत का उत्खनन कर राजस्व की चोरी कर रहे हैं।
बंदूक लेकर घूमते है गुर्गे:-
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व होने के बाद भी कंपनी के गुर्गे खुलेआम बंदूक लेकर घूमते हैं जबकि टाइगर रिजर्व क्षेत्रों पर बंदूक लेकर घूमना पूर्णत प्रतिबंधित है।
मिली भगत से हो रहा खेल:- क्षेत्र में रात भर चैन माउंटिग मशीनों द्वारा नदी का शीना फाड़ उसके मूल स्वरूप से बलात्कार किया जा रहा खुलेआम अवैध उत्खनन हो रहा है प्रति रात्रि पचासों हाइवा व डंफरे धड़धड़ाते रोड़ को रौंदते निकल रही क्या स्थानीय प्रशासन शासन को खबर नहीं यह बात तो मात्र एक लतीफ़ ही कहलायेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है:-
1. रोजाना 100 200 गाड़ियां निकलती हैं 200 ट्रैक्टर तो यही से निकलते हैं यहां हलफन भदार और एक नाला है पुलिस प्रशासन और खनिज प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता खेत कट रहे हैं पानी नहीं मिल रहा है सिंचाई को, जमीन बंजर पड़ी है कोई सुनने कहने वाला नहीं है।
2. रेत की अवैध उत्खनन से पानी नीचे चला गया है सिंचाई नहीं हो पा रही है पनपथा वाले रेंजर साहब आए थे तब काम बंद था मगर जब वह चले गए तो काम फिर से चालू हो गया यहां लोकल ट्रैक्टरों द्वारा रेत ढुलाई हो रही है
कब जागेंगे जिम्मेदार:- रेत माफियाओं द्वारा इस प्रकार अवैध उत्खनन होता रहा तो शहडोल में जिस प्रकार दो सरकारी मातहतों ने अपना कर्तव्य निभाते हुए जान दे दी उसके बाद सभी जिम्मेदार नींद से जाग कर सजग प्रहरी बने हुए हैं कहीं ठीक उसी प्रकार उमरिया जिले के कोई कर्तव्य निष्ठ मातहत जाग गए ओर अपना कर्तव्य निभाने आधी रात को निकल पड़े तो भगवान न करे खनिज विभाग से कृपापात्र कथित रेत व्यवसायियों की अमानवीयता का शिकार न हो जाना पड़े ओर फिर उसके बाद स्थानीय सजग प्रहरी अपनी गहन निद्रा से जागें ओर लग जाएं अपने कर्तव्य पथ पर ..?

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