भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

भाई दूज के पावन अवसर पर स्माइल वर्ल्ड सेवा मिशन बाघाजातिन ने बच्चों के साथ मनाया “भाई-पोटा उत्सव” — सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूँजा माहौल

3,829
Above News

कोलकाता। मानवता की सेवा और सामाजिक एकता के लिए समर्पित संस्था “स्माइल वर्ल्ड सेवा मिशन बाघाजातिन” ने 23 अक्टूबर को भाई दूज (भाई-पोटा) के पावन अवसर पर बच्चों के साथ एक विशेष “भाई-पोटा उत्सव” का आयोजन किया। इस अवसर पर संस्था के सभी सदस्य, पदाधिकारी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ दुर्गा और भगवान श्री कृष्ण के स्मरण के साथ की गई, जिसके बाद बच्चों ने गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। कार्यक्रम स्थल पर पूरे माहौल में उत्सव और उल्लास की भावना झलक रही थी।

संस्था के सचिव श्री पिनाकी चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में कहा —
“भाई दूज का पर्व केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रेम, अपनत्व और एकता का प्रतीक है। आज हमने उन बच्चों के साथ यह दिन मनाया है जिनके जीवन में खुशियों की कमी है, ताकि वे भी इस त्योहार का आनंद ले सकें। हमारा उद्देश्य हर बच्चे के जीवन में मुस्कान लाना है।”

इस मौके पर बच्चों को मिठाई, फल, अध्ययन सामग्री, और रंग-बिरंगे राखी-बैंड वितरित किए गए। साथ ही, संस्था की महिला स्वयंसेविकाओं ने बच्चों को सांस्कृतिक परंपराओं, भाईचारे और नैतिक मूल्यों के महत्व के बारे में प्रेरणादायी बातें बताईं।

संस्था की अध्यक्ष ने कहा —
“हमारे लिए हर त्यौहार समाजसेवा का अवसर है। जब कोई बच्चा खुशी से मुस्कुराता है, वही हमारे लिए सच्ची पूजा होती है। ‘भाई-पोता उत्सव’ हमारी परंपरा और मानवीय भावनाओं को जोड़ने का एक प्रयास है।”

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने मिलकर “हम सब एक हैं” गीत गाकर एकता और प्रेम का संदेश दिया। संस्था की ओर से यह भी घोषणा की गई कि आने वाले समय में “मुस्कान के संग” नामक एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को साथ जोड़कर खुशियाँ बाँटी जाएँगी।

पूरे आयोजन में “सेवा ही सच्ची पूजा है” की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी, और भाई दूज का यह पर्व स्माइल वर्ल्ड सेवा मिशन बाघाजातिन के प्रयासों से बच्चों के चेहरों पर सच्ची मुस्कान छोड़ गया।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper