बुढार-शहडोल NH-43 टोल प्लाजा पर 18 लाख रुपये नगद और लाइसेंसी पिस्तौल छीनने का प्रयास, जांच की मांग

विकास सचदेव की रिपोर्ट
बेबाक शक्ति न्यूज शहडोल:-विशेष रिपोर्ट: बुढार-शहडोल NH-43 टोल प्लाजा पर 18 लाख रुपये नगद और लाइसेंसी पिस्तौल छीनने का प्रयास, जांच की मांग शहडोल (मध्य प्रदेश): जिले के बुढार-शहडोल राष्ट्रीय राजमार्ग 43 (NH-43) पर स्थित टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों और चर्चा के घेरे में आ गया है। दिनांक 07 अक्टूबर 2026 की रात्रि करीब 9:20 से 9:30 बजे के बीच एक गंभीर घटना की शिकायत पुलिस के समक्ष दर्ज कराई गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले में शासकीय शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार और व्यवसाई रिशी सिंह (दिग्विजय सिंह) पिता स्व० श्री सुधाकर सिंह (निवासी- पुरानी बस्ती बुढार, हाल मुकाम सोहागपुर) ने थाना प्रभारी सोहागपुर एवं पुलिस अधीक्षक महोदय शहडोल को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्यवाही की गुहार लगाई है।क्या है पूरा मामला?रिशी सिंह (दिग्विजय सिंह) द्वारा पुलिस प्रशासन को दी गई शिकायत में उल्लेख किया गया है कि वे 7 अक्टूबर की रात अपनी थार गाड़ी से अनूपपुर जिले की शासकीय शराब दुकानों से संकलित ₹18,00,000 (अठारह लाख रुपये) नगद राजस्व राशि लेकर अपने शहडोल स्थित कार्यालय जा रहे थे।शिकायतकर्ता के अनुसार, बुढार-शहडोल NH-43 स्थित टोल प्लाजा पर अपने आप को टोल कर्मी बताने वाले कुछ लोगों ने जानबूझकर उनके वाहन को रोका। आरोप है कि इन व्यक्तियों द्वारा बदतमीजी करते हुए गाली-गलौज की गई और फोन करके पास के खेतों में छिपे 8-10 अन्य साथियों को बुला लिया गया। परिस्थिति को भांपते हुए रिशी सिंह ने अपनी सुरक्षा के लिए लाइसेंसी पिस्तौल निकाली और किसी तरह अपनी जान, नगदी ₹18 लाख रुपये तथा पिस्तौल बचाकर वहां से निकलने में सफल रहे।टोल प्लाजा के संचालन और सुरक्षा पर उठे सवाल:-शिकायत पत्र में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि उक्त टोल प्लाजा का संचालन सब-कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से कुछ संदिग्ध प्रवृत्ति के तत्वों द्वारा किया जा रहा है, जिससे आम राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इससे पूर्व भी इस टोल प्लाजा पर ट्रक ड्राइवरों के साथ मारपीट और लूटपाट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।CCTV और CDR जांच की मांग मामले में पूरी पारदर्शिता और सच्चाई सामने लाने के लिए पीड़ित पक्ष की ओर से मांग की गई है कि घटना के समय टोल प्लाजा के लेन नंबर 6 में लगे CCTV कैमरों की फुटेज तथा संबंधित व्यक्तियों के सी.डी.आर. (CDR) रिकॉर्ड्स की भली-भांति जांच की जाए। इससे घटना की सत्यता और योजनाबद्ध तरीके से की गई इस वारदात का सच स्पष्ट हो सकेगा।निष्कर्ष और निष्पक्ष दृष्टिकोण :जहाँ एक ओर रिशी सिंह (दिग्विजय सिंह) एक जिम्मेदार व्यवसाई के रूप में शासकीय राजस्व राशि की सुरक्षा करते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर टोल प्रशासन एवं संबंधित पक्षों के रुख पर भी पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और इस तरह की कथित लूट की साजिशों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा त्वरित एवं निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
रिपोर्टर: बेबाक शक्ति न्यूज, शहडोल।

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