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मुरैना RTO चेक पोस्ट या ‘वसूली का अड्डा’? रात के अंधेरे में 25 हजार का खौफ दिखा उड़ा रहे जेब!

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खाकी के साये में ‘हाईवे डकैती’! ग्वालियर मेला देखकर लौट रहे चालक से RTO कर्मचारियों ने की अवैध वसूली।

ग्वालियर मेला देखकर लौट रहे कार चालक से अवैध वसूली; मैडम RTO ने फेरा मुंह, नहीं उठाया फोन!
मुरैना। नेशनल हाईवे पर स्थित मुरैना RTO चेक पोस्ट इन दिनों नियमों के पालन के लिए नहीं, बल्कि ‘अवैध उगाही’ के लिए सुर्खियों में है। ताजा मामला 23 फरवरी की दरम्यानी रात का है, जहाँ ग्वालियर से मेला देखकर धौलपुर लौट रहे एक कार चालक को RTO कर्मचारियों ने अपना शिकार बनाया। रात के सन्नाटे में खाकी और रसूख का डर दिखाकर आम आदमी की जेब पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है।
25 हजार का ‘डर’ और 1000 की ‘डील’
घटना रात 2:15 से 2:45 के बीच की है। कार चालक को रोककर कागजों की जांच के नाम पर धमकाया गया। कर्मचारियों ने सीधा फरमान सुनाया— “तुम्हारे कागज पूरे नहीं हैं, 25,000 रुपये का चालान कटेगा।” भारी-भरकम जुर्माने का डर सुनकर जब चालक सहम गया, तो मामला ‘सेटिंग’ पर आ गया। अंत में 1000 रुपये की अवैध वसूली कर उसे जाने दिया गया। सवाल यह है कि क्या चेक पोस्ट पर रसीद कटती है या सीधे जेब भरी जाती है?

किसके ‘आशीर्वाद’ से फल-फूल रहा है यह खेल?
रात के अंधेरे में होने वाली इस वसूली ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या RTO के उच्च अधिकारियों को इस ‘लूट’ की खबर नहीं है?

या फिर यह पूरा खेल ऊपर से नीचे तक की ‘मिलीभगत’ का हिस्सा है?

क्या चेक पोस्ट पर तैनात कर्मचारी बिना किसी ‘बैक सपोर्ट’ के इतनी निडरता से उगाही कर सकते हैं?

साहब को फुर्सत नहीं, मैडम का फोन ‘नॉट रीचेबल’!
इस गंभीर भ्रष्टाचार के मामले में जब मुरैना RTO अर्चना परिहार का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने बार-बार कॉल करने के बावजूद फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा। जिम्मेदार अधिकारियों की यह ‘चुप्पी’ दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली होने का संकेत दे रही है।

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