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ये कैसा ‘शिव का तांडव’ स्वास्थ्य विभाग का भ्रष्टअधिकारी कोविड काल में छान रहा मलाई

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मेरा बिल इंट्री करो नही तो ,कलेक्टर साहब से करवा दुंगा निलंबित 

एक तरफ मुख्यमंत्री जी माफियाओं, भ्रष्ट अधिकारीयो को10 फूट नीचे गाड़ने की बात कर रहे है। जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे लोग 10 फूट ऊपर हवा में उड़ रहे हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन अब खतरनाक मोड़ पर हैं। प्रदेश से रेत माफिया, भू-माफिया, लापरवाह अधिकारियों ,भ्रष्ट अधिकारीयों में खलबली मच गई है। वास्तव में यह शिव तांडव है। चंबल से नर्मदा तक रेत चोरों में सन्नाटा है। शराब माफिया छुपने लगे हैं। ऐसा समाचारपत्रों से और मीडिया के अन्य साधनों के प्रचार से दिखने लगा है। मुख्यमंत्री जी के एक संकेत पर वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया जा रहा है। लेकिन कुछ विभागों के छोटे अधिकारी व कर्मचारी इन माफियाओं के साथ मिले हुए हैं।एक आम आदमी क्या कर सकता है। आंसू की घूंट पीकर घर बैठ जाता है। भ्रष्टाचार अंतःसलिला की तरह निरंतर प्रवाहित होती रहती है और आप जैसे ईमानदार नेता घोषणायें करते रहते हैं वही उमरिया जिला स्वास्थ्य विभाग मे नोडल अधिकारी अनिल सिंह के द्वारा जम के भ्रष्टाचार किया जारहा वही जिसकी पहचान कलेक्टर से अच्छी हो फिर   किसमे है दम जो कार्यवाही करे ।

शहडोल | संभागीय मुख्यालय से लगे उमरिया जिले में स्वास्थ्य विभाग के रेगुलर  कर्मचारी सरकारी आवास के अभाव में प्राइवेट कमरे किराए पर लेकर रहने के लिए मजबूर हैं तो वही कोविड नोडल अनिल सिंह जो संविदा कर्मचारी हैं अपने रसूख का उपयोग कर सरकारी बंगला भी आवंटित करवा  लिए है कोरोना काल मे जहां लोगों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा है तो वही उमरिया के संविदा कर्मचारी कोरोना नोडल आपदा को अवसर में बदलते हुये लखपति हो गए वहीं मानसिक रोग की नोडल रश्मि धनंजय है उसके बाद भी  यह कार्यक्रम कागजो में इन्हीं के द्वारा किया गया है|
कोविड – 19 के नोडल अधिकारी के भ्रष्टाचार इनको कोविड – 19 के नोडल अधिकारी बनाया गया है जबकि ये संविदा में कार्यरत है इनके द्वारा आये दिन भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है, इसके पूर्व आयुष्मान योजना के अन्तर्गत नोडल अधिकारी में उस समय भी भ्रष्टाचार किया गया तथा जलवायु परिवर्तन का बजट आया था जिसमें कार्य कुछ नही हुआ है फर्जी बिल बाउचर लगाकर भुगतान स्वयं ले लिये है तथा आयुष्मान योजना में रू. 500000/- पांच लाख का बजट आया था उसको भी इनके द्वारा हजम कर लिया गया है इसी तरह कई कार्यक्रमो का बजट आया था जो कि ये सब उपरोक्त कार्य अधिकारियों को धोखा देकर कार्य किया इसी तरह तम्बाखू नियंत्रण महामारी नियंत्रण, पी. सी.पी.एन.डी.टी. का भी कार्यक्रम कलेक्टर साहब का नाम लेकर विभाग के नियमित एवं संविदा कर्मचारियों को भयभीत किया जा रहा है आये दिन छुट-पुट भ्रष्टाचारी की कक्षाये निरंतर लगते रहते है विभाग इतना मेहरवान है कि इनको डॉक्टर का बंगला संविदा कर्मचारी को एलाट कर दिया गया है। जबकि इनको किसी भी तरह से आवास दिये जाने का कोई प्रावधान नही है। इनके द्वारा काली कमाई इतनी कर ली गई है कि रू0 15,00,000/- पंद्रह लाख की फोर व्हीलर गाड़ी ली गई तथा लाखों की जमीन भी इसी कोरोना काल के पैसे में खरीदी गई है । इनके द्वारा जो भी कार्य पिछले व वर्तमान में किये गये है सभी फर्जी है तथा इस तरह की कमाई कर ताला नेश्नल पार्क में जाकर जाम छलकाते है |


