भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

शहडोल में प्रशासनिक तानाशाही: अतिक्रमण हटाने के नाम पर खूनी खेल! CMO की जिद ने बाप-बेटे को मौत के मुंह में धकेला, हालत गंभीर

252
Above News

शहडोल, 28 जून 2026।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ प्रशासनिक संवेदनहीनता ने दो निर्दोष नागरिकों की जान को भारी खतरे में डाल दिया है। बुढ़ार रोड से न्यू बस स्टैंड के बीच चल रहे रोड चौड़ीकरण के दौरान नगर पालिका सीएमओ (CMO) निशांत सिंह ठाकुर की तानाशाही और बेरहमी के कारण एक दुकान की छत ढह गई, जिसमें दबकर एक ही परिवार के दो लोग लहूलहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
स्वेच्छा से सहयोग कर रहे थे लोग, फिर भी दिखाई ‘रंगबाजी’
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलपुरवा रोड निवासी अशोक गुप्ता ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि रविवार को प्रशासन की ओर से सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई की जा रही थी। स्थानीय निवासी कानून व्यवस्था का सम्मान करते हुए खुद अपने मकान और दुकानों का सामान हटाकर प्रशासन की मदद कर रहे थे।
दुकानदार पूरी तरह सहयोग कर रहे थे, लेकिन दोपहर लगभग पौने चार बजे जब अशोक गुप्ता के छोटे भाई सीताराम गुप्ता और बेटा रविकांत गुप्ता अपनी दुकान के अंदर से बचा हुआ सामान बाहर निकाल रहे थे, तभी मौके पर मौजूद सीएमओ निशांत सिंह ठाकुर ने इंसानियत को ताक पर रख दिया।
अंदर मौजूद थे लोग, सीएमओ ने चलवा दी JCB!
पीड़ित परिवार का आरोप है कि दोनों युवकों के दुकान के अंदर होने की जानकारी होने के बावजूद, सीएमओ ने जबरन जेसीबी ड्राइवर को दुकान गिराने का आदेश दे दिया। जैसे ही जेसीबी ने दुकान पर प्रहार किया, भरभराकर पूरी छत अंदर काम कर रहे सीताराम और रविकांत के ऊपर गिर गई। दोनों मलबे के नीचे बुरी तरह दब गए।
जनता का फूटा गुस्सा, मौके से भागे साहब
हादसे को देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। जनता ने तत्काल विरोध प्रदर्शन कर काम रुकवाया और मलबे में दबे तड़पते हुए दोनों घायलों को बाहर निकाला। गंभीर और लहूलहान हालत में दोनों को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
हैरानी की बात यह है कि जैसे ही स्थिति बिगड़ी और लोगों का आक्रोश बढ़ा, खुद को घिरता देख सीएमओ निशांत सिंह ठाकुर अपनी पूरी टीम के साथ मौके से रफूचक्कर (फरार) हो गए।
कड़कती धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग
पीड़ित अशोक गुप्ता ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘जान से मारने का सोची-समझी साजिश’ करार दिया है। उन्होंने कोतवाली पुलिस को आवेदन सौंपकर निरंकुश और असंवेदनशील सीएमओ व उनकी टीम के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) जैसी संगीन धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बेबाक शक्ति का सवाल:
क्या विकास के नाम पर आम जनता की जान लेना जायज है? क्या अपनी ही जनता को मलबे में दबाकर भागने वाले ऐसे रसूखदार अधिकारियों पर शहडोल पुलिस शिकंजा कसेगी या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
– ब्यूरो रिपोर्ट, बेबाक शक्ति न्यूज़।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper