रोकी जाये माफियों के नाम जन प्रतिनिधियों पर हो रही बदले की कार्रवाई? लोक प्रिय समाजसेवी को बनाया खनन माफिया, जबकि नहीं दूर-दूर तक सरोकार

शहडोल:- म.प्र. के मुख्यमंत्री इन दिनों माफियाओं को लेकर बेहद सख्त है निश्चित रूप से यह एक प्रशंसनीय कदम है, ऐसी कार्यवाही तो हमेशा होती रहनी चाहिए इससे समाज में अपराधियों के मन में शासन का भय बना रहता है |
ऐसा लगता है कि कही न कहीं उनका खुफिया यंत्र या तो कमजोर है? पूर्वाग्रह से ग्रसित है ? बदले की कार्रवाई में लिप्त है? या प्रशासन से कोई गलती हो रही है ?
शहडोल जिले में कोयला के भंडार-
शहडोल जिले में कोयले का अपार भंडार है SECL की कई कोयला खदाने है | काफी समय से कोयले का कारोबार होता रहा है | पूरे प्रशासन को इसकी जानकारी है | उमरिया से लेकर मनेन्द्रगढ़ तक कोयले के भंडार है | इसी का परिवहन करने के लिए हजारो ट्रांसपोर्ट कंपनी कार्यरत है एवं सैकड़ो लोगो को रोजगार मिला हुआ है | ऐसी ही एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का सञ्चालन जीविको पार्जन के लिए पं किशोरीलाल चतुर्वेदी करते आये है | अब धंधे में प्रतिस्पर्धा तो रहती ही है स्वाभाविक रूप से विरोधी भी रहते है |जो बिना मेहनत किये दुसरे से जलते है |और बुराई प्रशासन एवं भोपाल स्तर पर नेताओ से करते रहते है |
नहीं है कोई अपराधिक रिकॉर्ड :
हमारे संवाददाता ने पुलिस से मौखिक जानकारी प्राप्त की उसके अनुसार पं. किशोरीलाल चतुर्वेदी जी के ऊपर कभी भी किसी भी तरह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड हमें सन 1986 से आज तक नहीं मिला | विगत 35 वर्षो से किसी भी तरह की शिकायत नहीं होना कोई रिकॉर्ड नहीं होना और क्या सबूत चाहिए थे प्रशासन को किसी आदमी को सम्माननीय बताने के किये ? चतुर्वेदी जी वर्ष 2010 से 2015 तक जिला पंचायत शहडोल के “उपाध्यक्ष “ रहे है | और इसी मध्य प्रदेश शासन ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था |2015 से शहडोल जिले के जिला पंचायत के सदस्य है | विगत 12 वर्षो से तपस्वी का जीवन जीने वाले संत स्वरुप इतने सहज , सरल , संस्कारिक, सामाजिक ,राजनितिक व्यक्ति को “माफिया “ बताना और इस तरह फर्जी केस में फंसाना किसी बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा है |
प्रारंभ से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्त्ता –
पं. किशोरीलाल चतुर्वेदी प्रारंभ से ही भाजपा के विचारधारा के रहे है एवं पार्टी का कार्य किया है | जिनका प्रभाव पूरे शहडोल संभाग में रहा है | और तो और आस पास के जिलो में आज भी व्याप्त है | शहडोल संभाग की हर सीट पर जीत दिलाने वाले चतुर्वेदी जी ने इस बार भी शहडोल जिले की तीनो विधानसभा में भाजपा को जीत दिलाने के लिए दिनरात मेहनत की | चाहे श्री दलपत सिंह जी ,सांसद रहे हो ,श्री ज्ञान सिंह जी रहे हो या वर्तमान सांसद श्री मती हिमाद्री सिंह हो सबकी जीत में चतुर्वेदी जी ने मेहनत की है | चतुर्वेदी जी ने कभी भी किसी पद का कोई मोह नहीं किया पूर्व विधायक माननीय स्वर्गीय श्री लल्लू सिंह जी ने कई बार उन्हें पार्टी में पद दिलाने का प्रस्ताव दिया था परन्तु चतुर्वेदी जी ने विनम्रता से अस्वीकार कर एक कार्यकर्त्ता के रूप में कार्य किया |
ब्राह्मण सम्मान का भूंखा होता है ,