कोविड नोडल अधिकारी अनिल बना रहे स्टोर कीपर पर दबाव 


क्रमांक/पब्लिक हेल्थ/2020/158/ भोपाल दिनांक 23.12.2020 ।। 2. अपर संचालक, (पब्लिक हेल्थ) संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें म.प्र. भोपाल का पत्र क्रमांक/ पब्लिक हेल्थ/2020/156/ भोपाल दिनांक 23,122020 के संदर्भित पत्र के क्रम में लेख है, कि राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले को प्रशिक्षण / गतिविधियों किये जाने हेतू निर्देशित किया गया था। उक्त निर्देश के परिपालन में जिला स्तर पर जलवायु परिवर्तन एवं नानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण/ गतिविधियाँ की जा चुकी है, प्रशिक्षण/गतिविधि क्रियान्वयन में लंच तथा प्रशिक्षण आद पर व्यय हुआ है, व्यय उपरांत संबधित फर्मों के देयक भगतान हेतु प्रस्तुत किया गया था। उक्त देयकों को मेरे द्वारा विगत 15-20 दिवस के पहले आपके पास स्टाक में संधारण किये जाने हेतु भेजा गया था, राज्य स्तर से टेलीफोनिक निर्देश के अनुसार मेरे द्वारा कई बार आपको मौखिक बोला गया, लेकिन आज दिनांक तक आपके द्वारा उक्त देयकों को स्टाक में संधारण नही किया गया है। संदर्भित पत्रों के माध्यम से उक्त व्यय की बुकिंग दिनांक 30.12.2020 तक अनिवार्य रूप से किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है, अगर दिनांक 30.12.2020 तक व्यय की बुकिंग नहीं जाती है, तो उक्त राशि राज्य स्तर पर पुनर्विनियोजन के लिए चिन्हित की जायेगी। जिसकी संपूर्ण की जबावदेही आपकी होगी।


स्टोर कीपर ने भ्रष्ट अधिकारी की शिकायत 


राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आवंटित राशि के बुकिंग के संबंध में। पत्र क्रमांक/साभान्य/जल.वायुपरि,2021/1299उमरिया दिनांक 16.01.2021 एवं पत्र प्राप्ति दिनांक18.01.2021  संदर्भित पत्र के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है कि राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण एवं गतिविधियां किये जाने के निर्देश दिये गये थे। जिसमें यह लेख करना चाहूंगा कि मेरे द्वारा बजट की बुकिंग नहीं की जाती है एवं आप मेरे अधिकारी नहीं है न तो आप मुझे निर्देशित कर सकते और न ही कोई जवाबदेही निर्धारित कर सकते है। किसी भी प्रकार का निर्देश मुझे श्रीमान् मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उमरिया ही देगें उनके निर्देशों का पालन भलीभाति करता हू आपके जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम माह अक्टूबर 2020 में करा लिया गया था। कार्यक्रम के पहले ही सामग्री को स्टॉक में दर्ज कराना चाहिये था। किन्तु आपके द्वारा माह दिसम्बर 2020 के अंत में देयक प्रस्तुत किया गया उस समय मेरे द्वारा बार-बार सामग्री दिखाये जाने के लिया कहा गया परंतु आप के द्वारा दिखाया  नही गया। जिससे यह प्रतीत होता है कि आपके द्वारा सामग्री नहीं मंगाई गई ।आपके द्वारा जो भी देयक मुझे दिये गये थे उनकी सामग्री जिला औषधि भंडार गृह में नहीं आई है। बिना सामग्री के केवल देयक को प्रमाण मानकर स्टॉक में दर्ज करना संभव नहीं है। जो कि पूर्व में ही आपको मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। उक्त राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के देयक के अलावा भी आपके द्वारा मेरे पास फर्जी बिल भेजे जाते है जिसका समान न प्राप्त होने के कारण मेरे द्वारा इंट्री नहीं की जाती है। इंट्री न करने पर आपके द्वारा कलेक्टर महोदय का करीबी बताकर मुझे निलंबित कराने की धमकी दी जाकर दबाव बनाया जाता है कि इंट्री करे। फिर भी फर्जी बिलो का मेरे द्वारा इंट्री नहीं की गई है। अगर मेरे खिलाफ कोई भी कार्यवाही होती है तो मैं मानव अधिकार आयोग एवं माननीय न्यायालय की शरण में आपके विरुद्ध जाने हेतु विवश होऊगा। आप दबाव बनाकर मुझसे नियम विरूद्ध कार्य कराना चाह रहे है। कोई भी सामग्री आपके द्वारा जिला औषधि भंडार उमरिया में नहीं भिजवाई गई है। आपको यह अवगत कराया जाता है कि मुझे सीधे कोई भी प्रकार का पत्राचार न करें जो भी पत्राचार करना है तो मेरे अधिकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उमरिया के माध्यम से करना सुनिश्चित करें।

इनका कहना है 
मेरे उपर जो आरोप लगाये जारहे गलत है मै पुरी इमानदारी से काम कर रहा हूं स्टाप के लोग ही छुठी शिकायत कर के मेरी छवी खराब करने की कोशिश कर रहे हैं |
अनिल सिंह कोविड नोडल अधिकारी उमरिया

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