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MP//Rewa// यूनियन बैंक मैनेजर लालगांव के आसपास दलालों का डेरा// बिना दलाली किसानों और गरीबों को नहीं मिल रहा लोन// मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की योजनाएं कागजों तक सिमटी//

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यूनियन बैंक लालगांव में किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योजनाओं के अंतर्गत गरीब उद्यमियों, छोटे दुकान वालों और अन्य विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिए जाने वाले बैंक कर्ज में दलाली का खेल निरंतर चल रहा है।      बताया गया कि जब किसान बैंक में केसीसी कर्ज लेने जाते हैं तो दलालों का डेरा लगा रहता है। सूत्रों के अनुसार वहीं पास ही स्थित सामने एक फोटोकॉपी की दुकान में संचालक के यहां यूनियन बैंक का मैनेजर बैठता है और लोगों से दलाली करवाता है। नाम न बताए  जाने के आधार पर एक किसान ने बताया कि जब वह केसीसी कार्य के लिए फॉर्म डालने गया तो वहां दो-तीन  दलाल उसे घेर लिए। दलालों ने कहा कि 10 प्रतिशत में आपको 3 दिन के अंदर कर्ज दे दिया जाएगा। इसी प्रकार कुछ अन्य छोटे दुकान वालों ने दुकान के लिए कर्ज के लिए बात की तो बताया गया कि प्रतिशत लगेगा तभी कर्ज मिलेगा। इस प्रकार छोटा बड़ा हर प्रकार कर्ज लेने वाला व्यक्ति यदि दलाली नहीं देता तो उसके कार्य को लटका कर रखा जाता है। आलम यह है यूनियन बैंक लालगांव का मैनेजर स्वयं भी दलाली करता है और उसके आसपास दलालों का डेरा लगा हुआ है। कर्ज़ न चुका पाने वाले लोगों के लिए भी दलाल लगे रहते हैं जो कुछ प्रतिशत पर पैसा देकर अगले 1 हफ्ते के भीतर पुनः कर्ज दिलवा देते हैं। इस प्रकार का खेल एक लंबे अरसे से चल रहा है। 
कर्ज के लिए कोटेशन बनाने वालों की दुकानों का नही कोई रता पता
   कोटेशन बनाने वाले दलाल अलग से है जो बिना किसी संस्था या बिना किसी दुकान के ही कोटेशन बना देते हैं। जबकि देखा जाए तो वह सामग्री उन दुकानों में होती ही नहीं है। इस प्रकार यदि जांच करवाई जाए तो जिन जिन लोगों को कर्ज दिया गया है और जहां से भी कोटेशन लिया गया है न तो उस कर्ज का समुचित उपयोग हो रहा है और न कोटेशन दिए जाने वाले वेंडर ट्रेडर्स का कोई अता पता है।     पीड़ितों ने इस विषय पर जांच की मांग की है और लालगांव यूनियन बैंक मैनेजर को तत्काल हटाए जाने एवं कार्यवाही किए जाने की मांग की है। 

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