पार्टी के कनिष्ठो द्वारा वरिष्ठो का सम्मान न किये जाने से आहत होकर पं. जी ने संभाग की एक मात्र सामान्य सीट “कोतमा ” से अपना विरोध प्रकट करते हुए सपाक्स पार्टी के बैनर तले विधानसभा से अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की | परन्तु जब देखा कि कही पार्टी का नुकसान न हो उन्होंने स्वतः सभी को इकट्ठा कर भाजपा को जिताने का प्रयास किया |परन्तु गलत चयन के कारण भाजपा पूरे अनुपपुर जिले में चुनाव हार गयी | और कुछ गैर अनुभवी ,नए कुर्ता पायजामा धारी, धनलोलुप कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों ने वरिष्ट नेताओ को एवं माननीय मुख्यमंत्री जी को झूठी शिकायते कर इनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया |बाबा जी ने कभी भी भाजपा नहीं छोड़ी आज भी जब से भाजपा सरकार बनी है बाबा जी लगातार सभी मंत्रियो के कार्यालय एवं बंगले पर बैठकर संगठन एवं क्षेत्र विकास की चर्चाये करते रहे है |
कांग्रेस शासन के समय बनी थी बदले की सूची –
बताया जाता है कि कांग्रेश के शासन काल में बदले की कार्यवाही की सूची तैयार हुयी थी ,पुरे प्रदेश के भाजपा नेताओ का नाम कथित रूप से अपराधी एवं माफिया बनाकर परेशान किया गया था |पूर्व मंत्री श्री संजय पाठक का आलीशान रिसोर्ट बांधवगढ़ में गिरा दिया गया था ,उमरिया ,शहडोल समेत हर जगह कार्यवाही हुयी थी |
माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश –
प्रदेश के मुखिया माननीय शिवराज सिंह जी ने अपराध मुक्त मध्य प्रदेश अभियान चलाया है | जिसमे स्पस्ट निर्देश है कि आदतन अपराधियों,भू माफिया ,शराब माफिया ,कबाड़ माफिया जुआ सट्टा माफिया पर कार्यवाही की जाये |साथ में जिला प्रशासन को जो सूची पुलिस मुख्यालय से भेजी गयी है वह कांग्रेस सरकार के ज़माने की है जो सही नहीं है | जिसकी जाँच की जाकर प्रशासन को कार्यवाही करनी चाहिए थी | परन्तु शहडोल प्रशासन हमेशा की तरह इस बार भी बिना जाँच किये अपनी अकर्मण्यता को छुपाते हुए पूर्व में शहडोल के कई गणमान्य नागरिको एवं वकीलों को गुंडा घोषित कर गुंडा सूची निकाल चुका है और एक ही जाति विशेष (ब्राह्मण ) लोगो को निशाना बनाया गया है | ऐसी ही साजिश का शिकार हो रहे है पं.किशोरी लाल चतुर्वेदी जी |
साजिश के पहलू –
किशोरी लाल जी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है ?और स्थानीय चंद चाटुकार नेताओ को प्रशासन के सहयोग से बदला लेना है? तो क्या किया जाये ?लोगो ने साहेब सलाम कर कान भरने चालू किये कि हुजूर इसको किसी तरह निपटाओ | एक साहेब सलाम ने मौके का फायदा उठा ही लिया| जिसने गिट्टी रेता की करोडो की रोयल्टी चोरी की है| विश्वाश न हो तो हुजुर रिलायंस से जानकारी ले लीजिये | ऐसे व्यक्ति ने इस प्रकरण में राजनीति की है |
पुलिस कप्तान जी को आये मात्र तीन माह हुए है |हमेशा अपनी बेहद इमानदार छवि के लिए जाने जाते है | चंद पुलिस कर्मियों को आपस में चर्चा करते भी सुना है कि साहेब का प्रशासन हर जगह बहुत अच्छा रहा है |
प्रकरण क्र. 1
अपराध क्र.35/21 धारा 304, 4/21,201,3/4 में आरोपी विजय यादव को बनाया गया बताया जाता है कि इनकी JCB मशीन से 25.01.21कोई दुर्घटना हुयी थी | अगर यह दोषी है तो प्रशासन धन्यवाद का पात्र है कार्यवाही स्वागत योग्य है | लेकिन आपने एक 65 वर्षीय संत बाबाजी किशोरी लाल चतुर्वेदी जी को भी आरोपी बना दिया | शायद यह खदान इनको लीज में मिली थी ? इनके पट्टे की थी ? इसकी जानकारी तो प्रशासन को ही होगी ,JCB का भी मालिक तो एक ही होगा? लेकिन बाबा जी के पास तो मशीन भी नहीं है ? विगत एक माह से यह बाबा जी क्षेत्र के विकास के लिए भोपाल में डेरा डाले थे यह भी पूरा प्रशासन एवं जनता जानती ही है | घटना के आगे पीछे कही इनका कोई सरोकार नहीं था लेकिन इनको खनिज माफिया बनाना है कोई रिकॉर्ड भी नहीं है रिकॉर्ड तो बनाना पड़ेगा | यह साजिश नहीं तो क्या है ?
प्रकरण क्र.2 –
थाना अमलाई में वर्षो से कुम्भकरण की निद्रा में लीन खनिज विभाग के निरीक्षक कुलस्ते जी 29.01.21. एक तहरीर देते है कि बाबाजी किशोरी लाल चतुर्वेदीजी एवं पूर्व के 2 अन्य आरोपी सहित बाबाजी के ट्रांसपोर्ट का काम देख रहे एक सदस्य सहित कुल 4 लोगो पर 379.4/21,3/4 का एक मुक़दमा और बनाया जाय |घटना के आगे पीछे कही इनका कोई सरोकार नहीं था लेकिन इनको खनिज माफिया बनाना है कोई रिकॉर्ड भी नहीं है रिकॉर्ड तो बनाना पड़ेगा | यह साजिश नहीं तो क्या है ?
एक हफ्ते में 2 झूंठे केस बने है आगे और भी बनते रहेंगे हो सकता है इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ,जिला बदर की कार्यवाही न कर दी जाये? आतंकवादी भी प्रशासन घोषित न कर दे ? प्रशासन की तैयारी देखकर तो ऐसा ही लगता है ?
मुख्यमंत्री जी के निर्देश का हवाला देकर ,भोपाल के निर्देश बताकर जो भी किया जाय कम ही है| विधानसभा चुनाव में कोतमा में सपाक्स की टिकट पर चुनाव लड़ने का खामियाजा भुगताया जा रहा है। अब सच्चाई जो भी हो नहीं पता, लेकिन मौके पर यदि अभी भी किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी को पूरा मामला सौंपा जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
बदले की कार्यवाही का आरोप
जैसी कि जिले भर में जनचर्चा है कि पं. किशोरीलाल चतुर्वेदी एक लोकप्रिय जननेता है सामाजिक व जनसामान्य के बीच सीधे जुड़े और लोकप्रिय होने के कारण कई बार राजनीतिज्ञों की इच्छाएं हो जाती है जिसे पं. किशोरीलाल चतुर्वेदी हर बार पूरी नहीं कर पाते है इसी को लेकर उनके प्रति वैमनस्य का भाव पाले हुये शासन-प्रशासन में बैठे लोग मौके के इंतजार में रहते है। पता चला है कि इस बार भी ऐसा हुआ है जैसी की पूरे क्षेत्र में जनचर्चा है कि भोपाल का हवाला देकर जिला प्रशासन ने उन पर बिना जांच के जबरन मामला बनाकर दोषी बना कर अपराधी करार दे, राजनैतिक हत्या की कोशिश की है। पं. किशोरी लाल चतुर्वेदी स्थानीय चुनाव में भी अच्छा खासा प्रभाव रखते है। माना जा रहा है कि बीता चुनाव लड़ने से कई लोगो के राजनीति अरमान प्रभावित हुये होगेें। जिन्होने प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह के माफिया विरोधी मुहिम को एक अच्छा मौका समझ उनका नाम भी घसीट दिया।
सरकार पर न लगे बदले की कार्यवाही करने पर बट्टा-
माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही जरूरी है, इसको लेकर पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री के कदम की प्रशंसा भी हो रही है। भू-माफियाओं के बढ़ते आतंक के चलते प्रदेश के लगभग हर जिले में अरबोें रूपये की जमीन अतिक्रमण की चपेट में है। कई जगह तो सड़को तक के गलियों में तब्दील कर दिया गया है। इसी तरह पूरे प्रदेश की नदियों का सीना भी छलनी हो रहा है। समय से पहले ही बड़ी-बड़ी नदियां नालो में तब्दील हो रही है। रेत माफिया और गिट्टी मुरूम माफिया भी प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे है। इसी तरह कई जगह अवैध कोयला व छुई खदानो में जहां अँधाधुंध कमाई के चक्कर में न जाने कितनी जान जा चुकी है। वहीं कई जगह असली अपराधियों पर नकाब डालकर राजनीतिक साजिश के तहत बदले की कार्रवाई की जा रही है। पं. किशोरीलाल चचुर्वेदी के खिलाफ ऐसी ही बदले की कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में असंतोष की लहर है|पूरे एरिया में जनचर्चा है कि शहडोल जिले के सर्वमान्य और लोकप्रिय नेता व समाजसेवी पं.किशोरीलाल चतुर्वेदी के खिलाफ साजिश के तहत की गई कार्रवाई की यदि निष्पक्ष जांच हो जाती तो न केवल बहुत बड़ा खुलासा होता बल्कि शासन-प्रशासन में मुख्यमंत्री के निर्देशो की आड़ किस तरह की बदले की कार्रवाई की जा रही है उसको लेकर भी सच्चाई से खुद प्रदेश के मुखिया अवगत होते। इसके अलावा मुख्यमंत्री के फरमान के नाम पर बदले की कार्रवाई का नया खेल भी रूकता और निर्देश पर कार्रवाई का खुलासा होने के साथ ही दोषीजनों के पाकसाफ बच जाने का भी नया तरीका बे-पर्दा होता। काश प्रदेश के मुख्यमंत्री इसी एक मामले की जांच कराये तो उनके आदेश के नाम पर किये जा रहे सच भी उजागर हो पाते।

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