पत्रकारिता मे रुचि रखने वाले,नबोदित पत्रकारों को मुर्गा बना रहे हैं फर्जी चैनल व अख़बार वाले,रहें सावधान,लग सकता है चुना…?

प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ बलिया यूपी)
न्यूज चैनल व अख़बार मे ज्वॉइन होने की प्रक्रिया कुकुरमुत्ते की तरह फैल रही है।चैनल व समाचार पत्र की आड़ मे फर्जीवाड़ा उजागर होने की बात सुनी जा रही है।
सुना जाता है कि कुछ लोग अख़बार व चैनल के नाम पर,सीधे साधे लोगों को धूर्त बना कर, ठगी कर रहे हैं। बताया जाता है कि कुछ लोग पत्रकारों की आवश्यकता है बता कर पैसों का डिमांड करते हैं।जैसे-सुना जा रहा है कि पैसे भेज देने व उनको अकाउंट मे पहुंच जाने के बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हों जाता हैं। समाचार प्रेषित करने के उपरांत चैनल या अख़बार में,स्थान नहीं मिलने पर,सवाल पूछे जाने पर,चैनल या अख़बार वाले यही बताते हैं कि “आपको समाचार लिखने ही नहीं आता है,सही ढंग से लिखा करें”इस तरह से बोल कर टाला जाता हैं।बताया जाता है कि फर्जी चैनल या अख़बार वालों का डिमांड ऐसा होता है मानों…?
खैर… उनका डिमांड निम्न होता है।जैसे
1: निम्नलिखित दस्तावेज भेजनें है👇
** आधार कार्ड
** फोटो
** सिक्योरिटी फीस जमा करने का प्रूफ
2* *मीडिया किट मे जो समान हम आपको देंगे*
* आईडी कार्ड
* कार व बाइक न्यूज़ स्टिकर
* चैनल विजिटिंग कार्ड
* माइक आईडी
* जोइनिंग लेटर
*3*नियम व योग्यता निम्नलिखित रहेंगी 👇*
* शिक्षा दसवीं से कम नहीं होनी चाहिए
* आप पर कोई आपराधिक केस दर्ज ना हो..
* आयु 20 साल से कम नहीं होनी चाहिए..
*4*फायदे व कमीशन कितना रहेगा 👇*
* सरकारी विज्ञापन पर 50% कमीशन मिलेगा
* गैरसरकारी विज्ञापन पर 40% कमीशन मिलेगा
*5* ज्वाइनिंग सिक्योरिटी फीस*
* तहसील रिपोर्टर फीस :2500
* जिला रिपोर्टर फीस : 5000
* जिला ब्यूरो चीफ फीस : 6500
फर्जी चैनल या अख़बार वाले विश्वास दिलाते है कि पैसे वापस मिल जायेगे। जबकि ऐसा वे लोग करते नहीं है। खैर,उन्हें किसी तरह से विश्वास तो दिलाना है न।
नोट : ये सिक्योरिटी फीस है कार्ड की वैलिडिटी खत्म होने के तुरंत बाद आपको वापिस मिल जाएगी, मीडिया किट चैनल की तरफ से दी जाएगी।*विज्ञापन, डोनेशन, जोइनिंग सिक्योरिटी फीस या इन्वेस्टमेंट करने के लिए सिर्फ चैनल का QR कोड़ ही इस्तेमाल करे या xxxxxx पर फोनपे, गूगलपे कर सकते है**हर पेमेंट पर गवर्मेंट टैक्स न्यू हैन निरंतर आपकी सेवा मे उपलब्ध है*पत्रकारिता में रुचि रखने वाले भाई/बहन आप मे काबलियत हैं तो आप अपना मुकाम अपने बल पर हासिल कर सकते हैं।बशर्ते आपमें सही गलत की परख हो।इन जैसे फर्जी चैनल या अख़बार वालों से सावधान ही रहे तो अच्छा है।ये लोग पहले चिकनी चुपड़ी बातें बोल कर,सीधे साधे लोगों को अपने झांसे में ले लेते हैं फिर,पत्रकार बनाने के लिए सबसे पहले डिग्री व डिप्लोमा (मास कम्युनिकेशन) करना जरूरी है।या फिर शब्दों की सही पकड़,कब, कहां, कैसे, क्यों की जानकारी होनी चाहिए।अपने क्षेत्र की सम सामयिक घटनाओं व राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी होना जरूरी है।जबकि पत्रकारिता में रुचि रखने वाले भाई/बहनों को सब पता होता है। फिर भी पता नहीं क्यों लोग सही/गलत की परख नहीं कर पातें हैं।
लेखक:प्रदीप बच्चन
वरिष्ठ संवाददाता,लेखक/निर्देशक/अभिनेता
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